@awasthis@rss@DattaHosabale@INCIndia@BJP4India अगर इतना आसान लग रहा है तो एक दिन की भारत जोड़ों यात्रा में चल कर तो देख।
AC वाले स्टूडियो में बैठकर चमचागिरी करने वाला भी फिर बेरोजगारी और महंगाई पर डिबेट करने लगेगा।
राजस्थान हो या पूरा देश, भाजपा की सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े हो रहे हैं —
शुद्धिकरण और छुआछूत जैसी घटनाओं से दलित और वंचित वर्गों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। पेपरलीक और सिस्टम की विफलताओं से युवाओं के सपनों पर असर पड़ रहा है, किसान परेशान है, कमरतोड़ महंगाई से जनता बेहाल है।
हर मोर्चे पर भाजपा की जवाबदेही तय करने का वक्त आ चुका है।
सत्ता पर काबिज होने के बाद भाजपा ने सिर्फ मनमानी की है। लोकतंत्र में असहमति को दबाया नहीं जा सकता। आज सरकार के दावों और ज़मीनी हकीकत के बीच एक बड़ा अंतर साफ दिखाई दे रहा है।
जनता अब हिसाब मांग रही है और सरकार को जवाब देना भारी पड़ रहा है।
बिहार के छात्रों का सवाल बहुत सीधा है - भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी क्यों? पेपर लीक के आरोपों पर कार्रवाई क्यों नहीं? और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कब तक?
BPSC की परीक्षाओं का विवाद आज का नहीं है। छात्र लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया, परीक्षा पैटर्न, देरी और पारदर्शिता को लेकर सड़कों पर हैं।
पर सरकार जवाब देने के बजाय कर क्या रही है? लाठी और वॉटर कैनन चला रही है। छात्रों को हिरासत में ले रही है। सीवान में तो प्रदर्शनकारियों पर AK 47 द्वारा गोलीबारी तक सामने आई।
यह सिर्फ़ पुलिस की कार्रवाई का सवाल नहीं। यह उस BJP सरकार की मानसिकता का सवाल है, जिसके पास जवाब नहीं हैं - इसलिए वह पुलिस को जवाबदेही से बचने का हथियार बना रही है।
BJP सरकार यह समझ ले - लाठी से सवाल नहीं रुकते। डराकर किसी का भविष्य नहीं छीना जा सकता।
बिहार के छात्र सवाल पूछते रहेंगे। और अब सिर्फ़ जवाब नहीं - जवाबदेही चाहिए।
#ChhatronKiGoonj
दिमाग़ी नक्सल होने के लिए पहले दिमाग़ का होना भी तो ज़रूरी है। इसलिए दोस्तों, हर किसी को इस बीमारी से डरने की ज़रूरत नहीं है- कुछ लोग जन्मजात सुरक्षित हैं।
नेता विपक्ष राहुल गांधी ने छुआछूत के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल रखा है।
सामाजिक भेदभाव के खिलाफ उनकी लड़ाई और समानता के संदेश का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
राहुल गांधी का साफ संदेश है कि भारत में किसी इंसान के साथ उसकी जाति के आधार पर भेदभाव स्वीकार नहीं किया जा सकता।