भाजपा आरएसएस के बड़े खिलाड़ियों, चढ़ावा चोरों, डाकुओं को बचाया जा रहा है,
छोटे छोटे कर्मचारियों को फंसाया जा रहा है।
पूरी अयोध्या एक ही बात कह रही है,
भाजपा आरएसएस चोर हैं।
यह भयानक है। अगर देश में ईमानदार जाँच व्यवस्था होती तो एक दिन में जाँच हो जाती मगर वो तो अयोध्या में भी नहीं है। देश का हर संस्थान पीएम केयर फंड जैसा हो गया है।
''चंपत राय पावरफुल है किसी की नहीं सुनते। भगवान की संपत्ति हड़पने के लिए ट्रस्ट। टिन्नू का अयोध्या में बहुत भौकाल था। चंपत का कार्यालय हड़पी हुई जमीन पर। मेरे भक्त ने चांदी का मुकुट चढ़ाया, रसीद दी नहीं। ट्रस्टी बनने के बाद अनिल ने सपंत्ति बनाई''
अयोध्या : रामधन गबन पर बोले महंत धर्मदास
#Ayodhya #RamMandir #UttarPradesh
भाजपाइयों की प्राण संस्था, मातृ संस्था, पितृ संस्था — सब कुछ RSS ही है, और पूरी RSS इस डकैती में शामिल है।
जिस दिन चंपत राय पकड़ा जाएगा, उसी दिन RSS की पूरी पोल खुल जाएगी।
इसीलिए चंपत राय को कभी पकड़ा नहीं जाएगा।
क्रोनोलॉजी समझिए 👇
• अयोध्या में श्रद्धेय शंकराचार्यों का ट्रस्ट पहले से था। फिर जब सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया तो इस ट्रस्ट ने सरकार और कोर्ट को लिखकर कहा कि हम मंदिर निर्माण करवा सकते हैं
• मगर मोदी सरकार नहीं मानी और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र नाम का नया ट्रस्ट बनाया गया, जो मंदिर से जुड़े हर काम का प्रबंधन देखता है
• राम मंदिर के इस नए ट्रस्ट में BJP-RSS से जुड़े लोग शामिल किए गए और मोदी सरकार ने ट्रस्ट को RTI के दायरे से बाहर रखा
ऐसे में सवाल है कि क्या इस ट्रस्ट में BJP-RSS से जुड़े लोगों की भर्ती इस मंशा के साथ की गई थी, ताकि बड़ा घोटाला किया जा सके।
: @NayakRagini जी
📍 दिल्ली
Super Exclusive-
"चंपत राय करते थे होटल-जमीन की डील,
मैं जितनी बार मिलने गया, मैने अपनी आंख से देखा है।"
अब तक की सबसे विस्फोटक गवाही।
राम मंदिर का ध्वज डिजाइन करने वाले इंडोलॉजिस्ट ललित मिश्रा का चंपत राय पर सबसे सनसनीख़ेज़ खुलासा।
चंपत राय की 'अपने लोगों' के साथ की गई होटल और ज़मीनों की डील की आंखों देखी गवाही।
ललित मिश्रा के डिजाइन किए गए ध्वज का ही प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले साल नवंबर में किया था राम मंदिर पर ध्वजारोहण।
SIT की जांच के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण ख़बर।
#WATCH | मुंबई, महाराष्ट्र | शिवसेना(UBT) सांसद संजय राउत ने राम मंदिर चंदे में कथित हेराफेरी के मामले को लेकर विपक्ष की मांग पर कहा, "ये न केवल कांग्रेस पार्टी बल्कि पूरे देश की भावना है कि सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच हो लेकिन सुप्रीम कोर्ट भी उन्हीं(भाजपा) के अधीन काम कर रहा है... इस देश की न्याय व्यवस्था में बहुत कम लोग बचे हैं जो चाहते हैं कि यह सब साफ हो। अयोध्या एक तीर्थ क्षेत्र रहा, जो कभी भगवान राम की अयोध्या रही वह अब 'अंडरवर्ल्ड' बन चुका है जिसे चलाने वाले भाजपा के लोग हैं..."