ये उन दिनों की बात है, पिछली सरकार से लेकर वर्तमान सरकार में भी छ.ग. संविदा कर्मियों की दशा बत्तर स्थिति है, सुध लेना वाला कोई नहीं.
कमेटी की रिपोर्ट का आज तक पता नहीं है
ना वेतन वृद्धि का लाभ मिल रहा है
#मोदी_की_गारंटी#क्या_यही_है_सुशासन@ChhattisgarhCMO@narendramodi
छ.ग. में संविदा कर्मियों की कब सुध लेगी सरकार
अब भी वही सवाल-संविदा कर्मियों के दिन कब बहुरेंगे?
2.5 वर्षों के बाद भी कमेटी का निर्णय नही आया❓️
न कर्मचारियो की सेवा सुरक्षा के लिए कोई पहल हुआ❓️
क्या 100 दिवस के भीतर किए गए वादे, वो एक जुमला तो नहीं❓️
@ChhattisgarhCMO
@satyarajput321 छत्तीसगढ़ में मोदी की गारंटी के नाम पर सत्ता में आने वाली भाजपा सरकार 2 साल बीत जाने के बाद भी" अनियमित संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण" के मामले में एक क़दम भी आगे नहीं बढ़ पाया है । इतनी महंगाई में भी वेतन नहीं बढ़ाया। पूरे मंत्रिमंडल को बदलना चाहिए।
प्रदेश में संविदा कर्मियों के पूर्व संघर्षों के साथी ऊर्जावान नेता ,छग प्रदेश के यशस्वी उपमुख्यमंत्री @vijaysharmacg जी को प्रदेश के समस्त संविदा कर्मचारियों और उनके परिवारों की ओर से जन्म दिन की हार्दिक शुभकामनाएं ।
ये हमारा छत्तीसगढ़िया लाल है शशांक सिंह...सब विराट कोहली को दिखा रहे हैं, दिखाना भी चाहिए। विनर है, किंग है और चैंपियन हैं, साथ ही बड़े प्लेयर हैं...विराट की टीम के सामने डटकर खड़ा था हमारा शशांक सिंह...सिर्फ 6 रन से रह गये। वरना हमारा शशांक हीरो होता। आंखें नम तो शशांक की भी हुई, दिखाया कोई नहीं...खैर कोई नहीं, मुझे गर्व है हमारे छत्तीसगढ़ के लाल शशांक सिंह पर...भाई ने आखिरी गेंद तक बाउंड्री लगाई...सैल्यूट है शशांक सिंह और श्रेयस
#ViratKohli𓃵 #IPLFinals #IPLFinal #ShashankSingh #chhattisgarh #RCBvPBKS
मेरे कुछ प्रश्न है छत्तीसगढ़ के मंत्रियों से
@ShyamBihariBjp मंत्री जी[स्वास्थ मंत्री]आप के घर में कोई बीमार हो जाए तो सरकारी अस्पताल ले जाते है क्या उनको ?
@OPChoudhary_Ind आपके माध्यम से ये जानना चाहूँगा आपके मंत्रिमंडल में किसी भी मंत्री के बच्चे सरकारी स्कूल में है क्या ?
यह पोस्टकार्ड द्वारा राज्यपाल को भेजा गया है, जिसमें छत्तीसगढ़ में दो अतिरिक्त उपमुख्यमंत्रियों की आवश्यकता पर सवाल उठाया गया है। तर्क है कि जब पहले से एक मुख्यमंत्री मौजूद हैं, तब दो उपमुख्यमंत्री क्यों नियुक्त किए गए हैं, जिन पर वेतन भत्ता और सुरक्षा व्यवस्था में भारी खर्च हो रहा है।
इस खर्च की तुलना शिक्षा और 57,000 शिक्षक भर्ती जैसी ज़रूरी योजनाओं से की गई है, जहाँ अभ्यर्थी लंबे समय से भर्ती और नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
यह सीधा सवाल है – क्या जनता के टैक्स का पैसा सत्ता संतुलन और राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल होगा या ज़मीनी समस्याओं के समाधान के लिए? सरकार को जवाब देना होगा कि बेरोजगार युवाओं की भर्ती प्राथमिकता क्यों नहीं है?
इस पत्र के माध्यम से हम सभी को यह सीख मिलती है कि लोकतंत्र में जनभागीदारी ज़रूरी है। जब तक जनता सवाल नहीं उठाएगी, तब तक सत्ता जवाबदेह नहीं बनेगी। बेरोजगारी जैसे गंभीर मुद्दों पर सरकार की चुप्पी चिंता का विषय है।
#Chhattisgarh
छग पुलिस का यह चरित्र है । बस्तर एरिया में एक संविदा कर्मी का जब यह हाल पुलिस कर रही है तो आम जनता का क्या करती होगी ?
@vishnudsai@vijaysharmacg@BJP4CGState@ArunSao3
जनपद पंचायत के कर्मचारियों से एसडीओपी ने की मारपीट: एफआईआर की मांग को लेकर भड़के कर्मी https://t.co/esCytePwZw