यदि कोई व्यक्ति सच बोले तो उसके उपर Fir हो जाती है ! और एक तरफ कुछ लोग धर्म/जाति के ऊपर देश को बांटने में लगे है’ यदि कोई धर्म के बारे में अच्छा बोले तो उसको अवॉर्ड दे दिया जाता है !! ये कैसा अन्याय है 🙏
वाह!क्या क्या हो रहा भारत में ?
FIR होने पर क्या-क्या परेशानी 14 साल के अश्मित गौतम और उनके भाई को झेलनी पड़ी ��ुनिए।
इस दौर में सच बोलना सबसे बड़ा अपराध है.
खैर अपना भाई और बुलंदी से सच बोलता ��हेगा ✊
इतने सारे सबूत, दलाल पकड़े गए, घोटालेबाज़ बेख़ौफ़ घूम रहे हैं…
और सालों-साल मेहनत करने वाला गरीब लड़का आज भी परेशान है।
इस���ा मतलब साफ है
इस देश में अन्याय होता रहे और जब तक सड़कों से लेकर ट्विटर तक गुहार न लगाई जाए, तब तक कोई संज्ञान ही नहीं लेगा!
आज युवाओं को सरकार जिम्मेदारों को जगाने के लिए Twitter Campaign चलाना पड़ रहा है,
ताकि बता��ा जा सके कि परीक्षाओं में कितने स्कैम और धांधली हो रही है। ये तो स्तर हो गया है पारदर्शी परीक्षा का !
@narendramodi
#Delhi_Police_Scam
अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। SSC और संबंधित विभागों से मांग है कि संदिग्ध केंद्रों की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।
#Delhi_Police_Scam@SSC_GOI@DoPTGoI
कोचिंग ��ंचालक नीतू सिंह जी ने वीडियो मे साक्ष्य के साथ बताया की कैसे #Delhi_Police_Scam हुआ-
👉कैसे लोगो के फोन मे पूरा पेपर पहुचा
👉कैसे लोग GS जैसे subject मे पूरे नम्बर आए
सुनियोजित तरीके से होने वाले इस घोटाले का पर्दाफाश करने के के लिए आवाज उठाइए ✊️
#delhi_police_scam
यदि परीक्षा में हुई ग��़बड़ियों पर समय रहते संज्ञान नहीं लिया गया, तो यह व्यवस्था और लोकतंत्र दोनों के लिए खतरनाक है। मांग स्पष्ट हैं कि संदिग्ध केंद्रों की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि सिस्टम पर भरोसा बना रहे।
#Delhi_Police_Scam
@SSC_GOI @DoPTGoI
देशभर में #Delhi_Police_Scam का ट्रेंड करना इस बात का संकेत है कि अभ्यर्थियों की आवाज़ को सुनना होगा और आयोग को संज्ञा��� लेना होगा । दिल्ली पुलिस परीक्षा में आए असामान्य स्कोर निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। आयोग से मांग है कि पारदर्शी जांच कराकर मेहनती युवाओं का भरोसा ब��ाल करे।
@SSCorg_in @DoPTGoI
दिल्ली पुलिस परीक्षा में सॉल्वर की व्यवस्था नहीं थी। सामान्य परिस्थितियों में कोई भी व्यक्ति एक ही समय में 100 में से 100 प्रश्न सही नहीं कर सकता, चाहे एक की जगह चार सॉल्वर बैठें। इसके बावजूद परीक्षार्थी ने 100 में से 100 अंक प्राप्त किए, और सैकड़ों अभ्यर्थियों के स्कोर 90 से ऊपर आए। यह स्थिति परीक्षा आयोजित करने वाली कंपनी की किसी न किसी मिलीभगत की ओर संकेत करती है। जबकि पिछली बार की दिल्ली पुलिस परीक्षा में टॉपर्स का स्कोर नॉर्मलाइजेशन के बाद भी केवल 95 तक ही पहुंचा था, इस बार के परिणाम में असामान्य रूप से उच्च अंक देखने को मिले हैं।
#Delhi_Police_Scam
@DoPTGoI@SSCorg_in
Delhi Police Constable भर्ती परीक्षा के बाद बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के बीच असंतोष और सवाल खड़े हो रहे हैं। जब किसी परीक्षा में बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के 100 में से 100 अंक आने लगें, तो स्वाभाविक रूप से संदेह पैदा होता है। यहां तक कि यदि परीक्षा में सॉल्वर भी शामिल हों, तब भी पूर्ण अंक प्राप्त होने की संभावना बेहद कम मानी जाती है वो भी तब जब परीक्षा का स्तर भी ठीक हो
ऐसे मामलों में यह जरूरी हो जाता है कि आयोग स्थिति को हल्के में न ले।
आयोग का दायित्व केवल परीक्षा कराना ही नहीं, बल्कि परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर अभ्यर्थियों का भरोसा बनाए रखना भी है। यदि बच्चों के मन में अविश्वास पैदा हो गया, तो इसका सीधा असर उनकी मेहनत और भविष्य पर पड़ेगा। इसलिए मांग है कि इस पूरे मामले पर गंभीरता से संज्ञान लिया जाए और निष्पक्ष जांच बैठाई जाए, ताकि मेहनती अभ्यर्थियों का विश्वास बहाल हो सके।
#Delhi_Police_Scam
@SSC_GOI@DoPTGoI