अब हर आदमी दूसरे समुदाय के लोगों को शक की नजर से देखने लगा है। आदमी, आदमी से डर रहा है। कुछ है जो भीतर ही भीतर टूट गया है, दरक गया है। शायद आदमी का आदमी पर से भरोसा....
https://t.co/eTw749XvcE
और पाहन धक्के मारकर हटाए गए
.............................
कल शाम रांची में प्रधानमंत्री ने रोड शो के दौरान वीर बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर फूल चढ़ाए। आज प्रकृति पूजक आदिवासी प्रतिमा की शुद्धिकरण के लिए पहुंचे। फोर्स द्वारा पाहन सहित स्त्री, पुरुष धक्के मार कर हटाए गए...
" मैं इस चांद के टुकड़े-टुकड़े करना चाहता हूं
जब लोगों की हत्या होती है, जनसंहार होता है
तब भी यह इसी तरह
भावविहीन चेहरा लिए निर्विकार उग आता है
और ऐसे चांद से मेरी प्रेमिका को प्रेम है
इसलिए मैं इसके टुकड़े-टुकड़े करना चाहता हूं "
- ओड़िशा के कवि हेमन्त दलपती की कविता के अंश।
प्रकृति पूजक आदिवासियों के जल, जंगल, ज़मीन के संघर्ष को समझने के लिए उनकी नार व्यवस्था, पेन व्यवस्था, उनकी आस्था के दार्शनिक पहलुओं और किस तरह वे मनुवादी व्यवस्था या किसी भी संगठित धर्म से अलग हैं, इसको समझना ज़रूरी है।
https://t.co/95r3ojiZFC
बांग्ला भाषा में फिर से अनुवादित कविताएं...आदिवासी लड़कियां, किसकी है ये निर्लज्ज हंसी, मिल बांट कर खाने वाले लोग, खेलते हुए जिया, धूल में खेलती लड़की, शोर मचाती लड़कियां और अभी मैं बहिष्कृत हूं.....
https://t.co/xX5SKyF8u4
ऐसे समय में जब हर जगह आदिवासियों की परंपराओें व आस्था पर मुख्यधारा के संगठित धर्मो का चौतरफा हमला है, छत्तीसगढ़ में गोंड आदिवासी अपने इलाकों में पेन करसाड़ मना रहे हैं। उनकी आस्था के अनुसार पेन, पूर्वजों की आत्माओं का समूह है जिसमें एक गोत्र के सभी वंशज मृत्यु के बाद जा मिलते हैं
आदिवासी समाज के जिस पहले व्यक्ति से किसी समुदाय के गोत्र की शुरुवात हुई थी, उसके वंशज साल में एक बार एक जगह एकत्र होते हैं और नृत्य करते हैं। नृत्य समारोह में क्षेत्र के सभी गांवों के स्त्री - पुरुष एक साथ नृत्य करते हैं।
(दंतेवाड़ा के सुदूर गांव में एक ऐसे ही समारोह में ....)
थोड़ी देर बाद हम दंतेवाड़ा के मरकानार गांव में थे। महुएं के फूलों की खुशबू में डूबा हुआ जंगल...नदी जहां गांव की सारी लड़कियां चिड़ियों की झुंड की तरह नहाने उतरी थीं और उनके कलरव से जंगल गूंज रहा था...
The Union environment ministry has given environmental clearance for open cast coal mining in Parsa in Chhattisgarh’s dense Hasdeo Arand forests, in a decision that could have far-reaching consequences for forest cover conservation in India.
https://t.co/9oeKU73NpK