#DontKill_TheSoulOfGod
रब की रूह मत मारो
काजी कलमा पढ़त है यानि पशु-पक्षी को मारता है। फिर पवित्रा पुस्तक कुरान को पढ़ता है। संत गरीबदास जी बता रहे हैं कि कबीर परमात्मा ने कहा कि इस (जुल्म) अपराध से दोनों जिहांन बूडे़ंगे यानि पृथ्वी लोक पर भी कर्म का कष्ट आएगा।
#AllahDoesNotNeedQurbani
प्रभु पर कुर्बानी
कुर्बानी अपनी करनी चाहिए। अल्लाह के नाम पर बकरे गाय या मुर्गे की नहीं। वास्तव में कुर्बानी प्रभु चरणों में समर्पण तथा सत्य भक्ति होती है। शीश काट देने तथा शास्त्रविरुद्�� भक्ति करने से मुक्ति नहीं होती। अल्लाह कभी प्रसन्न नहीं होता।
रोजा, बंक, नमाज दई रेे,।
बिसमिल की नहीं बात कहीं रे..!!
Yes! Hazart muhmmad never Ever command to his followers to eat meat by killing animals...!!
#AllahDoesNotNeedQurbani
#AllahDoesNotNeedQurbani
कबीर परमात्मा ने कहा कि दोनों (हिन्दु तथा मुसलमान) धर्म, दया भाव रखो। मेरा वचन मानो कि सूअर तथा गाय में एक ही बोलनहार है यानि एक ही जीव है। न गाय खाओ, न सूअर खाओ।
दोनूं दीन दया करौ, मान��ं बचन हमार। गरीबदास गऊ सूर में, एकै बोलन हार।।
#AllahDoesNotNeedQurbani
बाखबर का संदेश
यदि हलाल करने का शौक है तो अपने काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार आदि बुराइयों को हलाल कर, खत्म कर। अल्लाह के लिए समर��पण भाव से सत्य भक्ति कर, यही वास्तव में कुर्बानी है।
#AllahDoesNotNeedQurbani
मुरगे से मुल्लां भये, मुल्लां फेरि मुरग। गरीबदास दोजख धसैं, पाया नहीं सुरग।।
परमात्मा कबीर जी न�� कहा कि हे काजी तथा मुल्ला! सुनो, आप मुर्गे को मारते हो तो पाप है। आगे किसी जन्म में मुर्गा तो काजी बनेगा, काजी मुर्गा बनेगा, तब वह मुर्गे वाली आत्मा मारेगी।
#गीता_ज्ञान_दाता_काल_है
गीता अध्याय 15 श्लोक 17 में काल ने कहा है कि वास्तव में अविनाशी परमात्मा तो इन दोनों (क्षर पुरूष तथा अक्षर पुरूष) से दूसरा ही है वही तीनों लोकों में प्रवेश करके सर्व का धारण पोषण करता है वही वास्तव में परमात्मा कहा जाता है।
गीता अध्याय 15 श्लोक 17 में काल ने कहा है कि वास्तव में अविनाशी परमात्मा तो इन दोनों (क्षर पुरूष तथा अक्षर पुरूष) से दूसरा ही है वही तीनों लोकों में प्रवेश करके सर्व का धारण पोषण करता है वही वास्तव में परमात्मा कहा जाता है।
#गीता_ज्ञान_दाता_काल_है
अध्याय 11 श्लोक 47 में पवित्र गीता जी को बोलने वाला प्रभु काल कह रहा है कि ‘हे अर्जुन यह मेरा वास्तविक काल रूप है, जिसे तेरे अतिरिक्त पहले किसी ने नहीं देखा था।‘
#गीता_ज्ञान_दाता_काल_है
काल की एक हजार भुजाऐं हैं। श्री कृष्ण जी श्री विष्णु जी के अवतार थे, जिनकी चार भुजाऐं हैं। #Kaal_IsThe_SpeakerOfGita
अधिक जानकारी के लिए satlok Ashram youtube चैनल visit करें
#Kaal_IsThe_SpeakerOfGita
श्रीकृष्ण जी काल नहीं थे क्योंकि श्रीकृष्ण जी के दर्शन मात्र से ही सब जीवों प्रसन्नता प्राप्त होती थी तथा सभी श्रीकृष्ण जी के पास प्यार पाते थे।
अधिक जानकारी के लिए visit करें satlok ashram youtube channel.
#Kaal_IsThe_SpeakerOfGita
पवित्र गीता जी को बोलने वाला काल (ब्रह्म-ज्योति निरंजन) है, न कि श्री कृष्ण जी। क्योंकि श्री कृष्ण जी ने पहले कभी नहीं कहा कि मैं काल हूँ तथा बाद में कभी नहीं कहा कि मैं काल हूँ।
देखिए साधना टीवी पर शाम 7:30 से
#BhagavadGitaQuotes
गीता जी में प्रमाण है कि ब्रह्मा, विष्णु,महेश की भक्ति करने वाले को कोई आध्यात्मिक, शारीरिक,मानसिक,भौतिक किसी प्रकार का भी लाभ प्राप्त नहीं होता है।
@PMOIndia
#Kaal_IsThe_SpeakerOfGita
It is written in Gita 16 verse 23 that those who worship against scripture they neither get any happiness nor attain salvation.
Visit Satlok Ashram Youtube Channel https://t.co/IdJ25oeu4z