जब हम अंधेरे में दीये को लेकर चलते हैं
तो हमे यह भरम होता हैं कि
हम दीये को लेकर चल रहे हैं
जबकि सच्चाई यह होती हैं कि
दीया हमें ले कर चल रहा होता है......
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*"सूख और दुःख"*
*अपनी तकदीर से मिलते हैं*
*अमीरी या गरीबी से उसका कोई*
*लेना देना नहीं...,*
*रोने वाले महलों में भी रोते हैं*
*और जिनकी तकदीर में खुशियां हैं*
*वो झोंपड़ी में भी खुश हैं।।*
*🙏🏼जय श्रीराम, जय श्रीकृष्ण🙏🏼*