बिहार की राजधानी पटना में आज ब्राह्मण समाज अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतर आया।
ब्राह्मण कल्याण बोर्ड, सवर्ण आयोग, EWS में समान अवसर, UGC रोलबैक और आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा सहित 15 सूत्री मांगों को लेकर समाज ने मौन संकल्प पदयात्रा निकाली।
सवाल साफ है—जब अपने अधिकारों की बात हो, तो समाज की आवाज सरकार तक पहुंचनी ही चाहिए।
#Patna #Bihar #BrahminSamaj
यह जो भीड़ देख रहे हो, यह भीड़ नहीं पीड़ित ब्राह्मणों की हुंकार है।
व्यथा जब हद पार कर जाती है तो फिर एकजुटा हो ही जाती है, यह एकजुटता ब्राह्मणों की पटना में हो रही है।
ब्राह्मण एकजुट हुए हैं, लोगों को दस्त आने शुरू हो जाएंगे, पहली बार इतनी बड़ी संख्या में ब्राह्मणों का हूजूम पटना में दिखाई दिया।
पटना IIT के रजिस्ट्रार अवनेंद्र कुमार ठाकुर पर SC/ST एक्ट के तहत शिकायत दर्ज कराई गई है, क्योंकि उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर दलित आरक्षण पर लिख दिया था!
बस ऐसे ही देश में सामाजिक न्याय चल रहा है!
देश के पत्रकार गलत जानकारी दे रहे हैं क्या?
आज हर्षवर्धन त्रिपाठी जी और तहसीन पूनावाला जी में ST-SC Act पर एक बहस देख रहा था।
तहसीन भाई ने कहा कि ST/SC Act में FIR के बाद 25% compensation amount दे दिया जाता है। इससे एक्ट के दुरुपयोग को बढ़ावा मिल रहा है।
हर्षवर्धन त्रिपाठी जी ने खुलेआम यह बात मानने से मना कर दिया। कह रहे थे कि "यह फैक्ट नहीं है।"
@MediaHarshVT जी, मैं आपको फैक्ट बताता हूं। ये दो स्क्रीनशॉट देखिए। सरकारी वेबसाइट से लिया है।
अब आप बताइए कि @tehseenp भाई ने ST-SC Act के बारे में क्या गलत कहा था?
Launching means introducing it for the 1st time.
So BJP is introducing schemes bases on caste, wherever they come in power.
Ab iske liye bhi Congress ko dosh dena hai??
क्या सामान्य वर्ग का होना गुनाह है?
महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय, गोरखपुर ने 9 पदों पर वैकेंसी निकाली है।
प्राध्यापक, उपाचार्य, आचार्य - सैलरी 1.20 लाख से 2.20 लाख तक।
पर लिस्ट देखिए -
SC - 3 पद
OBC - 5 पद
EWS - 1 पद
UR (सामान्य) - 0 पद
मतलब उत्तर प्रदेश का सामान्य वर्ग का आयुर्वेद का MD/MS डॉक्टर इस फॉर्म को भर भी नहीं सकता।
हम पूछना चाहते हैं सरकार से -
1. जब आप कहते हैं सबका साथ, सबका विकास, तो इस विकास में सामान्य वर्ग क्यों नहीं है?
2. EWS तो 10% आरक्षण है, पर वो भी सिर्फ 1 पद? बाकी 8 पद सिर्फ जाति के नाम पर?
3. क्या सामान्य वर्ग के गरीब बच्चे ने मेहनत नहीं की? क्या उसके माँ-बाप ने फीस नहीं भरी?
हम आरक्षण के खिलाफ नहीं हैं, हम भेदभाव के खिलाफ हैं। अगर रोस्टर के नाम पर 9 के 9 पद आरक्षित कर दोगे, तो सामान्य वर्ग का लड़का कहाँ जाएगा? दिल्ली में पकौड़े तलेगा?
भयवाह 🚨
रूह कांप जाएगी इनको पढ़िये कैसे KGMU हॉस्पिटल जो लखनऊ में है और योगी आदित्यनाथ लखनऊ में बैठते हैं वहां लव जिहाद का तांडव मचा है।
कैसे हिदू लड़कियों को मुस्लिमों द्वारा प्रेम जाल में फंसाकर उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए उकसाया जा रहा है।
सबसे बड़ी बात दलित डॉक्टर जो हिंदू विरोधी मानसिकता का है वह इस खेल में शामिल हैं।
यह खुलासा UPSTF ने किया है, अलग अलग विभागों में कैसी गंध मची है।
योगी जी जातियों में न बैठने का ज्ञान दे रहे थे और उन्हीं के प्रदेश में जाति के आधार सवर्ण समाज के छात्रों के साथ कितना भेदभाव हो रहा है
क्या सामान्य वर्ग का होना गुनाह है?
महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय, गोरखपुर ने 9 पदों पर वैकेंसी निकाली है।
प्राध्यापक, उपाचार्य, आचार्य - सैलरी 1.20 लाख से 2.20 लाख तक।
पर लिस्ट देखिए -
SC - 3 पद
OBC - 5 पद
EWS - 1 पद
UR (सामान्य) - 0 पद
मतलब उत्तर प्रदेश का सामान्य वर्ग का आयुर्वेद का MD/MS डॉक्टर इस फॉर्म को भर भी नहीं सकता।
हम पूछना चाहते हैं सरकार से -
1. जब आप कहते हैं सबका साथ, सबका विकास, तो इस विकास में सामान्य वर्ग क्यों नहीं है?
2. EWS तो 10% आरक्षण है, पर वो भी सिर्फ 1 पद? बाकी 8 पद सिर्फ जाति के नाम पर?
3. क्या सामान्य वर्ग के गरीब बच्चे ने मेहनत नहीं की? क्या उसके माँ-बाप ने फीस नहीं भरी?
हम आरक्षण के खिलाफ नहीं हैं, हम भेदभाव के खिलाफ हैं। अगर रोस्टर के नाम पर 9 के 9 पद आरक्षित कर दोगे, तो सामान्य वर्ग का लड़का कहाँ जाएगा? दिल्ली में पकौड़े तलेगा?
The "Backlog System" is a curse on societal development.
When the Govt fails to find suitable candidates for Reserved vacancies, instead of opening those posts to meritorious GC candidates, it carries them forward year after year under the Reserved category, creating a growing pile of unfilled vacancies.
The result? GC unemployment despite available vacancies, understaffed Govt departments, overburdened employees and ultimately, citizens paying the price through delayed and inefficient services, causing waste of Taxpayers' money.
It's time to abolish the Backlog System and open unfilled vacancies to meritorious GC candidates.
Must watch video👇
I think we should challenge the official policy of "banning dereservation".
Seats left empty from reserved category should be filled from meritorious UR candidates.
Leaving seats empty for years is a wrong policy which overburdens the existing system.
अब अनिरुद्धाचार्य जी ने जातिगत आरक्षण को खत्म कर, आर्थिक आधार पर आरक्षण देने की बात कही है!
जब नेता वोटबैंक के चक्कर में देश और हिंदू धर्म को बांटने लग जाएं, तो ऐसे ही और संतों और धार्मिक गुरुओं को सामने आना होगा और इस जातिगत तुष्टिकरण की राजनीति के खिलाफ आवाज उठानी होगी!
मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने 9th अक्टूबर को 73% रद्द कर दिया था!
लेकिन मोहन यादव की भाजपा सरकार ने अभी तक आरक्षण व्यवस्था सही नहीं की है और जो पुराने UR पद होल्ड पर थे, उनको भरने की शुरुआत नहीं की है!
अब GC उम्मीदवारों की तरफ से मध्यप्रदेश सरकार को लीगल नोटिस भेजा गया है!
शर्म करो @DrMohanYadav51 जी!
कोर्ट की बात भी नहीं मान रहे??
Golden day for democracy! Let’s all take a moment to celebrate.
An FIR over a satirical reel is indeed a new low.
Stay strong @khurpenchh .. You have our support!
SC ST OBC और Muslims के तुष्टिकरण पर मोदी ने कांग्रेस की तुलना में लगभग 4 गुना ज्यादा पैसा बर्बाद किया है
इस तुलनात्मक चार्ट में कांग्रेस के 10 सालों(२००४-२०१३) से मोदी के 10 सालों(२०१६-२०२५) की तुलना की गई है
SC ST और मुसलमानों के तुष्टिकरण पर मोदी ने कांग्रेस से 4 गुना ज्यादा पैसा बर्बाद किया है
ओबीसी तुष्टिकरण की रकम जो कांग्रेस के शासनकाल में लगभग 8000 करोड़ थी वह भी बढ़कर मोदी काल में 17000 करोड़ हो गई है।
फर्जी विकास का नारा देकर मोदी सरकार तुष्टिकरण के सहारे सत्ता में बना रहना चाहती है
यह सारी खैरात सवर्णों से वसूले गए टैक्स में से बाँटी जा रही है