श्री दिग्विजय @digvijaya_28 सिंह के कांग्रेसी होने पर ओछी टिप्पणी करने वाले और संदेह करने वाले कांग्रेस देश और समाज के शुभचिंतक नहीं हो सकते!
आप उनके वक्तव्य को गुण या दोष के आधार पर समर्थन या विरोध कर सकते है पर उनके कांग्रेसीपन पर टिप्पणी कतई अस्वीकार्य है।
उन पर ओछी टिप्पणी संघ भाजपा और उनका समर्थक गोदी मीडिया कर रहा है या करवा रहा है।
हमारे तमाम वैचारिक साथी भाजपा के संघ के और गोदी मीडिया के कुत्सित एजेंडे का जाने अनजाने शिकार हो रहे हैं।
“जो कहते हैं, ‘कांग्रेस खत्म हो गई है’…
मैं उन्हें बताना चाहता हूँ कि -
हमारे पास सत्ता कम हो सकती है,
लेकिन हमारी रीढ़ अभी भी सीधी है।
हमने समझौता नहीं किया—
• न संविधान से
• न धर्मनिरपेक्षता से
• न गरीब के हक से”
शानदार, जबरदस्त, जिन्दाबाद 🇮🇳
@kharge जी 🔥🔥🔥
लखनऊ में बने राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल ने एक बुनियादी सवाल खड़ा कर दिया है—आख़िर राष्ट्र की प्रेरणा किसे माना जाए? तीन ब्राह्मण नेताओं की विशाल मूर्तियाँ लगाकर जब इसे “राष्ट्रीय” कहा जाता है, तो दलित, पिछड़े, आदिवासी और महिला नेतृत्व की अनुपस्थिति चुभती है। क्या सौ साल के इतिहास में कोई ऐसा नहीं मिला? यही जाति का असली प्रश्न है—जो दिखता नहीं, लेकिन सत्ता में स्थायी है। सामाजिक न्याय की बात करने वाले भारत में प्रतीकों की यह राजनीति बहुत कुछ कहती है। अब तय हमें करना है कि प्रेरणा का अर्थ क्या है और किसके लिए।
देश के जनता के प्रधानमंत्री राहुल गांधी ही है !
उन्नाव की बेटी से लेकर हरिओम वाल्मीकि तक न्याय के लिए राहुल गांधी आगे आए
नरेंद्र मोदी को तो बस अड़ानी को जमीने देने के लिए PM बनाया हुआ है !
मैं कह रहा हूँ नाकारा PM 👇👇👇
पंडित अटल बिहारी वाजपेयी,
पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी
पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर और उनकी मूर्तियों के साथ राष्ट्र प्रेरणा स्थल का आज लखनऊ में उदघाटन हो रहा है,
मैं दिल से कहता हूँ,
मुझे इन महानुभाव लोगों के जीवन और विचार से कोई प्रेरणा नहीं मिलती है,
मुझे बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर, शहीद भगत सिंह, शहीद अशफाक उल्ला खान,
पंडित जवाहर लाल नेहरू और नेता जी सुभाष चंद्र बोस के जीवन से प्रेरणा मिलती है,
मोदी सरकार ने मनरेगा जैसी ऐतिहासिक योजना को दफन करने का मन बना लिया है।
औपचारिक तौर पर “संशोधन” का ढोंग है, 100 की जगह 125 दिन लिख देने का झाँसा है—जबकि हक़ीक़त यह है कि रोज़गार की गारंटी को ही ख़त्म किया जा रहा है।
“विकसित भारत–रोज़गार और आजीविका गारंटी मिशन” अब हर हाथ को काम के अधिकार की बजाय, चुनिंदा लाभार्थियों को दिहाड़ी के दान की योजना बनाता है।
आरोप नहीं सबूत सामने हैं, बिहार में SIR सुधार नहीं सीधा खेल निकला!
दिल्ली से नोटिस गया और बिहार में लाखों वोट काट दिए गए
न ERO का साइन न नियम की परवाह
ये चुनाव नहीं लोकतंत्र से छेड़छाड़ थी
सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग खुद फंस गया
68 लाख वोट कैसे कटे इसका जवाब नहीं
ना सॉफ्टवेयर इस्तेमाल हुआ ना पारदर्शिता
और अब CCTV फुटेज देने से भी भाग रहे हैं
— मनरेगा का मजाक उड़ाने वाली सरकार आज उसी योजना के नाम से डर गई
— गांधी नाम से चिढ़ इतनी कि योजना का नाम मिटा दिया गया
— काम का अधिकार था जिसे धीरे धीरे कमजोर किया जा रहा है
— केंद्र ने हाथ खींचे और 40 फीसदी बोझ राज्यों पर डाल दिया
— नाम बदला गया ताकि योजना खुद दम तोड़ दे
— मुफ्त अनाज ने 80 करोड़ लोगों को सिस्टम पर निर्भर बना दिया
— 15 लाख और दो करोड़ नौकरियों का वादा आज भी हवा है
जिस गांधी को 3 गोलियां लगी उसने मरते मरते हे राम हे राम बोला यह उसके नाम को उसी राम जी से मिटाना चाहते है - नरेंद्र मोदी Boss यह बचकानी हरकत है !
देश हँस रहा है आपके इस कदम पर !
मैं और पूरा देश आपका विरोधी है इसमें 👇👇
हम नागरिक हैं, किसी राजा की प्रजा नहीं
और नागरिक हमें वोट के अधिकार ने बनाया है
लेकिन आज इस हक पर हमला हो रहा है
वोट चोरी के ख़िलाफ़ 14 दिसंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान के ऐतिहासिक मैदान से सिर्फ एक ही नारा गूंजेगा: 'वोट चोर - गद्दी छोड़'
मैं रामलीला मैदान पहुंच गया राहुल गांधी आने वाले हैं 🔥🔥👇
रामलीला मैदान में पहुंचा लाखों का जनसैलाब!
नरेंद्र मोदी वोट चोरी से प्रधानमंत्री बने हैं हर आदमी की जुबान पर यही बात है 👇👇
राहुल गांधी की कांग्रेस कार्यकर्ताओं का जोश देखिए 🔥👇
OBC पहले भी अध्यक्ष थे,
अब फिर से OBC को अध्यक्ष बना दिया,
जबकि BJP की सबसे बड़ी ताकत ब्राम्हण समाज है,
मुझे उम्मीद थी कि इस बार किसी ब्राम्हण समाज के नेता को प्रदेश अध्यक्ष बनाया जाएगा,
लेकिन एक बार फिर से ऐसा नहीं हुआ,
मुझे ब्राम्हण समाज के लिए निराशा है,
कब तक सिर्फ दरी बिछाएगा सबसे बड़ा बौद्धिक वर्ग,