@ashishk53542554@LambaAlka बड़े गजब की बात है 13 करोड़ बांग्लादेशी और रोहिंग्या भारत में घुस आए, रहते भी रहे, डाक्यूमेंट्स भी बनवा लिए और सरकार तथा बार्डर सिक्योरिटी फोर्स को कानों-कान खबर तक न लगी.
फिर ऐसी सरकार का क्या औचित्य है.?
@Mohinde64042291@savedemocracyI अंधभक्त प्रजाति के लोगों को सही और गलत के बीच फर्क करने वाली तर्क शक्ति भगवान ने दी ही नहीं है.
आप चाहें तो किसी भगवान के पास श्रद्धा से जाकर पूछ लें.
@deepaka45245776@savedemocracyI ज्यादा नहीं, बस उतना ही पैसा मिला है जितने में बिके हुए एम एल ए,एम पी, कुछ सरकारी पदाधिकारी,कुछ चुनाव अधिकारी तथा कुछ बिकाऊ वोटर एवं कुछ बिके हुए राजनीतिक दलों को ज्यादा कीमत देकर पुनः खरीद सकूं जिससे विश्व भर में डंका फटता रहे.😎
@SupriyaShrinate जाति और धर्म की घुट्टी ने जो फ्री में पिछले 12 सालों से बांटी जा रही है ने पूरे प्रदेश और देश को तबाह, बर्बाद, बदहाल और कंगाल बनाकर छोड़ दिया है.
घुट्टी बांटने वाले तो सुधरने से रहे घुट्टी पीने वाले ही सुधर जाएं वरना देश समाज परिवार और व्यक्ति की दुर्दशा रुकने से रही.
@ashishk53542554@drajayupadhyay रोजगार के प्रमुख स्तंभ उद्योग और कृषि क्षेत्र को पिछले 12 सालों में तबाह कर दिया गया.सेवा क्षेत्र को आउटसोर्स और भाई भतीजावाद से भर दिया गया.
अब करोड़ों शिक्षित और प्रशिक्षित युवा सड़कों पर दर दर की ठोकरें खा रहे हैं जिन्हें "अफीम की डोज" देकर अचेत करने का प्रयास जारी है.😎
@NetaFlixIndia 70 सालों तक कुर्सी के भूखे लोगों ने जब जाति धर्म के मकड़जाल में जनता को फंसाकर कुर्सी हथिया ली तो इन भुक्खड़ों ने कुर्सी को आजीवन बनाए रखने और लूटपाट जारी रखने के लिए लोकतंत्र और संविधान की बुनियाद "वोट" को ही निगल लिया.
अब निगले गये वोटों को उगलवाना ही पड़ेगा.
@SinghS2323 जिस आने वाले खाद्यान्न संकट की बात राहुल जी ने 6 महीने पहले ही बता दिया था उसी बात को विदेश मंत्री जी आज बता रहे हैं.
मुख्य प्रश्न यह है कि सरकार में बैठे लोग क्या करते रहते हैं.?
या
सिर्फ जाति धर्म का प्रोपेगंडा कर सत्ता समीकरण साधते रहते हैं.?
@RaniSahni2 लुटने वाले जाति धर्म के घनचक्कर में फंसे पड़े हैं.
वहीं
लुटेरों में जाति धर्म का कोई घनचक्कर नहीं है.
कब तक मूर्खता की घुट्टी पीते रहेंगे हम.
जब तब मूर्खता की घुट्टी पीते रहेंगे तब लुटना जारी रहेगा.
अंग्रेज तो भाग गये लेकिन जाति धर्म की घुट्टी यहीं छोड़ गए.
@Lovely92698976 संविधान की शपथ लेने वाले ही न सिर्फ संविधान और लोकतंत्र बेंच और खरीद रहे हैं बल्कि हत्या भी कर रहे हैं जिसे देश दुनिया न सिर्फ खुली आंखों से देख रही है बल्कि इस दूषित प्रक्रिया के खिलाफ सड़कों पर आन्दोलनरत है.