1. जैसाकि सर्वविदित है कि परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर ने मानवतावादी, कल्याणकारी व सभी जाति-धर्मों के मानने वालों को एक-समान समतामूलक अधिकार देने वाला सेक्युलर संविधान देकर पूरे देश को एक कड़ी में जोड़ कर सशक्त भारत बनाने की गारण्टी सुनिश्चित की है और इसके तहत् सभी धर्म के ग्रंथों व उनके धार्मिक रीति-रिवाज व मान्यताओं के आधार पर शान्त एवं सुखी जीवन जीने का अधिकार है, जिसकी अनदेखी करने व उसमें दख़ल देने के बजाय सभी को उसकी पवित्रता का सम्मान करना चाहिये।
2. इस क्रम में महिलाओं की अस्मिता, सम्मान व पर्दा आदि के ज़रिये अपने आत्म-सम्मान व स्वाभिमान की रक्षा जैसे मामलों को उसकी उसी संवेदनशीलता से देखना चाहिये और जहाँ तक स्कूलों में यूनीफार्म, पर्दा, चादर, हिजाब आदि पहन्ने का मामला है, तो इन मामलों को ज़्यादा तूल देकर कोर्ट-कचहरी में विवाद का क़ानूनी मुद्दा बनाने के बजाय, उन्हें स्थानीय स्तर पर स्कूल प्रबंधन व शासन-प्रशासन की आपसी समझ व सूझबूझ से सुलझा लेना चाहिये ताकि किसी को भी इसकी आड़ में संकीर्ण राजनीति करने का मौक़ा ना मिल पाये।
3. जबकि बी.एस.पी. सर्वसमाज के सम्मान व उनके जान-माल व मज़हब की सुरक्षा की गारण्टी वाली अम्बेडकरवादी पार्टी है और यही मानना है कि किसी भी धर्म, धार्मिक ग्रंथ व धार्मिक प्रचलन/मान्यताओं के संवेदनशील मामलों पर सभी लोग टीका-टिप्पणी करने से बचें तो यह देश व जनहित में होगा।
4. इसके साथ ही, यूपी के ज़िला बदायूँ में भारतरत्न परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर जारी विवाद व तनाव की स्थिति को शासन-प्रशासन तुरन्त इसका शान्तिपूर्ण व उचित समाधान निकाले तो यह उचित होगा।
ग्राम पंचायत बेहरी , पीलीभीत , उत्तर प्रदेश 📍
योगी जी देख लीजिए ये शिक्षक बच्चों से क्या काम करवा रहे हैं ।
बच्चों से स्कूल के काम करवाना कहां तक सही है ?
कई अन्य कारणों में से एक यह भी हो सकता है कि बच्चे स्कूल नहीं आते फिर स्कूल पर बच्चों के न आने पर ताला जड़ दिया जाता है ।
आखिर सच्चाई सामने आ गई क्यों एक पिता ने अपनी बेटी को मार दिया लव जिहाद का मामला... इतना कुछ होने के बाद भी लड़कियां समझ नहीं रही...🤨...दूसरे को मारते तब भी जेल जाते उन्होंने अपनी बेटी को मारकर जेल जाना मंजूर किया पेड़ को ही खत्म कर दिया तो अंकुर कहां से फूटेगा... जी पिता ने अपनी बेटी के करोड़ों रुपए खर्च करके उसके लिए एकेडमी खुलवाई बताओ वह पिता आपकी बेटी को कितना प्यार करता होगा क्या वह अपनी बेटी को एक जैहाती के हाथ पर देखना मंजूर करते बिल्कुल नहीं... इसलिए उन्होंने अपनी बेटी को ही मार दिया अच्छा तो नहीं किया लेकिन बहुत अच्छा किया 🤞
आज उगते सूरज में डूबता आतंकवाद देखा..
ऑपरेशन सिंदूर से डरता पाकिस्तान देखा.. सिन्दूर की रक्षा करता सेना का जवान देखा..
मैंने फिर आज मेरा भारत महान देखा