नांदेड़ में इस धंसे पुल को आप ज़ूम करके देखेंगे तो
आपको साइट इंजीनियर साहब की ली हुई रिश्वत और सर्वेयर साहब की बीवी के झुमके क्रिस्टल क्लियर नज़र आएंगे।
अरविंद केजरीवाल ने आज देश का सबसे बड़ा मुद्दा उठा दिया है।
2023 से पहले की कारों के मैनुअल में साफ लिखा है कि उनमें 10% तक एथेनॉल (E10) वाला पेट्रोल ही डलवाया जा सकता है। E20 से कारें खराब होती हैं।
केजरीवाल ने सीधे-सीधे कहा है कि सरकार अब कार कंपनियों से झूठ बुलवा रही है। उनसे जबरन कहलवाया जा रहा है कि E20 से पुरानी कारों में कोई समस्या नहीं आती।
हेलो @AshwiniVaishnaw जी,
>ट्रेन नंबर - 14012 राधिकापुर एक्सप्रेस
>ट्रेन लेट - 11 घंटे
>सहरसा में एक यात्री के पिता जी का डायलिसिस होना था, जिस वजह से वो मानसी स्टेशन पर उतर गया, टिकट उसका खगड़िया तक ही था।
एक्स्ट्रा टिकट यात्रा के नाम पर टीटीई ने 2500 रुपए लिये, जबकि टिकट सिर्फ 540 का बना कर दिया।
टीटीई ने अपना नाम रोशन आनंद बताया है।
11 घंटे ट्रेन लेट होने के बाद यात्रियों के साथ ऐसी ठगी चल रही है, रेलवे का पूरा सिस्टम बर्बाद हो चुका है।
@RailMinIndia@Divit069
मारुति वाला तो कह रहा है कि 2023 से पहले की गाड़ियाँ में भी E20 से कोई दिक़्क़त नहीं है!
फिर E20 compliant कार बनाने की ज़रूरत ही क्या है?
अब शक है कि 2023 के बाद वाला भी मारुति ने E20 compliant बनाया है या पुराना इंजन ही नई बॉडी में फिट कर बेच रहा है?
रांची के राज हॉस्पिटल में पैर टूटने पर एक आदमी को भर्ती किया उसके बाद ड्रेसिंग ना करने पे इन्फेक्शन फ़ैल गया और आदमी टपक गया,
अब ये औरत शोर कर रही है कि 22 लाख ले लिया।
एक आदमी की जान पे इतना शोर नहीं मचाना चाहिए।
मोदी जी आज राजस्थान में भाषण दे रहे हैं कि भारत ऊर्जा संकट से उबर चुका है,
जिस मज़दूर को गैस 90 रुपए किलो मिलती थी, वो आज 250 रुपए में भरवा रहा है, कितना खर्च बढ़ गया कुछ अंदाजा है आपको?
शर्म आनी चाहिए सत्ताधीशों को, मंहगी मंहगी गाड़ियों में बैठकर मशरूम खाने वाले लोग क्या समझेंगे कि एक मजदूर जिसकी सैलरी 15000 रुपए होती है, वो किस दर्द में है।
वो क्या खाएगा, क्या बचाएगा, क्या बच्चों को पढ़ाएगा?
प्राइवेट अस्पतालों की लूट का क्या कहना, अभी हमने कुछ दिन पहले बताया था कि हमारे छोटे भाई का बच्चा बिमार है, हमने उसे देहरादून के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया, 15 दिन NICU और 5 दिन वार्ड में रहने के बाद कल ही वह डिस्चार्ज हुआ है, हम भी लगभग दस दिन वही अस्पताल में रहे, आप ये जो बिल में इंजेक्शन देख रहे हैं इस पर 6561 रूपए की MRP है और प्रतिदिन एक इंजेक्शन बच्चे को लग रहा था शुरू में कई दिन हमने इसको अस्पताल की फार्मेसी से ही खरीदा, हमारे हमारे काफी अनुरोध और उसकी ठोड़ी खुजलाने के बाद उसने हमें 10% का डिस्काउंट दिया, और ऊपर से अहसान ऐसा दिखाया जैसे अस्पताल की पूरी फार्मेसी उसने हमारे नाम कर दी हो, एक दिन हमने अस्पताल के बाहर एक फार्मेसी थी उससे पूछा भाई ये इंजेक्शन कितने है, उसने हमें 4 हजार का बताया, अगले दिन हम वहीं से लेने लगे, फिर एक दिन हम घूमते फिरते वही लोकल बाजार में पहुंच गए, एक फार्मेसी दिखाई दी हमने उससे पूछा उसने हमें 2 हजार का बताया, हमारी उत्सुकता और बढ़ फिर हमने और कई फार्मेसी पर ट्राई किया आखिर में सबसे सस्ता 1600 रूपए का इस फार्मेसी ने बताया जिसका बिल आप देख रहे हैं, और थोड़ी उसकी ढोडी खुजलाने के बाद उसने इस पर भी 10% का डिस्काउंट दिया, अब सरकार बताए की इस 1600 रूपए के इंजेक्शन पर 6561 रूपए MRP डाली गई है किस नियम से डाली गई, और इस लूट की इजाज़त किसने दे रखी है?
"पुलिस वाले बिना हेलमेट, ट्रिपल लोडिंग में अपनी प्राइवेट बाइक से आए... फिर ₹5 लाख की बाइक रोककर बोले, 'डॉक्यूमेंट्स दिखाओ।'"
बाइक सवार ने सिर्फ इतना पूछा, "सर, आप खुद बिना हेलमेट क्यों हैं?"
बस, यहीं से मामला बदल गया।
व्यक्ति कहता रहा, "डीजी लॉकर में सभी डॉक्यूमेंट्स हैं, देख लीजिए।" लेकिन आरोप है कि पुलिस ने देखने से इनकार कर दिया और कहा, "थाने चलो... गाड़ी वहीं मिलेगी।"
सबसे बड़ी विडंबना यह कि जो लोग खुद ट्रैफिक नियमों का पालन करते नहीं दिखे, वही कानून का हवाला देकर कार्रवाई करने लगे।
अगर वीडियो में दिख रहे आरोप सही हैं, तो सवाल सिर्फ एक है—कानून सबके लिए बराबर है या सिर्फ आम जनता के लिए...?
देश के प्राइवेट अस्पतालों के ये हाल हैं, सरकारी अस्पतालों में दवा नहीं है, सुविधा नहीं है।
चोट पैर में लगी थी, आईसीयू में भर्ती करके 22 लाख का बिल बना दिया, आदमी फिर भी नहीं बचा।
हे ईश्वर बचा लो मेरे देश को।
BJP का भ्रष्टाचार
मध्य प्रदेश में करोड़ों रुपए खर्चकर रीवा-सतना बाईपास बनाया गया, लेकिन ये 2 साल में ही धंस गया।
ये दिखाता है कि इसे बनाने में घटिया क्वालिटी का सामान इस्तेमाल हुआ और BJP के नेताओं ने पैसों का घालमेल कर अपनी जेब भरी।
साफ है- BJP सरकार करप्शन के दलदल में धंस चुकी है और उन्हें जनता की सुरक्षा से कोई फर्क नहीं पड़ता।
ट्रैफिक चालान काटने के लिए क्या केवल ASI या उससे ऊपर के पुलिस अधिकारी ही अधिकृत होते हैं, अथवा कोई भी पुलिसकर्मी चालान काट सकता है?
क्योंकि इस महिला कांस्टेबल के हाथ में चालान मशीन है, तो मैं समझता हूँ कि उसे भी यह अधिकार है।
जानकर लोग बतायें..
तहसीन पूनावाला ने ट्वीट कर कहा है कि वह 5 जुलाई को जंतर-मंतर पर E20 पेट्रोल के विरोध में प्रदर्शन करेंगे. ट्वीट में उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह 'बेटा बढ़ाओ योजना' पर काम कर रहे हैं...
क्या आपका समर्थन है इन्हे... 👇
मेरा तो 100% समर्थन है.. 🙏
75$ प्रति बैरल कच्चा तेल मिल रहा है,
लेकिन जनता को तेल 110 रुपए लीटर मिल रहा है वो भी इथेनॉल ब्लेंडिंग के साथ।
सोचो पहले 110 $ प्रति बैरल में 70 रुपए लीटर तेल मिलता था वो बिना मिलावट के।
सोचो किस लेवल की लूट मची है।
तेल कंपनियों को राजा बनाया जा रहा है।
जय हो सरकार.....
रेल मंत्री @AshwiniVaishnaw जी, ध्यान दीजिए।
आज 28 जून को नीलांचल एक्सप्रेस पकड़ने आनंद विहार टर्मिनल गया व्यक्ति । टोल वाले ने कहा पहले 17 मिनट ₹50, बाद में ₹200।
यात्रियों को उतारने के लिए भी लूट? रोज 6000 गाड़ियां अगर अंदर जाएं तो रोज ₹3 लाख की वसूली! उबर रसीद में भी ₹30 एंट्री फीस जोड़ दी।
ये पैसा किसकी जेब में जा रहा है ठेकेदार, कैबवाले या और किसी के?
रेल मंत्रालय स्पष्ट करे ये लूट अधिकृत है या यात्री की जेब काटने का नया तरीका? #RailMinister
अब ये 19 महीने का बच्चा कभी देख नहीं पाएगा,
क्यूँकी सरकारी अस्पताल में इलाज के दौरान इसकी आखों में आई ड्रॉप की जगह कफ सीरप डाल दिया गया
📍सागर,मध्यप्रदेश