अपने बच्चो को ये फिल्म ना दिखाए और इसका विरोध किया जाये क्योंकि ये फिल्म हमारे सनातन को गलत प्रदर्शित करती है ... हमे ऐसी फिल्मे नहीं चाहिए क्योंकि रामानंद सागर जी ने हमे जो रामायण दी है उसे अपने बच्चो को दिखाए .. जय श्री राम
जिन्हें आदिपुरुष फ़िल्म अच्छी लग रही है वे जरूर पढ़ें
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वनवास के दौरान सीताजी की भेंट ऋषि अत्रि की पत्नी महासती माता अनुसुइया से होने का वृतांत आता है।
कहते हैं माता अनुसुइया ने सीताजी को पतिव्रत धर्म का पालन करने की शिक्षा देने के साथ-2 उन्हें दिव्य वस्त्र आभूषण प्रदान किए जो कभी मैले नहीं होते थे एवं सदैव स्वच्छ,निर्मल एवं उजले रहते थे।( सामान्य रूप से रामायण के फिल्मांकन के दौरान सभी जगह श्रीराम,लक्ष्मण एवं सीताजी को वनवासी रूप में वल्कल वस्त्र ही धारण किए हुए दर्शाया जाता है।)
दिब्य बसन भूषन पहिराए। जे नित नूतन अमल सुहाए॥
अर्थात- (माता अनुसुइया ने) उन्हें ऐसे दिव्य वस्त्र और आभूषण पहनाए,जो नित्य-नए निर्मल और सुहावने बने रहते हैं।
हाल ही में जारी किए गए 'आदिपुरुष' के संशोधित ट्रेलर में सीताजी की भूमिका निभाने वाली नायिका के बदरंग,शरीर दर्शाते हुए वस्त्र देखिए।
सीताजी वनवास में इस प्रकार जुल्फें फैलाए, ब्रा टाइप ऑफ शोल्डर ब्लाउज पहनकर चौबीसों घंटे श्रीरामजी के साथ रोमैंस करती रहतीं थीं ?
जगतमाता जानकी का इतना कुत्सित चित्रांकन?
आज हम आवाज ना उठाएं तो कल को तो तुम्हें सीताजी को बिकिनी पहने सरोवर में नहाते भी दिखा देना है और तर्क दिया जाएगा कि क्या सीताजी ने इतने वर्षों तक वन में नहाया नहीं होगा तो दिखाने में क्या हर्ज है। बेवकूफ समझ रखा है क्या?
इतना ही नहीं,रामायण के अनुसार वनवास के दौरान भगवान श्रीराम ने वनक्षेत्र में रहनेवाले ऋषियों के पूजापाठ व यज्ञादि में विघ्न डालनेवाले अनेक राक्षसों का वध कर पंचवटी को राक्षसों से मुक्त कराया।
रामानंद सागर जी द्वारा निर्देशित रामायण में भी श्रीरामजी को पूजापाठ करते,यज्ञों की रक्षा करते व वरिष्ठ ऋषिमुनियों के साथ सत्संग करते ही दिखाया गया है।
परंतु रचनात्मक स्वतंत्रता के नाम पर करोड़ों सनातनी रामभक्तों की भावनाओं को आहत करने का प्रयास करनेवाली फिल्म 'आदिपुरुष' के परिवर्तित ट्रेलर के अनुसार तो भगवान श्रीराम व सीताजी वन में इस प्रकार एकदूसरे से चिपके,रोमांस करते दिखाई दे रहे हैं जैसे वे वनवास पर नहीं,हनीमून मनाने गए हों।
भगवान श्रीराम व माता सीता ने पूरे वनवासकाल में ब्रह्मचर्य का पालन किया था परंतु इस 'संशोधित' ट्रेलर के अनुसार तो जैसे उन्होंने वहाँ भोग के अतिरिक्त और कुछ किया ही नहीं। कुछ सेकेंड के ट्रेलर में यह हाल है तो पूरी फिल्म में ना जाने और कितने आपत्तिजनक दृश्य होंगे?
आज अगर आप रचनात्मक स्वतंत्रता के नाम पर इन्हें इस छिछोरेपन की छूट देंगे तो कल को ये वामपंथी भां!ड़ हमारे आराध्यों को लिपलॉक किस करते भी दिखाएंगे और तर्क देंगे कि राम और सीता पतिपत्नी थे तो क्या उनमें संसर्ग नहीं होता होगा? तो दिखाने में क्या बुराई है? आप छूट देकर देखिए इन्हें ये ऐसे-2 कुत्सित वामी प्रयोग करेंगे हमारे पवित्र देवी देवताओं के साथ कि आपसे देखा नहीं जाएगा।
हिंदुत्व को समझ क्या रखा है तुम लोगों ने?
हमारी आगामी पीढियों को सीताजी के रूप में सलज्ज,शालीन दीपिका चिखलिया जी जैसे आदर्श स्वरूप के स्थान पर यह अधनंगी,बाल बिखराए राक्षसी कृति सेनन स्मरण आए यह व्यवस्था की जा रही है। नहीं करेंगे हम बर्दाश्त।
और जो-2 भी लोग 'आदिपुरुष' में हिंदू धर्म के आराध्यों के विकृत चित्रांकन का समर्थन कर रहे हैं उन सभी से मेरा आग्रह है इसी तरह से अन्य संप्रदायों के आदरणीय चरित्रों के साथ रचनात्मक स्वतंत्रता का प्रदर्शन करके दिखाएं अन्यथा हिंदुत्व को उसके हाल पर छोड़ दें।
जय श्री राम 🙏 जय माता जानकी की 🙏 जय श्री हरि
साभार 🙏 Wafah Faraaz
कल पाकिस्तान में जिहादियों द्वारा मारे गए सिख दुकानदार दयाल सिंह की हत्या कर दी गई!
दयाल सिंह रमजान के महीने में अपने मुस्लिम भाइयों को सस्ते दरों पर सामान उपलब्ध करते थे!
लेकिन इनकी हत्या पर पाकिस्तानी और खालिस्तानी सभी चुप है,
क्यूंकि सिख मरे या जिए, इन्हे कोई फर्क नहीं पड़ता!
@narendramodi प्रिय प्रधानमंत्री, आज आपने सनातनियों के देश भारत को एकता के ऐसे सूत्र में पिरो दिया ! ये देश और हमारी अज़र अमर संस्कृति सदैव आपकी श्रृणी रहेगी ! आपको कोटि कोटि नमन, आप दीर्घायु हो , यही मंगल भावना है हमारी !
#ModiBestPmEver
@Nikhil56769156@boxervijender@narendramodi तुम जैसे चमचो के लिये विरोध का मतलब है #मोदीजी की है हर बात का विरोध करना
कल को अगर #मोदी_जी कहँ दे कि शौच के बाद हाथ धोने है तो तुम जैसे गुलाम बोलेंगे की नही हम तो चाटेंगे।
गुलामों ये तो तुम्हारी जान पे आ बनी है नही तो तुम जैसे #लॉकडाऊन के विरोध में भी सड़को पर उतर आते
#Covid_19