जीने का नया सलीका
इस जमाने ने सिखाया है
दोस्तों को कपड़े की
तरह बदलना इस जमाने ने
सिखाया है
इंसान की क्या बिसात कि
वो किसी को कभी छोड़
पाता
जिसके साथ रहा जीवन भर
छोड़ने का सबब भी उसी
साथी ने सिखाया है।
- काव्य धारा
@AnupamPKher जन्मदिन पर उनको शत-शत वंदन,
जिनसे पाया आपने ज्ञान का चंदन।
पुस्तकों से जो आपका परिचय कराया,
जीवन में सीखने का दीप जलाया।
स्नेह, संस्कार और प्रेरणा के उपवन,
उनसे महकता है आपका हर जीवन।
ईश्वर उनको उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और निरंतर खुशियाँ प्रदान करें।
काव्य धारा