जिस तरह अन्य अपराध चरम पर है,
उसी तरह किन्नरों का आतंक भी सरेआम ट्रेन बस, सड़कों पर आये दिन देखने को मिलना आम बात हो गयी है?
शुभ अवसर पर जाकरअपनी मन मर्जी की अगुवाई करना दीन-दहाड़े लूट करना है!
ये सब पर अंकुश लगना अत्यंत आवश्यक है!
किन्नरों का आतंक! 😡🚨
दिल्ली रेलवे स्टेशन का एक वीडियो वायरल है, जिसमें किन्नरों का गैंग एक युवक को बेरहमी से पीट रहा है। जब उसकी पत्नी और बेटी उसे बचाने आईं, तो किन्नरों ने उन्हें भी पीटा।
इतना ही नहीं जब एक पुलिसकर्मी उन्हें शांत कराने आता है, तो किन्नर उसे भी तमाचा मारने का इशारा करते हुए गालियाँ देते दिखाई दे रहे हैं। सवाल यह है कि इन लुटेरे किन्नरों को ट्रेनों, बसों में घुसकर, चौराहों पर खड़े होकर और घरों पर आकर बधाई के नाम पर धन-उगाही करने की इजाज़त कौन दे���ा है? अगर कोई इन्हें पैसे देने से मना कर दे, तो ये उसके बीवी-बच्चों के सामने अर्धनग्न हो जाते हैं।
क्या सरकार के मंत्रियों एवं पुलिस अधिकारियों को इस लूट में हिस्सा मिलता है? अगर नहीं, तो इन लुटेरों द्वारा ट्रेनों में घुसकर की जा रही इस डकैती पर रोक क्यों नहीं लगाई जा रही है? सरकार को अपनी सुरक्षा व्यवस्था एवं पुलिस प्रशासन की लाचारी का अंदाज़ा इसी बात से लगा लेना चाहिए कि ये लुटेरे किन्नर भरे स्टेशन पर एक युवक और उसके बीवी-बच्चों को पीटते रहे और पुलिस तमाशा देखती रही। जब एक पुलिसकर्मी ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, तो ये उसे भी तमाचा दिखाकर गालियाँ देने लगे।
जब देश एवं प्रदेश की सरकारें इन पर कोई एक्शन लेने में असमर्थ हैं और अध��कारी चुप्पी साधे बैठे हैं, तो ऐसे में कहीं ऐसा न हो कि पब्लिक स्वयं न्याय करने पर उतर जाए।
सही बोला आपने आपके में सहमत हूं!
समाज ऐसे मानसिक विकलांगों की वजह से अपंग न हो जाये!
हमारे युवा भाई-बहन और समाज के साथ ऐसे नौटंकीबाज लोग खिलवाड़ कर रहें है!
ये लोग सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए कुछ भी बोल देते ��ै महापुरुषों के नाम को इन लोगों ने हमेशा गलत उपयोग किया है!
मैं दावे से कहता हूँ, इस गपोड़ी ने अपने जीवन में बाबासाहेब की एक भी किताब नहीं पढ़ी होगी। पढ़ी होती तो "I ❤️ Mohammad" विवाद में नहीं कूदता।
भीम आर्मी हो या भीम सेना, ये मूर्ख गैंग समाज के युवाओं को दंगे की आग में झोंक रहे हैं। शर्मनाक!
मथुरा जिले के भावी और योग्य शिक्षक
समझ नहीं आता ये #योग्य है की #अयोग्य
डर किस बात का है एक शिक्षक को प्रतिमाह 90हजार मिलता है लेकिन tet नाम से कांप क्यों रहें है
इससे तो अच्छा शिक्षा मित्र है जिन्होंने tet पास कर रखें है उनसे ही हेल्प मांगलो
क्यों मिश्रा जी @shivkmishra😌
देवी दत्��� भैया आप काहें पर परेशान होत हो आप भी ना एक अर्जी लगा दीयों सबके नाम की और भाभी के नाम की ऊपर वाला सबका भला करेगा
की आपको भी ऊपर वालों पर भरोसा न हैँ अब😌
तनी ऐका पढ़ौ।
अऊर अपने भक्तन के पढ़ाऔ।
बाकी, नेतागीरी खूब झाड़ौ, कोई मना नहीं कर रहा।
लेकिन, एक बात नोट कर ल्यौ..
सुप्रीम को��्ट का आदेश कभी नहीं बदलता।
यहां लाख रुपया तन्खवाह पाने वाले के लिए भी वही नियम है, जो 3500 रुपया पाने वालों के लिए है ।
@DrDCSHARMAUPPSS @vipinUPPSS
औरत के मामले मैं ज्यादातर पुरुषों की सोच इतनी छोटी कैसे हो जाती चाहें मर्द कितना ही बड़ा अधिकारी,समाजिक व्यक्ति,नेता या अपनी माँ का पिट्ठू ह�� लेकिन औरत को पैर की जूती ही क्यों ऱखना चाहते हैँ.?
#औरत_पैर_की_जूती जैसी सोच को रखने वाले मर्दों के रहते हुए क्या औरत #आजाद हैँ
जय भीम साथियो 🙏
मैंने एक #podcast यूट्यूब चैनल की शुरुआत की है। आप सभी चैनल को सब्सक्राइब करके अपना ज्यादा से ज्यादा सपोर्ट दें 🙏।
https://t.co/iVilaYrH4B
अरे मास्साब तो घबराना क्यों, क्या आप सहमत है की बढ़ती उम्र के चलते योग्यता भी घटती जाती है अगर ऐसा है तो फिर किस काम के शिक्षक जो शिक्षक एक परीक्ष�� से डर गए
मास्साब क्यों न सुप्रीम कोर्ट के फैसले को सीना चौड़ाकर शिक्षकों को मानकर तैयारी में जुट जाना चाहिए
आज पूर्व के शिक्षकों के लिए पात्रता परीक्षा का आदेश आया है, कल को पूर्व के लेखपाल, vdo, आदि के लिए भी PET का आदेश अथवा
PCS से पदोन्नत हो कर जिलाधिकारी रैंक के लिए UPSC अनिवार्य हो जाए तो क्या यह उचित है ?
क्योंकि पदोन्नति या सेवा के लिए वर्षों के अनुभव को दरकिनार नहीं किया जाना चाहिए।
भर्ती प्रक्रिया में जो बदलाव हो वह नई भर्ती ��े प्रारंभ हों तो ज्यादा ठीक रहता है।
@DrDCSHARMAUPPSS
@UPPSS1921
इसका मतलब साफ ह��ं की शिक्षक tet की परीक्षा पास करने में असमर्थ हैं या साफ शब्दों में बोले या तो #अयोग्य
महोदय जो शिक्षक tet नहीं कर सकते उनको अयोग्यता के थप्पे से बचने के लिए चुपचाप पतली गली से निकल जाना चाहिए
और आने वाली शिक्षक भर्ती में योग्य युवाओं को मौका मिलना चाहिए🥺
किसी भर्ती के पूर्व सरकार द्वारा संबंधित पद हेतु जो भी योग्यता निर्धारित की जाती है उसको पूर्ण करने वाले अभ्य���्थी ही भर्ती किये जाते हैं ।प्रदेश सरकार द्वारा समय समय पर शिक्षकों की भर्ती हेतु जो भी योग्यता निर्धारित की गई उसको पूरा करने पर ही शिक्षक भर्ती हुए हैं
जैसे हाईस्कूल बीटीसी,इण्टर बीटीसी,स्नातक बीटीसी/बिशिष्ट बीटीसी ,स्नातक बीटीसी/बिशिष्ट बीटीसी /बी एड इत्यादि
25- 30 वर्ष पूर्व निर्धारित योग्यता पर नियुक्त शिक्षकों पर वर्तमान भर्ती हेतु निर्धारित योग्यता थोपने हेतु बनाया गया कोई भी कान���न केवल काला कानून ही कहा जायेगा ।
23 अगस्त 2010 की एनसीटीई की गाइड लाइन में संशोधन देश भर के शिक्षकों के साथ छल कपट व धोखा है जिसे देश का शिक्षक सहन नहीं करेगा ।हम भारत सरकार से अनुरोध करते हैं कि इस अन्याय के विरुद्ध देश के शिक्षकों को सड़क पर उतरने हेतु मजबूर न किया जाये ।भारत सरकार इस काले कानून को वापस लेकर शिक्षकों के साथ न्याय करे ।
#काला_कानून_वापस_लो
ये गलत बात है!
योग्य शिक्षको को ये कतई शोभा नहीं देता परीक्षा पास करें और योग्यता के पैमाने में फिट बैठे!
शिक्षक दिवस पर सभी ऐसे शिक्षकों को एकजुट होकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करना चाहिए था जो दो साल के अंदर शिक्षक पात्रता परीक्षा करने के अंतर्गत आते हैं!
दुःखद 😭
भाई शिक्षक पात्रता परीक्षा योग्य शिक्षको को देने में आखिरकार समस्या क्यों?
योग्य है तो बिना किसी लाग-लपेट के सभी उन शिक्षको को tet की परीक्षा पास करके अपनी योग्यता का पैमाना दिखाना चाहिए जो सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अंतर्गत आते हैं!
योग्य के लिए तो चुटकीयों का काम हैं पास करना?
शिक्षकों के लिए टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) अनिवार्य करने संबंधी निर्णय पर पुनर्विचार करने ह���तु माननीय मुख्य न्यायाधीश श्रद्धेय भूषण रामकृष्ण गवई जी को पत्र लिखकर निवेदन किया।
हमें आशा हैं कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय इस विषय पर संवेदनशील और न्यायपूर्ण निर्णय करेगा।
#SupremeCourtOfIndia
#JusticeBRGavai
#TeachersRights
#RightToEducation
कुछ झूठे लोग बाबा साहेब को मानने वाले सस्ती और गंद��� लोकप्रियता पाने व लाइक फॉलोवर्स बढ़ाने के लिए अनाप-सनाप बकते रहते है!
सुधर जाओ जाहिलों क्यों......ओढ़ रखी है😡
बलदेव ब्लाक से कार्य मुक्त श्रीमती कुसुम कुमारी शिक्षा मित्र प्राo वo हयात पुर बलदेव ब्लाक पर विदाई समारोह का कार्यक्रम किया गया जिसमे सभी शिक्षामित्र व शिक्षक शामिल हुए!
@myogiadityanजी आपकी ये किस तरह की नीति है की आज भी up का सविंदा शिक्षक भुखमरी की लाइन में खड़ा ���र रखा है?