सरकारी काम तो सरकारी कर्मचारी माने जाएगे :-पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट चंडीगढ़
सीधा सवाल बिहार सरकार या केन्द्र सरकार को आपदा मित्रो से काम लेना जरुरी है या नही, और अगर नही तो ट्रेनिंग पर करोडो खर्च क्यो ?
सेना इस्ताफा दे या सामुहिक छुट्टी पर चल जाए,आप राष्ट्र की रक्षा के लिए है भ्रष्ट,बलात्कारी,हत्यारे नेताओ के बचाव और छात्रो पर लाठी चलाने के लिए नही,नेताओ ने समस्या खडी की है तो वही सामने आकर समस्या निपटाए
मरना सभी को है मोदी जी, मरने से पहले थोडा नौटंकी छोड सच्चे मन से मंथन कर ले,क्या छात्रो पर लाठी चलनी चाहिए था या खुद लाठी लेकर धर्मेन्र प्रधान का पिछवाडा लाल करना जिम्मेवारी था, अभी भी देर नही हुआ है धो डालिए धर्मेन्द्र प्रधान को
खुद के कर्मो से कालिख पोत लिए मोदी जी,एक भ्रष्टाचारी के बचाने मे पुरे देश के युवाओ की बलि लेने लगे,शर्म करो ,परिवार बच्चे होते तो ना बच्चो और परिवार का दर्द समझते
@ndmaindia@MYBharatHQ@BsdmaBihar@HMOIndia महत्वपुर्ण और निर्णायक कदम सरकार के लिए होगा, ऐसी बहुत सारे काम है जो आपदा मित्रो से देश राष्ट्र के लिए लिया जा सकता है, अगर NDMA /भारत सरकार वार्ता / सुझाव के लिए मुझे आमंत्रित करती है तो मै हमेशा तैयार हुँ, संपर्क प्रमोद कुमार साहवाल 9204639948, जय हिन्द जय भारत
@ndmaindia@MYBharatHQ@BsdmaBihar@HMOIndia जब आप आपदा मित्रो को नियुक्ति देगे तो इनसे बहुत सारी काम सरकार ले सकती है,विभिन्न विभागो समेत पर्यटन स्थलो से लेकर ट्रैफिक पुलिस,एम्बुलेन्स से लेकर थानो तक,सबसे बडी फायदा एक सिक्रेट सुरक्षाकर्मी के तौर पर पुरे देश मे एक जाल तैयार बिना अलग के मेहनत के तैयार हो जाएगा जो देश के लिए
@ndmaindia@MYBharatHQ@BsdmaBihar@HMOIndia उपयुक्त है और वो भी उनलोगो से जो मानवता के लिए समर्पित है उनके साथ जाने अनजाने अमानवीय व्यवहार ,,,,,ये मुझे कही से सही नही लगता है,मेरा मानना है पद सृजन कर आपदा मित्र सेना बना कर स्थायी नियुक्ति किया जाना चाहिए ताकि वो लोग भी गर्व से विषम परिस्थितियो मे अपनी जान पर खेल कर भी दुसर
@ndmaindia@MYBharatHQ@BsdmaBihar@HMOIndia एक अनुरोध :- रोबोट हो या कोई मशीन इनको भी चलने के लिए बैटरी /फ्युल/बिजली/आदि की जरूरत होती है,जो कि निर्जीव है मशीनरी है, और मानव जिसे भुख लगती है ढेग ढेग पर आज के दौर मे संसाधनो की व्यवस्था के लिए पैसे की जरूरत होती है वैसे मे बेगारी किसी से करवाना मानवीय दृष्टी से कहॉ तक,,,
@ndmaindia@MYBharatHQ@BsdmaBihar@HMOIndia और मुआवजे के लिए विभिन्न प्रक्रिया से गुजरने मे श्रम और वक्त,अगर उसी 4 लाख को 1095 रू प्रतिदिन लगभग ×365 दिन =लगभग 4 लाख रू सरकार चाहे तो आपदा मित्रो को देकर करोडो अरबो रू प्रति आपदा मित्रो के माध्यम से बचा सकती है ,इस सुझाव पर सरकार से चर्चा के लिए मै तैयार हुँ,9204639948प्रमोद
@ndmaindia@MYBharatHQ@BsdmaBihar@HMOIndia जबकि जान जोखिम मे डालकर लोगो की अनमोल जीवन और धन सम्पत्ति बचाने वाले आपदा मित्रो के जीवन की चिन्ता किसी को नही है, ये जीवन ही नही सरकार के 4 लाख मुआवजा,प्रशासन का समय और विभिन्न विभागो का वक्त और संसाधन भी बचाते है जैसे पोस्टमार्ट के लिए, वाहन, पुलिसकर्मी,डॉ,समेत कर्मी,पुलिस केस,
@ndmaindia@MYBharatHQ@BsdmaBihar@HMOIndia उस पर से एक पत्र जो आपदा मित्रो को भरवाने के लिए NDMA द्वारा जारी हुआ है की सभी आपदा मित्र शपथ पत्र भर कर देगे कि भविष्य मे नौकरी वेतन, या किसी संगठन/युनियन का हिस्सा नही रहेगे, तो क्यो कोई आज मुफ्त मे काम करेगा ? जबकि इसी NDMA मे भारी भरकम वेतन पर a/c मे बैठने वाले अन्य सुविधाए
@ndmaindia@MYBharatHQ@BsdmaBihar@HMOIndia आज बिहार मे आपदा मित्रों/सखियों की मॉग ना सुनना , काम ले लेना और भोलेन्टियर के नाम पर बेगारी कराना भी युवाओ को इस स्किम से दुर ले जा रहा है,आपदा मित्रों/सखियों से जब लोग पुछते है कितना पैसा मिलता है तो जबाव सुन मजाक के पात्र आपदा मित्र बन जाते है,ऐसे मे मजाक उडाने वाला हो या मजाक
@ndmaindia@MYBharatHQ@BsdmaBihar@HMOIndia अभी भी युवा आपदा मित्र की आज से पटना मे सिवान की ट्रेनिंग चालु हो रही है पर प्राप्त जानकारी अनुसार मात्र 10 युवा ही बहुत समझाने पर गये है उसमे भी 2023 के आपदा मित्र भी फिर से ट्रेनिंग के लिए जाने की सुचना है,जो संभवत खाना आपुर्ति की जा रही है ऐसा प्रतिक हो रहा है
@ndmaindia@MYBharatHQ@BsdmaBihar@HMOIndia सरकार के गलत नीतियो के कारण आज युवा आपदा मित्र स्किम अन्तर्गत कोई युवा ट्रेनिंग के लिए नही जाना चाहता,2023 के विभिन्न बैचो मे ट्रेनिंग किये युवाओ को ट्रेनिग के दौरान 400 रू ×12 दिन =4800रू का भुगतान नही हुआ साथ ही आने जाने का भाडा भी भुगतान नही हुआ, 2026मे युवा आपदा मित्रो का भी