विकसित भारत के शिल्पकार राष्ट्रहित हित सर्वोपरि रखने वाले विश्व के सर्वाधिक लोकप्रिय नेता आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई🙏
#happybirthdaymodi ji
@narendramodi ji
@BJP4India
@AshutoshRanka तिलचट्टे तुम्हारे ऊपर हमला भाजपा के लोगों ने किया या नहीं वो गांव वाले बता देंगे पर तुम्हारे साथ जो लोग गए थे वो कौन थे यूथ कांग्रेस के नेता ?????? थे या नहीं ???? वहां की जनता उन्हें बखूभी जानती है इसलिए झूंठ मत बोलना ।
@anjanag870@Pawankhera सफेद बाल वाले भगौड़ा ( आसाम पुलिस के डर से ) ओकात की बात कर रहा है तुम्हारी खुद की क्या औकात थी आगे पीछे फाइल लेके घूमता था और चाट चाट के आज सांसद बन गया तुम्हारा कोई जनाधार है? जो जनता के दिलों पर राज करता है उनके लिए बोलने से पहले चुनाव लड़ ओर अपनी औकात साबित कर ।
अपने लगभग आधा दर्जन मंत्रियों समेत महीनों जेल में गुजार चुके केजरीवाल का दलाल रंगे हाथों कैमरे के सामने बेनकाब हो गया। ये दलाल दिल्ली में दस लाख रुपए महीना के मकान में रहता था, राज खुला तो सफाई या सच्चाई बताने, किराए की रसीद दिखाने के बजाय वह घर छोड़ कर भाग खड़ा हुआ
@abhijeet_dipke ओये तिलचट्टे तुझे कांग्रेस और बाकी पार्टियों के शासन वाले राज्यों में जाने के नाम पर बुखार क्यों आता हैं ? उनसे लिया हुआ पैसा वापस देना पड़ जाएगा इसलिए ना।
@dineshdangi84 Sir officially congress join kar lo na .... Sayad congree ki dasha sudhar jaaye or aapko yu dukhi na hona pade..... Kyu journalist bane hue ho .
आज स्वतंत्रता दिवस है, आज ही ये करना था !
दो दिन पहले सपा नेता रामगोपाल यादव ने कहा था कि पूरे वंदे मातरम् के लिए खड़ा रहना बड़ा तकलीफदेह है। और आज कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम् के दौरान ये हुआ।
जिस वंदे मातरम् को गाते हुए क्रांतिकारी अंग्रेजो की लाठी गोली खाते थे। जिस वंदे मातरम् को गाते हुए आज़ादी के मतवाले हंसते हंसते फांसी के फंदे पर चढ़ जाते थे। आज के ये नेता उस वंदे मातरम् के लिए 3 मिनट खड़े नहीं हो सकते, इनके घुटनों में दर्द शुरू हो जाता है।
अब जैसे ही ये क्लिप वायरल हुई कांग्रेस नेताओं ने लीपा पोती शुरू कर दी। जितने मुंह उतने बहाने
जयराम रमेश- सोनिया गांधी खरगे के लिए कुर्सी की व्यवस्था करने को कहा। (मतलब कुर्सी पर बैठ कर भी राष्ट्र गीत गया जा सकता है ?)
पवन खेड़ा- कांग्रेस के कार्यक्रमों में वही हिस्सा गाना चाहिए जो अक्टूबर 1937 की सीडब्ल्यूसी में तय किया गया थाl ( देश के कानून से इन्हें कोई मतलब नहीं)
शकील अहमद ख़ान - देश में कई लोग पूरे वन्दे मातरम को नहीं मानते, जो आज हुआ वो कांग्रेस की परंपरा में नहीं, अच्छा लगा कि कांग्रेस नेतृत्व ने इस पर आपत्ति जताई।( तुष्टिकरण वाला असली चेहरा सामने आ गया)