नहीं पता हमें, आपने कितने तकलीफ़ें सही?
वंचितों के दुःखों पर कितने आंसू बहाईं?
पर इतना पता है, बंदिशों से आप न लड़खड़ाई
सावित्री संग मिलकर ज्ञान की ज्योत जलाईं।
नमन है आपको फ़ातिमा शेख़.
#FatimaSheikh9Jan
बंदिशें गुलामी की ना तोड़ी होती तूने,
सावित्री को ना किया होता फ़ज़ल,
सहरा की तपिश को किया सरल
हो पाई तभी शिक्षा सभी की मुक्कमल,,,,,,,,,,,,,,,, #FatimaSheik9Jan