ये है भाजपाई तरक़्क़ी की नई हवा… कुछ दिनों पहले ही जिसका उद्घाटन हुआ हो उस सड़क को मरम्मत की ज़रूरत पड़ गई और एक्सप्रेस स्पीड से मरम्मत को सुखाने के लिए पंखे का इस्तेमाल किया जा रहा है ये भी हास्यास्पद है। 2-3 हफ़्ते में ही जिस एक्सप्रेसवे का दम उखड़ने लगा है उस पर चलने का जोखिम कौन उठाएगा?
सवाल ये भी है कि ‘अटल प्रोग्रेस वे’ योजना में ही रहेगा या कभी बनेगा भी… या काग़ज़ों में बनकर उसका ‘हिस्सा-बाँट’ हो चुका है।
भाजपा राज में हुआ हर निर्माण चलता कम है… धँसता, ढहता, गिरता ज़्यादा है।
मैं मोदी Sir से सहमत हूँ गाली-गलौज नहीं करनी चाहिए।
लेकिन ये ज्ञान प्राप्त करने में आपको बहुत समय लग गया प्रभु, आपके लोगों ने तो किसी की माँ, बहन, बेटी किसी को नहीं बख्शा सबको भद्दी भद्दी गालियाँ दी।
प्रभु मुझे तो आपने अपने लोगों से लाखों गालियाँ दिलवाईं ख़ूब अपमानित करवाया।
अब ज्ञान।
वाह प्रभु वाह।
अफवाहों पर जाओगे
गुलाम बना दिए जाओगे 🤣🤣
पूरी सूची पढ़ ले @Sahasrabahu_
वर्ष 2012 में गठित अखिलेश यादव सरकार के मंत्रिमंडल की पूरी सूची :
कैबिनेट मंत्री
1. अखिलेश यादव मुख्यमंत्री
गृह, आवास एवं शहरी नियोजन, राजस्व, सूचना, सामान्य प्रशासन आदि
2. मोहम्मद आज़म ख़ान
संसदीय कार्य, नगर विकास, अल्पसंख्यक कल्याण, जल संसाधन
3. शिवपाल सिंह यादव
लोक निर्माण विभाग, सिंचाई, सहकारिता
4. अहमद हसन
चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण
5. बलराम यादव
पंचायती राज
6. ओम प्रकाश सिंह
पर्यटन
7. पारसनाथ यादव
लघु सिंचाई और पशुपालन
8. राम गोविंद चौधरी
बुनियादी शिक्षा
9. दुर्गा प्रसाद यादव
परिवहन
10. ब्रह्मा शंकर त्रिपाठी
गृह विज्ञान, रेशम उद्योग
11. रघुराज प्रताप सिंह (राजा भैया)
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति
12. राज किशोर सिंह
उद्यान विभाग, कृषि विपणन
13. वकार अहमद शाह
श्रम एवं रोजगार
14. अम्बिका चौधरी
राजस्व, पुनर्वास
15. आनंद सिंह
कृषि, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान
16. राजेन्द्र चौधरी
कारागार (जेल) विभाग
17. अरविन्द कुमार गोप
ग्रामीण विकास
18. कमाल अख्तर
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति
19. विनोद कुमार उर्फ पंडित सिंह
माध्यमिक शिक्षा
20. बलवंत सिंह रामूवालिया
जेल विभाग
21. साहब सिंह सैनी
पिछड़ा वर्ग कल्याण
राज्य मंत्री - स्वतंत्र प्रभार
1. राजेंद्र सिंह राणा
ग्रामीण अभियंत्रण सेवा
2. भगवत सरन गंगवार
लघु उद्योग एवं निर्यात प्रोत्साहन
3. रियाज अहमद
खादी एवं ग्रामोद्योग
4. फरीद महफूज किदवई
तकनीकी शिक्षा
5. मूल चंद्र चौहान
खनन
6. राम सकल गुर्जर
खेलकूद एवं युवा कल्याण
7. नितिन अग्रवाल
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम
8. यासर शाह
परिवहन
9. मदन चौहान
मनोरंजन कर
10. शादाब फातिमा
महिला कल्याण एवं बाल विकास
राज्य मंत्री
1. तेज नारायण पांडे उर्फ पवन पांडे
मनोरंजन कर विभाग
2. गायत्री प्रसाद प्रजापति
भूतत्व एवं खनिकर्म
3. मनोज कुमार पांडेय
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी
4. राम मूर्ति सिंह वर्मा
पिछड़ा वर्ग कल्याण
5. विजय बहादुर पाल
माध्यमिक शिक्षा
6. आलोक कुमार शाक्य
तकनीकी शिक्षा
7. योगेश प्रताप सिंह
रेशम उद्योग
8. राधेश्याम सिंह
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य
9. शैलेंद्र यादव ललई
नियोजन
10. ओमकार सिंह यादव
भावी विकास
11. सुधीर कुमार रावत
सामाजिक न्याय
12.हेमराज वर्मा
खाद्य एवं रसद
15 मार्च 2012 में अखिलेश यादव कि पहली कैबिनेट मंत्रीमंडल में (6) OBC मंत्री बने 📍
1. अखिलेश यादव - मुख्यमंत्री - अहीर
2. शिवपाल यादव - अहीर
3. बलराम यादव - अहीर
4. पारसनाथ यादव - अहीर
5. रामगोविंद चौधरी - अहीर
6. दुर्गा प्रसाद यादव - अहीर
कुर्मी — 00
राजभर — 00
निषाद — 00
लोधी — 00
मौर्य/कुशवाहा — 00
यह है अखिलेश यादव के PDA का सच, और यह है कुर्मी व कोइरी समुदाय के प्रति अखिलेश यादव का समर्थन.......😊
अखिलेश यादव के लिए PDA का मतलब सदैव से यही रहा है 👇
P — पहला
D — दावेदार
A — अहीर
युवाओं के आंदोलन का एक बड़ा सबक बड़े मीडियावालों के लिए भी है: Mainstream Media को Main Street Media बनना होगा।
इस आंदोलन ने बड़े-बड़ों की position ROTATE कर दी है, मीडिया भी इसका अपवाद नहीं है। आज संकट सिर्फ़ ‘राष्ट्रीय सरकार’ के लिए ही नहीं, तथाकथित ‘राष्ट्रीय मीडिया’ के लिए भी बराबर का ही है। जवाबदेही का सवाल केवल किसी एक के लिए नहीं है।
जब कोई ‘वोकल फॉर लोकल’ का नारा दे रहा था, तो नेशनल मीडिया के लोग समझ ही नहीं पाए कि वे जिस बात का प्रचार कर रहे हैं, वह केवल किसी प्रोडक्ट तक सीमित नहीं रहेगी। अगर राष्ट्रीय मीडिया अपनी चकाचौंध और पैकेजिंग में न्यूज़ को प्रोडक्ट बनाकर पेश करेगा, तो फिर आम लोग भी लोकल और स्थानीय चैनलों पर ज़्यादा भरोसा करेंगे, क्योंकि वे उनकी पहुँच में हैं और उनमें उन्हें अपनी भाषा-बोली का अपनापन भी दिखता है, साथ ही उन स्थानीय पत्रकारों के दिनभर के दौड़ते-भागते रहने के संघर्ष में सच्चाई भी दिखती है।
जनहित के लिए समर्पित ’आकार में छोटे लेकिन विचार में बड़े’, ये सभी सच्चे न्यूज़ व व्यूज़ चैनल्स या यूट्यूबर जर्नलिस्ट-पैनलिस्ट केवल दिखावटी औपचारिकता पूरी नहीं करते हैं, बल्कि जनमानस के बीच की बातें करते हैं। ये ऊपरी-ऊपरी औपचारिक कॉस्मेटिक जर्नलिज्म नहीं करते हैं; बल्कि जनता के मसलों, मुद्दों और जन सरोकार से जुड़े सच्चे विषय उठाते हैं। ये सरकार के सहयोग से कॉरपोरेट मीडिया की तरह चमचमाते नहीं हैं बल्कि जनता के ऐतबार से चलते हैं। ये एक हाथ से माइक या मोबाइल पकड़ते हैं और दूसरे से अपने गमछे से पसीना पोंछते हैं। ज़मीन से जुड़ी यह ‘माटी पत्रकारिता’ या कहें ‘Grounded Journalism’ ही सच्चे जर्नलिज़्म का भविष्य है।
अब जनता ‘नाटकीय निरर्थक विवाद’ नहीं, ‘वास्तविक सार्थक संवाद’ देखना चाहती है।
अब ‘जिसका दाना, उसका गाना’ वाला चारण युग अपने अंतिम पड़ाव में है।
"इसे कहते हैं 24 घंटे की ऑन-ड्यूटी नौकरी!
फिटनेस हो तो नड्डा जी जैसी.....
बेहतरीन दरबारी.........
साहेब का जलवा कायम रखने के लिए नड्डा जी ने जो कार के अंदर 'फ्लैक्सिबिलिटी' दिखाई है, उसके बाद उन्हें योग गुरु घोषित कर देना चाहिए। गाड़ी के रुकने और गुलदस्ता हाथ में आने के बीच का जो टाइमिंग गैप था, उसने हॉलीवुड की थ्रिलर फिल्मों को भी पीछे छोड़ दिया। साहेब की रील लाइफ और रियल लाइफ का यह कॉम्बिनेशन सच में गज़ब है!
ये पूरी तरह से फेक डाटा है अपना नैरेटिव चलाने के लिए तुम @arakshan_hatao1 फर्जी जानकारी पोस्ट कर रहे हो।
IIIT बैंगलोर में सभी वर्ग के बच्चों की फीस एकसमान है जोकि 2.76 लाख/सेमेस्टर है।
यहां तक कि IIIT बैंगलोर में एडमिशन भी JEE रैंक के हिसाब से मिलता है किसी भी वर्ग के बच्चे को कोई छूट नहीं मिलती है।
हां @grok जनता को सब क्लियर बताओ।