' मैं घर से बताकर नहीं आई हूं. मां को झूठ बोलकर आई हूं .मेरे घर वाले सब बीजेपी भक्त हैं '
'मेरी मम्मी ने कहा है कि अगर तू गई तो घर में मत आना '
'हम लाठी खाकर भी फिर आए हैं '
'हम सब क्या एंटीनेशनल हैं ? इनसे एक इस्तीफा नहीं हो रहा है . फेविकोल लगाकर चिपके हैं '
सुनिए इन बेटियों को
पूरा वीडियो थोड़ी देर में मेरे यूट्यूब चैनल पर
प्रिय दिल्ली पुलिस कुछ पता चला इनका। वर्ना लोग प्रदर्शनों में इनकी तरह कपड़े में जाने लगेंगे और लाठी लेकर भी। आपको लगेगा कि पुलिस ही पुलिस आई है। जनता तो आई नहीं। सोशल मीडिया में इस तरह के पोस्टर चल रहे हैं।
बारिश की हर बूँद स्वीकार है, मगर मासूमों पर अन्याय स्वीकार नहीं, जिन्होंने अन्याय किया वो कितने ही ताकतवर क्यों ना हो, उनके पीछे कितनी बड़ी शक्ति क्यों ना हो, लेकिन जवाब देना ही होगा।
महापुरुषों के विचार ही मेरे संघर्ष की ताक़त हैं। जय भीम, जय भारत।
स्विगी - जोमेटो के जरिए देश भर से जंतर मंतर के प्रदर्शनकारियों के लिए खाना भेज रहे हैं लोग .
खाना भेजने वाले को नहीं पता कि उनका भेजा खाना कौन खा रहा है और खाने वाले को नहीं पता कि कौन भेज रहा है.
पूरी रिपोर्ट मेरे यूट्यूब चैनल पर
नाम :-हनी डागर
जाति :- मेरी जाती का है
इसको इतना फेमस करो कि इनके घर वाले को शर्म आए इसको बेटा बोलने में ,क्योंकि इसने निहत्थे 20,22 साल के लड़कों और बच्चियों को बेरहमी से मारा है !
ये गुंडे है और कुछ नहीं!
कल दिल्ली में सरकार के इशारे के बाद युवा साथियों पर हुए लाठीचार्ज के बाद न्याय की मांग को लेकर नगीना से सांसद व आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट चंद्रशेखर जी आजाद संसद भवन परिसर में संविधान निर्माता बाबा साहब भीमराव जी अम्बेडकर की मूर्ति के समक्ष धरने पर बैठे है, आज मैं भी उनके पास पहुंचा ,इस दौरान राजस्थान से लोक सभा सांसद श्री राजकुमार जी रोत भी मौजूद रहे |
भारत सरकार को युवाओं पर चली एक - एक लाठी का हिसाब देश को देना होगा,लोकतंत्र में तानाशाही स्वीकार्य नहीं है |
@BhimArmyChief@roat_mla
जहाँ संविधान की शपथ ली, आज वहीं संविधान का सम्मान बचाने बैठा हूँ।
मासूमों पर हुए अत्याचार के विरुद्ध अपना कर्तव्य निभा रहा हूँ।
जय भीम, जय भारत।
#संसद_मार्च#जंतर_मंत्र
रात 8.30 बजे प्रयागराज के छात्र सड़कों पर🔥
आज दिल्ली में हुए लाठी चार्ज के खिलाफ प्रयागराज के छात्रों का जबरदस्त प्रदर्शन।
हजारों की संख्या में छात्र सड़क पर मार्च कर रहे हैं।
“जल्दी निकल जाओ, वरना कपड़े फाड़कर तुम्हें नंगा भगाएंगे”
एक रोती हुई लड़की ने बताया कैसे कई पुलिसवाले सिविल ड्रेस में थे और मां-बहन की भद्दी गालियां देकर मार रहे थे
‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ वालों की असलियत
ये लोग कौन हैं ? इनकी क्या पहचान है? पुलिस की किस शाखा के हैं जो लाठी लेकर बैठे हैं। पुलिस कवर करने वाले पत्रकारों को पता होगा बस उनके संपादक छापने की हिम्मत कर पाएँ । उम्मीद है दिल्ली पुलिस जवाब देगी।