वित्त मंत्री से महंगाई नहीं संभल रही,
गृह मंत्री से मणिपुर नहीं संभल रहा…
शिक्षा मंत्री से पेपर लीक नहीं संभला,
पर्यावरण मंत्री से प्रदूषण नहीं संभला…
रेल मंत्री से रेल हादसे नहीं संभलते,
कृषि मंत्री से किसानों की समस्या नहीं संभलती…
स्वास्थ्य मंत्री से अस्पताल नहीं संभलते,
खाद्य विभाग से मिलावट नहीं संभल रही…
और फिर कहा जाता है
देश सही हाथों में है…
#neet2026
राघव चड्ढा जी आपसे अपने ही पार्टी के लोग सहम गए,कहीं आप राष्ट्रीय स्तर का नेता ना हो जाओ.. लेकिन आज देश के आम लोग आपको वाकई बहुत पसंद करने लगे हैं!
@raghav_chadha#SaveFreeSpeech#RaghavChadha
"बैंकों ने पिछले 3 साल में 'Minimum Account Balance' के जरिए 19 हजार करोड़ रुपए इकट्ठा किए"
◆ AAP के सांसद राघव चड्ढा ने कहा
#RaghavChadha | Raghav Chadha | @raghav_chadha
@raghav_chadha आपने बहुत ही अच्छे मुद्दे स��न में उठाए इसके लिए मेरा मानना है..की जनता आपको दिल और दिमाक पूरी तरह से आपको सपोर्ट करेगी ताकि इसी तरह से आप सदन में आम आदमी की बात कंपनी और सरकार तक पहुंचे 🫡🇮🇳🪴
निवाड़ी (मध्य प्रदेश) 📍
LPG सिलेंडर न मिलने की मार झेल रहे एक युवक ने अपना गुस्सा अनोखे तरीके से जताया। कंधे पर खाली गैस सिलेंडर लादकर वह सीधा डीएम ऑफिस पहुँच गया।
वहीं डीएम कुछ दिन पहले ही सार्वजनिक रूप से कह रहे थे कि “जिले में गैस की कोई कमी नहीं है, य�� सब अफवाहें हैं।”
लेकिन युवक के खाली सिलेंडर के साथ ऑफिस में घुसते ही सारी पोल खुल गई। अब ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है
किसी का द���्द समझना सीखो…
हर कोई बोलकर नहीं बता सकता,
जो बेजुबान हैं, वो भी दर्द महसूस करते हैं—
बस फर्क इतना है कि वो बता नहीं सकते।
इंसानियत यही है कि हम बिना कहे भी समझ जाएँ...
देश में आज भी करोड़ों लोग keypad फोन इस्तेमाल करते हैं, जिनके पास smartphone ही नहीं है। ऐसे में telecom कंपनियों से कुछ बुनियादी सवाल पूछना जरूरी है।
1. क्या कंपनियाँ धीरे-धीरे voice-only recharge खत्म करके लोगों को मजबूरन data pack लेने के लिए मजबूर कर रही हैं?
2. जब बहुत से ग्राहकों के पास internet चलाने वाला फोन ही नहीं है, तो उनसे data के पैसे क्यों लिए जा रहे हैं?
3. क्या telecom कंपनियाँ ग्रामीण और गरीब ग्राहकों की जरूरतों को समझकर सस्ते voice-only plans उपलब्ध कराएंगी, या फिर सिर्फ मुनाफे के हिसाब से ही प्लान बनाए जाते रहेंगे?
4. क्यों कंपनियाँ स्पष्ट रूप से यह नहीं बतातीं कि keypad फोन यूज़र्स के ल���ए कितने सस्ते voice-only विकल्प वास्तव में मौजूद हैं?
5. क्या telecom कंपनियाँ यह भरोसा देंगी कि भविष्य में keypad फोन यूज़र्स को उनकी जरूरत के हिसाब से सस्ते recharge मिलते रहेंगे, या उन्हें जबरदस्ती data पैक लेने के लिए मजबूर किया जाएगा?
@TRAI
@reliancejio
@airtelindia
@BSNLCorporate
आजकल बाजार की कोई भी चीज खाना मतलब जहर खाना....
हर चीज कैंसर का कारण है अब तो लगता है फल और सब्जियां भी जहर ही है....
अब क्या उपाय है किसी को नहीं पता क्योंकि बिना बाजार की चीज खरीदे काम भी नहीं चलता...
कैंसर का यही एकमात्र कारण है आजकल....
कीपैड वाले फोन इस्तेमाल करने वालों को इंटरनेट का बिल क्यों देना पड़ता है? 📵
हर किसी को डेटा की ज़रूरत नहीं होती।
लाखों ग्रामीण, बुज़��र्ग नागरिक और साधारण फोन इस्तेमाल करने वालों को सिर्फ़ ये चाहिए:
📞 कॉल
✉️ एसएमएस
तो फिर उन्हें उस इंटरनेट के लिए पैसे क्यों देने पड़ते हैं जिसका वे कभी इस्तेमाल ही नहीं करते?
कीपैड वाले मोबाइल इस्तेमाल करने वालों के लिए डेटा के बिना एक अलग, बेहद सस्ता रिचार्ज प्लान होना चाहिए।
इस मुद्दे को सांसद राघव चड्ढा ने ज़ोरदार तरीके से उठाया था।
एक साधारण फोन के लिए साधारण प्लान ही होना चाहिए।
��हमत हैं या नहीं? 🤔
एक अध्यापक ने जाति प्रमाण पत्र पर साइन करने से इनकार किया तो उसे डंडों से घुटनों पर पीटा गया और धमकी दी गई: “मुकदमे का हमारे ऊपर कोई असर नहीं।
क्या राजस्थान में अब कानून का डर खत्म हो गया है ,यह किसी भी नागरिक के लिए अस्वीकार्य है।
@PoliceRajasthan @BhajanlalBjp
मोबाइल का प्रयोग करने वाले भाइयों एवं बहनों 👇👏👏
अगर आप भी टेलीकॉ��� कंपनियां के बढ़ते अत्याचार से परेशान है ⁉️
जैसे ~ बढ़ते रिचार्ज के दाम, नेटवर्क की समस्या, इंटरनेट न चलना, समय से पहले इंटरनेट खत्म हो जाना। छोटा रिचार्ज की सुविधा न देना आदि 🧐
तो आइए हम सभी मिलकर आवाज उठाते हैं💪💪 नीचे दिए गए पोस्ट पर जाइए और ज्यादा से ज्यादा शेयर करिए, री ट्वीट करिए और अपने मन की बात कमेंट में जरूर लिखिए ताकि बात दूर तक पहुंचे ताकि इस लूट और अत्याचार से बच सके 🤑🤑
इस ��भियान में साथ देना सबका फर्ज है किसी को अलग से न्योता नहीं दिया जाता
धन्यवाद🧐🧐 @followers #telecom
₹9000 महीना विधायक को फोन का खर्चा मिल रहा है, जबकि ₹350 का अनलिमिटेड रिचार्ज सबकुछ कवर कर देता है। फिर इतनी बड़ी राशि क्यों?
पूछता है भारत!बिहार विधानसभा ने हाल ही में विधायकों को ₹8300 मासिक टेलीफोन भत्ता दिया, बिना बिल जमा कराए। एक से दस फोन चलाएं, सब कवर।
लेकिन आम आदमी ₹350 में अनलिमिटेड कॉल, डेटा पा लेता है। क्या ये फिजूलखर्ची है?
यह भत्ता जनसंपर्क के नाम पर है, पर पारदर्शिता कहां? टैक्सपेयर्स का पैसा बर्बाद हो रहा। सरकार सुविधा दे, मगर इतना अधिक क्यों? समय है जवाबदेही की। जनता सवाल उठाएगी!
���ेश में ये चल क्या रहा है ?
डबल इंजन वाले उत्तर प्रदेश के बहराइच में बच्चों की 13000 से ज्यादा किताबें कबाड़ी वालों को दे दी गई, बेच दी गई...
बेसिक शिक्षा अधिकारी के दफ्तर के लोग ही ये कर रहे थे !
और अब इसमें भी बचने-बचाने का खेल शुरू है !
अधिकारी को गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया? जबकि उन्होंने पहले denial मोड ऑन कर लिया था, कि कुछ गड़बड़ हुई ही नहीं...
कुछ लोगों को सिर्फ सस्पेंड क्यों किया गया है? सब अरेस्ट क्य��ं नहीं हुए?
जो लोग भी इसमें शामिल हैं, उन्हें जिंदगी में दोबारा शिक्षा विभाग की कुर्सी पर बैठने का हक क्यों मिलना चाहिए?