जाति और गरीबी:-गरीबी जाति नहीं अवस्था है। गरीबी से उठकर मध्यम फिर अमीर हो सकता है अमीर से मध्यम फिर गरीब हो सकता है। लेकिन जाति नहीं बदलती। जाति पैत्रिक होती है
मैं बार-बार लिखता हूँ कि एससी वर्ग के लड़के/लड़कियों को अंतर्जातीय प्रेम व विवाह और अन्तर्धार्मिक प्रेम व विवाह नहीं करना चाहिए।
ऐसा क्यों लिखता हूँ? पढ़िए -
सन 2019 में एससी वर्ग के अजितेश और ब्राह्मण वर्ग की साक्षी मिश्रा ने कोर्ट के माध्यम से अंतर्जातीय विवाह किया।
साक्षी मिश्रा बरेली के भाजपा नेता एवं पूर्व विधायक राजेश मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल की बेटी है।
साक्षी मिश्रा ने प्रेम सम्बन्धों के चलते एससी वर्ग के अजितेश से कोर्ट मैरिज की,जबकि साक्षी मिश्रा का परिवार इससे सहमत नहीं था।
साक्षी मिश्रा ने उस समय क़ई वीडीओ बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किए,जिसमें उसने अपने पिता पप्पू भरतौल,अपने भाई और चाचा से जान को खतरा बताया।
सन 2024 में साक्षी मिश्रा ने अजितेश के परिवार के ऊपर दहेज उत्पीड़न और मारपीट का आरोप लगाकर केस दर्ज करवाया।
दो दिन पहले अजितेश के पिता,जो बैंक से सेवानिवृत्त अधिकारी हैं,उन्होंने साक्षी मिश्रा द्वारा उनके परिवार व रिश्तेदारों पर फर्जी मुकदमा दर्ज करवाने की बात कही गयी है।
अजितेश के पिता ने बताया है कि साक्षी मिश्रा और अजितेश ने जब से भागकर शादी की है,तब से उनके परिवार की जिन्दगी नरक बन गयी है।
आये दिन फर्जी मुकदमें दर्ज कराए जाते हैं,जिसमें साक्षी की मदद उनका कोई रिश्तेदार करता है,जो भाजपा में है।
अजितेश के पिता ने बताया है कि वह और उनका परिवार साक्षी मिश्रा की वजह से मानसिक अवसाद में हैं। उनका जीवन मौत से भी बदतर गुजर रहा है।
एससी वर्ग के लड़के-लड़कियों से मैं फिर कह रहा हूँ कि शादी व प्रेम अपने ही समाज में करिए।
अगर एससी वर्ग के लड़के या लड़की अन्तर्जातीय प्रेम व विवाह और अन्तर्धार्मिक प्रेम व विवाह करते हैं,तो आपके परिवार और आपकी जिन्दगी तबाह होना निश्चित है।
सवर्ण गलत नही बोल रहे हैं. अंग्रेजों से पहले जातिवाद नही था.
रोबर्ट क्लीव जब भारत आया तो वो देखकर हैरान हो गया यहां ब्राह्मण और शूद्र एक ही थाली में खाना खाते हैं.
अंग्रेज जहां भी जाते वो देखते ब्राह्मण शूद्र का पैर छूकर उन्हें दान दक्षिणा देते. मंदिर के पुजारी और महंत शूद्र थे.
मैला ढोने का काम और मरे हुए पशुओं को फेंकने का कार्य ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य करते थे.
अंग्रेजों ने आकर सब तहस नहस कर दिया. सब चौपट कर दिया. जाति वर्ण अव्यवस्था में लोगों को बांट दिया. अंग्रेजों ने फुट डालो राज करो कि नीति के तहत जबर्दस्ती भले आदमी मनु से मनुस्मृति लिखवाई.
अंग्रेजों ने जो कुछ बहुत गलत किया. सवाल है अंग्रेजों की प्रथा का पालन क्यों किया जा रहा है. क्यों नही अंग्रेजों की गंदी प्रथा को खत्म कर वापस वही करना शुरू किया जाए अंग्रेजों के आने से पहले किया जा रहा था.
@KraantiKumar ये सूAर जो बोल रहा है उसका साक्ष इसके पास कहाँ है। ये जातिव्यवस्था बनाए क्यों रखना चाह रहा है। जातिव्यवस्था समाप्त करने की दिशा में क्यों नहीं काम कर रहा है।
भगवा वस्त्र पहने हुए कट्टर धार्मिक व्यक्ति का कहना है कि ,
" NEET पेपर लीक के बाद सुसाइड करने वाले सभी छात्र मास्टरबेशन ( हस्तमैथुन ) करते थे , इस वज़ह से उन सभी ने सुसाइड किया है ",
शर्म आती है ऐसे लोगो पर ,
दलित की हत्या या पिटाई इन वजहों से हो सकती है।
⁃मूंछ रखना
⁃घोड़ी चढ़ना
⁃बुलेट की सवारी
⁃अच्छे कपड़े पहनना
⁃खाना टच करना
⁃मंदिर प्रवेश
⁃देवता को छूना
⁃गाय की चमड़ी उतारना
⁃सीवर में उतरने से मना करना
⁃IIT में सलेक्शन
⁃दूसरी जाति में प्रेम या शादी
"दान करते समय सोचा था की हमारे राम के काम आएगा, इसलिए मैंने ज़मीन बेचकर ₹1 करोड़ दिए थे।"
हालांकि जब दान दिया था तो लोगों ने कहा भी कि पंडा लोग लूट लेंगे।
मगर अब ये सब देखकर बड़ा दुख हो रहा है।
- राम जन्मभूमि ट्रस्ट को ₹1 करोड़ दान करने वाले समाजसेवी सियाराम उमरवैश्य