मध्यप्रदेश की राजधानी दिल्ली बताने वाले, महाकालेश्वर लोक गुजरात बताने वाले,मध्यप्रदेश में जिनको जिलों की संख्या नहीं पता.... @DrMohanYadav51 जी ऐसे फर्जियों को नियुक्ति देकर आप मध्यप्रदेश को बर्बादी की ओर धकेल रहे हो।
मोहन यादव जी पटवारी परीक्षा की नियुक्ति की प्रक्रिया आज ही रोककर मुख्यन्यायाधीश के नेतृत्व में विशेषज्ञों की SIT गठित करके कीजिए।
#MP_PATWARI_SCAM
#MP_में_15_लाख_दो_नौकरी_लो
#uppolicepaperleak
इतना खुश और इतना शांत कभी विपक्षी पार्टी के प्रवक्ताओं और नेताओं के सामने नहीं देखा इन्हे, अब तो गोदी मीडिया ने तटस्थ होने का ढोंग करना भी बंद कर दिया हैं और बेशर्मी ओढ़ ली हैं । #Shame#GodiMedia
सत्ता के आगे नतमस्तक, ‘चरणचाटू’ पत्रकारिता का स्तर देखिए…
गिरिराज सिंह चित्रा त्रिपाठी को ‘फूट डालने वाली मंथरा’ कह रहे हैं,
धमकी दे रहे हैं कि आपके एडिटर को आपके बारे में कुछ सोचना पड़ेगा
और चित्रा त्रिपाठी ऐसी बेइज़्ज़ती पर खींसे निपोर रही हैं 🥴
ये क्या पत्रकारिता करेंगे ???
प्रिय @Abhinav_Pan
माना तुम अच्छा लिख लेते हो.. कैमरे के सामने अपनी बात अच्छे से रख लेते हो.. लेकिन तुम्हारा मन बहुत मैला है..
चाहें @chitraaum हो या @RubikaLiyaquat .. दोनों ने हमेशा तुम्हारी हैसला अफजाई की है.. तुम्हें भाई माना लेकिन तुम उनके लिए इतना जहर भरे हुए हो.. शर्मनाक
एक शपथ यह भी लेनी चाहिए -अपने आप को ऊँची जाति कहने वाले लोग अपनी बहन बेटी की शादियां दलित आदिवासी समाज के साथ करवाने के लिए तैयार हो जाएँगे ?
रोटी बेटी का सम्बन्ध जरूरी है - तभी तो जातियाँ मिटेगी
है हिम्मत धीरेन्द्र ?
राष्ट्रीय पत्रकार न. 2
अब आपने सारे तर्क दे दिये तो ज़रा सरकार से बात करके इस कृत्य को हमला या घटना या ऐसे किसी शब्द का प्रयोग ना करने का notice जारी करने को बोलिये,
जब गड्ढा हुआ ही नहीं सड़क पर तो ये देश वाले क्या मरना मरना लगा रहे हैं, इन्हे 12 लोग दिख रहे बताओ, गड्ढा नहीं 🙏
BREAKING ANAYSIS of #RedFortBlast
सूत्रों के अनुसार :
🔹 ये सुसाइड मिशन नहीं बल्कि आकस्मिक धमाका था।
🔹 ये धमाका इरादतन नहीं, घबराहट में हुआ विस्फोट था।
🔹 IED अधूरी और गलत तरीके से जोड़ी गई थी, इसलिए नुकसान सीमित रहा।
🔹 घटनास्थल पर कोई गड्ढा या छर्रे नहीं मिलने का मतलब है बम पूरी तरह ऑपरेशनल नहीं था।
🔹 संदिग्ध के पकड़े जाने के डर से बम को हटाने या फेंकने की कोशिश में विस्फोट हुआ।
अरे राष्ट्रीय पत्रकार,
जिन सूत्रों को इतनी बड़ी घटना घट गयी और हवा नहीं लगी अब वहीं सूत्र उस मरे व्यक्ति के मन की बात बता रहे हैं की घबरा रहे थे #Shame#GodiMedia@dhruv_rathee भाई कोई तो गोली होगी ऐसी पत्रकारिता रोकने वाली? Please बता दो ना 🙂🙂
सूत्रों के हवाले से अब खबर ये आ रही है कि कल हुआ धमाका संदिग्ध के घबराने की वजह से हुआ। सुरक्षा एजेंसियों की देशभर में बढ़ी सतर्कता और कार्रवाई के चलते संदिग्ध को पकड़े जाने का डर था। इसी दौरान वह विस्फोटक को कहीं और ले जाने या नष्ट करने की कोशिश कर रहा था, तभी IED अचानक फट गया।
यह आत्मघाती हमला नहीं, बल्कि एक आकस्मिक विस्फोट था। कार उस समय चल रही थी और बम पूरी तरह तैयार भी नहीं था, इसलिए न कोई बड़ा गड्ढा बना और न भारी नुकसान हुआ।
एजेंसियों की पैन इंडिया अलर्टनेस और समय पर कार्रवाई से बड़ी वारदात टल गई।
अगर ये बद @AmanChopra_ रत्ती भर भी पत्रकार होता तो सवाल करता कि 350KG किलो RDX कैसे पहुंच गया? बैग ये पहुंचा? गाड़ी से पहुंचा? सुरंग से पहुंचा? या आसमान से बरसा है? लेकिन नहीं! यह ठहरा कुंठा ग्रस्त नफ़रती जॉम्बी इसलिए सवाल पूछने की इसकी हैसियत नहीं है। वरना ‘चौकीदार’ से पूछता कि देश में जगह-जगह सुरक्षा जांच मशीनें लगी हैं, रेलवे स्टेशन, मेट्रो, बस स्टेशन एयरपोर्ट सभी जगह सुरक्षा जांच मशीनें हैं। CCTV लगे हैं। इसके बावजूद इतने शातिराना तरीके से साढे तीन कुंतल आरडीएक्स पहुंचा कैसे? किसने पहुंचाया? इसके तार कहां से जुड़े हैं?
मधुबनी के एक गांव में लोगों को सुविधा और जवाबदेही से दूर रखने की एक ग़ज़ब तरकीब दिखी। इस हेल्थ सेंटर में पहले तो ताला लगा हुआ था, ऊपर से पदाधिकारियों के नंबर ऐसे लिखे थे कोई फोन ही न कर पाए। ये सब देखकर दुख होता है, योजनाएं बन भी जाएं तो मक्कार लोग उनका लाभ लोगों तक पहुंचने ही नहीं देते।
सब अपना काम ईमानदारी से करने लगें तो कितना कुछ बेहतर हो सकता है।
मुख्य चुनाव आयुक्त का लीजिये ना interview भैया !
Vote chori वाले मुद्दे का जांच पड़ताल करके सच झूठ स्पष्ट करिये ।
मीडिया अपने काम की जगह सत्ता पक्ष के जबाब देने में लगा हैं आप पर आँखें जमीं हैं अब
भाई साब आप bjp से पहले जबाब दे देते हैं
चाटुकारिता छोड़िये अभी भी वक़्त हैं...
इतिहास कुछ नाम कभी भूलता नहीं हैं
कोई कुछ कहता हैं तो जांच पड़ताल करना आपका काम हैं
आप ही लोग तो 2000 के नोट में चिप ढूँढ़ लाये थे अब दूसरे की बात में लॉजिक ढूँढ़ रहे गज़ब बेतुकी बात हैं
जिस व्यक्ति की समझ के हिसाब से Jio के मोबाइल से रील बनाने पर Adani के अकाउंट में पैसा जाता हो उस व्यक्ति के हाइड्रोजन बम में लॉजिक की तलाश करना हमारी गलती है और कुछ नहीं।
आने वाले कुछ दिनों में ये Gen Z को भी गरियाएँगे क्यूंकि इनके ठुस्सी बम देख वो सड़क पर उतरेगा नहीं और फिर ये निराशा में उसको भी अंट संट बोलेंगे आप लिख के रख लो।
@chayisquerajnit नया युवा एवं नये युवा नेता, सीनियर नेताओं से यही तो सीख रहे हैं कि असली विकास असली काम ऐसे ही होते हैं और शर्म की बात तो ये हैं कि जनता भी इससे खुश होने लगी हैं । समझ नहीं आता आख़िर बुद्धि कैसे हर ली गयी हैं।
@tcl_india मैंने tcl ka 55 inch qled TV order किया flipcart से, open box delivery नहीं थी तो मैंने box open नहीं किया जो install करने के लिए आए उन्होंने खोला और tv check की तो screen बुरे तरीके से damage थी video recording हैं तो उसपर replacment के लिए issue raise किया हैं
@NayakRagini@RahulGandhi जब ये रात में सोती होगी तो इनका ईमान सारी रात जागकर इन्हे देखता होगा और सोचता होगा कि घर से जाते वक़्त ये मुझे घर में क्यूँ छोड़ जाती हैं?