@sayeedkhan3653@SonOfBharat7@Uppolice सरकारी जमीन पर नमाज का क्या औचित्य, भाई साहब मस्जिद में पढ़ो या घर पर। आम जगह पर नमाज नहीं हो सकती। इससे आप के परिवार या बच्चों को भी परेशानी हो सकती है।
नीलचट्टे दिन पर दिन गिरते जा रहे है।
यह खुलेआम हिंदुओं के नरसंहार की बात कर रहे है।
इन लोगो की हिंदू धर्म से इतनी ही नफ़रत है तो आरक्षण लेने के लिए हिंदू मत बताया करो भीख मैंगो 😡😡
ज़्यादा से ज़्यादा video देखो और repost करो।😡
इस नी.....ch
कांग्रेस महिला के लिए 2 शब्द कहकर जाना
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धक्का मुक्की ना करें बारी बारी सबका नंबर आएगा
@SupriyaShrinate वाह दीदी वाह ऐसे बखान कर रही हो जैसे इनके बाप दादा की कमाई से बने हैं। अब बच्चा बच्चा जानता है कि कांग्रेस ने देश को कैसे लूटा कितना भी बखान करे कांग्रेस के दिन बीते रे भइया बीते।
@RajuValmikiN तूने ना भारत का इतिहास पढ़ा और ना सनातन जाना गधे बौद्ध धर्म भी तो एक हिंदू धर्म की ही शाखा है। शायद तुझे ये भी नहीं पता कि महात्मा बुद्ध कौन था और किस वंश में पैदा हुए विष्णु के 24अवतारों में से एक है।chutiye!
@KraantiKumar काबिलियत होगी तो sc/st/ और ओबीसी अपने मुकाम हासिल कर लेगी। ये private चैनल है इनमें रिजर्वेशन नहीं है अगर होता तो तेरे जैसे काली पट्टी बांधकर सड़क पर उतर जाते।
@SupriyaShrinate छाज बोले तो बोले छलनी भी बोले जिसमें अनगिनत छेद! ये कहावत सुप्रिया और उसकी पार्टी पर सही उतरती है। जिसने 60साल के शासनकाल में सिवाय चोरी के कुछ नहीं किया।
@HansrajMeena जवाहर लाल, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, सोनिया और राहुल खान और उसके दादा फिरोज खान का जन्म दिन कभी मनाया क्या। 75%भारतीय मोदी का जन्म दिन मनाते हैं।
नीचे आप जो तस्वीरें देख रहे हैं इनमें से पहली तस्वीर है असम के जोरहाट सीट से सांसद और असम कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई एवं उनकी पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न की।
इन दोनों का विवाह 2013 में हुआ था।
एलिजाबेथ एक ब्रिटिश नागरिक हैं। गौरव गोगोई से इनके विवाह को 12 वर्ष बीत चुके हैं लेकिन आज तक इस औरत ने भारत की नागरिकता के लिए आवेदन नहीं किया है।
इनके 2 बच्चे हैं दोनों के पास ब्रिटेन की नागरिकता है और वो विदेश में ही रहते हैं।
कुछ समय पहले असम के मुख्यमंत्री हिमंता विश्वा शर्मा ने ये कहते हुए सनसनी मचा दी थी कि गौरव गोगोई की पत्नी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के लिए काम करती है।
उन्होंने इस मामले की जांच के लिए इसी वर्ष फरवरी में एक SIT का गठन किया था एवं जांच के निर्देश दिए थे।
कल उस SIT ने अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंप दी है।
इस रिपोर्ट में जो तथ्य सामने आए हैं उन्होंने कांग्रेस पार्टी का देशद्रोही चेहरा एक बार फिर से बेनकाब कर दिया है।
खबर है कि एलिजाबेथ 2011 से 2015 तक एक NGO क्लाइमेट डेवलपमेंट एंड नॉलेज नेटवर्क (CDKN) के लिए काम करती थी।
इस NGO का मुख्य कार्य क्षेत्र पाकिस्तान था।
पाकिस्तान में इस CDKN का मुख्य हेड अली तौकीर शेख था जिसके अधीन एलिजाबेथ ने 4 साल काम किया।
अली तौकीर शेख पाकिस्तान सरकार में प्लानिंग कमीशन का सदस्य भी था और उसका ISI से सीधा जुड़ाव था।
इसके अलावा CDKN बड़े स्तर पर जॉर्ज सोरोस से भी फंडिंग ले रहा था।
रिपोर्ट के अनुसार गौरव गोगोई की पत्नी इस दौरान लगभग 14 बार पाकिस्तान गई और एक लंबी अवधि तक वहां रही। खबर है कि एलिजाबेथ ने एक बार अपने पति अर्थात गौरव गोगोई को भी पाकिस्तान की यात्रा करवाई थी जो कि वर्तमान में असम कांग्रेस के अध्यक्ष हैं एवं सांसद भी हैं।
रिपोर्ट के अनुसार एलिजाबेथ से विवाह और उनके पाकिस्तान जाने के उपरांत 2015 में गोगोई को दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग द्वारा आमंत्रित किया गया।
गोगोई अपने एक NGO पॉलिसी फॉर यूथ की तरफ से लगभग 50 से 60 युवा लड़के और लड़कियों को लेकर पाकिस्तानी दूतावास गए थे।
भारत सरकार के बार बार मना करने पर भी वे पाकिस्तानी दूतावास गए और वहां से लौटने के उपरांत विदेश मंत्रालय को कोई भी डिब्रिफिंग नहीं दी।
इस दौरान पाकिस्तानी दूतावास द्वारा कश्मीर के आतंकी संगठन हुर्रियत कांफ्रेंस के लिए एक डिनर का आयोजन भी किया गया था।
दूतावास से लौटने के कुछ समय बाद ही द हिन्दू में उनका एक आर्टिकल छपा था जिसमें उन्होंने BSF को बांग्लादेशी घुसपैठियों के ऊपर अत्याचार के बारे में लिखा था।
जांच में पाया गया कि सांसद बनने के बाद गौरव गोगोई द्वारा संसद में ऐसे सवाल पूछे गए जो राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े हुए हैं।
कोस्ट गार्ड रडार लोकेशन,
भारत की हथियार फैक्ट्री, एयरोनॉटिकल क्षेत्र,
ईरान के साथ व्यापारिक रूट,
कश्मीरी छात्र, और चर्चों पर हमले जैसे संवेदनशील मुद्दों पर संसद से जानकारी मांगी गई है।
अंतिम फोटो में लाल घेरे में एलिजाबेथ के भाई की पत्नी सुसान है जोकि इटली की नागरिक है और बहुत बड़े मिशनरी संगठन कैरितास के लिए काम करती है। यह संगठन बहुत बड़े पैमाने पर USAID से पैसा लेता है।
USAID वही अमेरिकी संगठन है जो विश्व में अनेक देशों में उपद्रव फैलाने के लिए कुख्यात है।
अब आप खुद ही फैसला कीजिए कि असम जैसे अति संवेदनशील राज्य की कमान कांग्रेस द्वारा कैसे व्यक्ति के हाथ में दी गई है।
यदि कल को ये देशद्रोही आदमी वहां का मुख्यमंत्री बन जाता है तो असम की क्या दशा होने वाली है?
खैर अभी तो रिपोर्ट मुख्यमंत्री के पास गई है।
हिमंता दादा पर मुझे पूरा भरोसा है कि वे इस देशद्रोही को छोड़ेंगे नहीं।