भारत माँ के अमर बलिदानी परमवीर लांस नायक करम सिंह का जन्म 15 सितम्बर 1915 को पंजाब के संगरूर जिले के भालियां में हुआ था l 1948 में लांस नायक करम सिंह जी को परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया
#JaiHind
ज्ञेयः स नित्यसन्न्यासी यो न द्वेष्टि न काङ्क्षति
निर्द्वन्द्वो हि महाबाहो सुखं बन्धात्प्रमुच्यते
जो न तो कर्मफलों से घृणा करता है और न कर्मफल की इच्छा करता है,वह नित्य संन्यासी जाना जाता है,ऐसा मनुष्य समस्त द्वन्द्वों से रहित होकर भवबन्धन को पार कर पूर्णतया मुक्त हो जाता है |
25-50 वर्षों के बाद का भारत बहुत सुंदर होगा और उसमें पतंजलि गुरुकुलम से लेकर के आचार्यलकुलम से लेकर के वैदिक गुरुकुलम, वैदिक कन्या गुरुकुलम, पतंजलि विश्वविद्यालय, पतंजलि की बहुत बड़ी भूमिक होगी। #Acharyakulam
. योग का मूल सिद्धांत है सुख, शांति, संतुष्टि, तृप्ति, मुक्ति, जीवन मुक्ति, सारी संपत्ति, सारा सुख, सारा ऐश्वर्य, सारा ब्रह्मांड सब अपने भीतर। धीरे-धीरे इस अनुभूति को आप खुद अनुभव करते जाएंगे।
बच्चों को शास्त्र स्मरण, भाषा का अभ्यास, जीवन के श्रेष्ठ अभ्यास और इनके जीवन में जो प्रमाद नाम का राक्षस है, उसका वध करके, मोक्ष करके इनको श्रेष्ठतम बच्चे बनाएंगे।
#Universityofpatanjali
अनुलोम विलोम करने से रोग तो हमारे मिटते ही हैं साथ ही हमारे भीतर का मनुष्यत्व, देवत्व, ऋषित्व, ब्रह्मत्व जागता है। इसलिए कहते हैं योग की यात्रा है नर से नारायण की, जीव से ब्रह्म होने की।