मुझे फर्क नही पड़ता आपकी जाति से सनातनी हिन्दु बनकर मिलो लगा लुगा छाती से जय श्रीराम RSS,VHP BJD, ABVP, BJPMODI, सनातन सर्वोपरी, जिहाद के प्रति जागरूक ,
भारत की आज़ादी की कहानी सिर्फ कुछ महान नामों की कहानी नहीं है। यह उन हजारों ज्ञात-अज्ञात वीरों की कहानी है जिन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों में अंग्रेजी सत्ता को चुनौती दी।
क्या अब स्वास्तिक का चिन्ह अपने साथ रखना 'हेट स्पीच' माना जाएगा और इसके लिए सजा तय होगी? गूगल और यूट्यूब जैसी कंपनियां यही चाहती हैं। देखें पूरा वीडियो: https://t.co/dWSvqcg7Wx
5 अगस्त 2019 — अनुच्छेद 370 हटाया गया।
5 अगस्त 2020 — श्रीराम मंदिर का भूमिपूजन हुआ।
5 अगस्त 2026 — FCRA संशोधन विधेयक पारित हुआ।
5 अगस्त… एक ऐसी तारीख, जिसने भारतीय राजनीति के कई बड़े फैसलों की गवाह बनकर इतिहास में अपनी अलग पहचान बनाई।
नाम याद रखिए — नरेंद्र दामोदरदास मोदी।
......दोनों लड़कियों मे बहुत फर्क हैं...हो सकता है दोनों बहने हों...लेकिन गाली देने वाली अलग है और माफी मांगने वाली अलग है.....कई अन्तर हैं दोनों मे....जो सिर्फ एक हफ्ते मे नहीं आ सकते....और ना ही मेकअप से आ सकते हैं....
* पहली के बाल सिल्की हैं...कलर्ड हैं और लम्बे हैं....जबकि दूसरी के काले...मोटे और छोटे हैं.
* पहली शक्ल से ही काफी mature दिख रही है है...दूसरी मासूम.
* पहली के नाक और कान दोनों छिदे हुए हैं....दूसरी के नहीं.
* पहली और दूसरी के दांतों मे आसमान जमीन का फर्क है.
* पहली के पेंसिल eyebrows हैं दूसरी के मोटे.
* दोनों की आवाज बिल्कुल अलग है.
* सारे AI यही कह रहे हैं कि both are different person.
...........अगर ये दोनों अलग हैं...तो सवाल है ऐसा क्यूँ किया गया....!!....एक टिपीकल leftist propaganda है....victim कार्ड खेलना.....जब लगे कि बच नहीं सकते तो victim कार्ड खेलो....मासूम बन जाओ...वही किया गया है....और मासूम दिखाने के लिए उसकी जगह 15 साल की उसी जैसी दिखने वाली लड़की को आगे कर दिया गया.....हो सकता है कि उसकी बहन ही हो....2 बहने हैं उसकी मां ने बताया था.....और उसके बाद Propaganda शुरू किया गया कि मोदी की पुलिस एक 15 साल की बच्ची के पीछे पड़ी है.
......अगर वास्तव मे ये दोनों अलग अलग हैं....तो ये एक बेहद गम्भीर मामला है .....और इस बात का पुख्ता सबूत भी है कि ये सारा प्रोटेस्ट पूरी तरह scripted था.......इसकी जांच होनी चाहिए....जैसा कि कल से कई लोग मांग कर रहे हैं
मुझे troll करने वाले भाइयों और भाइयों की बहनों,
तुम सबके trolling में sincerity को देखते हुए, तुमलोगों के trolling का जवाब एकसाथ तैयार कर दिया है ताकि सबकी मेहनत बचे!
अब आगे से trolls को यही लिस्ट दिखाई जाएगी! अपना-अपना जवाब खुद ढूँढ लेना👇
1. मुझे follow करने वाले भीमभक्त और समाजवादी:
-यार, तुमलोग bio क्यों नहीं पढ़ते?
फिर हम कह देंगे कि तुम पढ़ाई नहीं करते, तो बुरा लग जाएगा! वैसे भी मेरे पोस्ट समझने के लिए min IQ 90 होना अनिवार्य है! इसलिए तुम लोगों के पल्ले तो वैसे ही कुछ नहीं पड़ेगा!
2. मुझे ब्राह्मण बताकर मज़ाक उड़ाने वाले:
-Again, मूर्खों bio क्यों नहीं पढ़ते?
मैं ब्राह्मण नहीं!
3. मुझे EWS का low cutoff दिखा कर सवाल पूछने वाले/सुदामा कोटा कहने वाले:
A-मैं EWS में नहीं!
B-मैं किसी भी आरक्षण की समर्थक नहीं जिसमें quality के साथ compromise हो!
C-EWS आया 2019 में, Dr बनने में लगते हैं 5 साल! Maths आती है?
4. महिला आरक्षण पर सवाल पूछने वाले:
-Same as Point 3 (B)
5. 5000 साल के शोषण का रोना रोने वाले:
-5000 साल पहले ज़िंदा थे तुम? वैसे अक्ल ज़रूर तुम्हारी आदिमानव वाली है!
6. गटर की फ़ोटो दिखाने वाले:
-गटर साफ करने पर आरक्षण मिलता है? फिऱ तुम्हारे घर में कितने गटर साफ किये हैं? अगर नहीं, तो तुमको क्यों चाहिए आरक्षण?
7. दलित अत्याचार की खबर चिपकाने वाले:
-आरोपी की जाति देखी? 85% दलित अत्याचार के मामले में आरोपी बहुजन ही होते हैं! वैसे NCRB के हिसाब से देश के सिर्फ 1% अपराध SC/ST के ख़िलाफ़ होते हैं!
8. जाति खत्म करो बोलने वाले:
-85% वाले बहुजन बने फ़िरते हो, रोटी बेटी कर के खत्म करो जाति! तुमको किसने रोका है? हर काम दूसरों से ही क्यों करवाना है?
9. तुम्हें तो संविधान ने अधिकार दिलाया, वरना तुम बर्तन मांज रही होती बोलने वाले:
-भाइयों, अपने घर से तुलना मत करो!
हमारे घर की महिलाएं हमेशा से पढ़ रही थीं!1931 का सेंसस रिपोर्ट देख लेना!
वैसे संविधान सभा (1946) में भी 15 महिलाएं थीं!
10. जितनी आबादी उतना हक़ वाले:
-संविधान बनाने वालों ने सिर्फ minority सीट पर, कुछ समय के लिये ही आरक्षण का प्रावधान किया था! तुम कौनसा संविधान मानते हो?
11. मेरिट का मज़ाक उड़ाने वाले:
-यानी की तुम मानते हो कि तुम्हारे पास मेरिट नहीं है?
12. मुझे जातिवादी बोलने वाले:
-उल्टा चोर कोतवाल को डांटे?
जातिवादी नीतियों का विरोध करना जातिवाद नहीं! जाति के नाम पर आरक्षण और सुविधाएं मांगना जातिवाद है!
13. तुम हमसे जलती हो, तुमको बर्दाश्त नहीं कि हम तुम्हारे बगल में बैठ गए-बोलने वाले:
-क्यों भई, ऐसी क्या खूबी है तुममें की हम तुमसे जलें? और जब हम तुमको जानते भी नहीं तो हमको तुम्हारी बैठकी से क्या मतलब? हमको फर्क नहीं पड़ता, तुम ऊपर बैठो, नीचे बैठो, बगल में बैठो--बस अपनी मेहनत से बैठो!
14. रिश्तेदारी की डिमांड रखने वाले:
-शादी ब्याह सबका निजी मामला है, जबर्दस्ती या माँग कर नहीं होती! पहले ख़ुद अपने घर में रिश्तेदारी शुरू करो, फिर ज्ञान बांटो!
और सबसे ज़रूरी बात-जो लोग योग्यता (merit) में मानते ही नहीं, उन अयोग्य लोगों से वैसे भी कौन बेटी ब्याहेगा?
15. देवी-देवताओं, हिंदू धर्म का मज़ाक उड़ाने वाले/धार्मिक ग्रंथों के अंट-शंट अनुवाद दिखाने वाले:
-हमारा धर्म, हमारी मर्ज़ी की हम क्या माने, क्या नहीं! तुमको पसंद नहीं तो दूसरे किसी scientific धर्म में निकल लो! और अगर निकल लिये हो, तो पुराने धर्म में क्यों अटके पड़े हो?
16. दास नाम का मज़ाक उड़ाने वाले:
-हे अपढ़ों,, दास होते हैं कायस्थ! और इस नाम पर हमको गर्व है! पढ़े-लिखे, आत्मसम्मानी लोग हैं, लालच में आकर तुम्हारी तरह पिछड़े नहीं बने हुए! वैसे भी सरकारी सुविधाओं के लिए हाथ फैलाये घूमने वालों के मुँह से, किसी और को नीचा दिखाना शोभा नहीं देता!
17. सारे स्क्रीनशॉट्स लगाने के बावजूद प्रूफ माँगने वाले:
-भाइयों, अपने आलसीपने का नमूना ना दो! थोड़ी मेहनत खुद भी कर लो! Google search करना भी नहीं आता?
18. मेरी डिग्री देखने की इच्छुक:
-मुझसे डिग्री माँगने की इच्छा है तो पहले अपने 10th/12th/graduation की मार्कशीट्स दाखिल करो! तभी कोई डिमांड रखो!
19. गालियाँ देने वाले:
-तुम्हारे संस्कारों का परिचय, तुम्हारी भाषा देती है! ख़ैर, गलती तुम्हारी भी नहीं, शायद तुम्हारे यहाँ यही सिखाया जाता है!
20. मैं इसपे क्यों लिखती हूँ, उसपे क्यों नहीं? बोलने वाले:
-मेरा एकाउंट, मेरी मर्ज़ी!
उम्मीद है तुम सबको अपने जवाब इस लिस्ट में मिल गए होंगे! अब इसके अलावा कुछ और trolling material है तो ही वापिस आना, वरना अपना जवाब समेटकर दफ़ा हो जाना!
धन्यवाद🙏😂
.@RHAreforms को ले कर तीन दिन से मुझे कई कॉल्स आ रहे हैं, की हम इस आर्मी से हैं, हम इनकी टीम से हैं, हम तैयार हैं, आपसे मिल कर प्लान बनाते हैं कि कब सड़कों पर उतरना है।
मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूँ कि मेरा व्यक्तिगत मत सड़कों पर उतर कर आग लगाने का नहीं है। और आप आग लगाओगे नहीं तो सरकार सुनेगी ही नहीं, यह भी सत्य है। फिर भी, मैं पहले आरक्षण पर चर्चा चाहता हूँ, जो आरम्भ हो चुकी है, उसके बाद हम आगे का रोडमैप एक-दो दिन में बताएँगे।
एक ने फ़ोन करके मुझे उस लड़के को आगे करने को कहा जिसने पेज बनाया और जो फ़ोन 'मिलते हैं आपसे भैया' से आरम्भ हुआ, वह अंत में 'जब उसको सड़क पर आना ही नहीं था, तो पेज बनाया क्यों, पेज हमें दे दो, फलाना जी लीड करेंगे क्योंकि उन्होंने ५० इंटरव्यूज़ और पॉडकास्ट्स दे दिए हैं' पर जा कर मेरे काटने पर समाप्त हुआ।
मैं आरक्षण की समीक्षा, इसका समापन, इसके नाम पर हो रही राजनीति के लिए बात करना चाहता हूँ, और लंबे समय से कर रहा हूँ। मैं इस से इसलिए नहीं जुड़ा हूँ कि मुझे इसके नाम पर राजनीति करनी है, टिकट लेना है। मैं इसमें सच में सुधार चाहता हूँ।
जितने लोग जुड़ेंगे, और माँग करेंगे सुधार की संभावना बढ़ेगी, अन्यथा नई पार्टी आएगी, नए लोग आएँगे जो इस पर सकारात्मक भाव रखेंगे। या फिर, जो भी सत्ता में हैं, उनके विरोध में एलपीजी मताधिकार का प्रयोग करेंगे। यही दो विकल्प हैं।
जो सड़कों पर उतरना चाहते हैं, निःसंदेह उतरें। मैं उन्हें रोक नहीं सकता। परंतु, जो लड़का इस से अलग रहना चाहता है, उसे आप जबरन इसमें घसीट नहीं सकते कि तुमने पेज बनाया अब तुम जंतर मंतर पर भूख हड़ताल करो।
मैं आदर्शवादी बातें नहीं करता क्योंकि समय आदर्श नहीं है। 7 महीने में मैंने देख लिया है कि किस आंदोलन पर सरकार क्या करती है।
यह ठग फ्रॉड धूर्त सत्ता के लिए प्यासे बंटी और बबली से जब सच्चे सवाल पूछो तब उनके अंग अंग में मिर्ची लग जाती है
और यह बिना जवाब दिए दुम दबाकर कट लेते हैं
सवाल:- राहुल जी, आपने कहा होम मिनिस्टर ने फायरिंग का ऑर्डर दिया, लेकिन फायरिंग तो हुई ही नहीं?
बंटी बबली बिना जवाब दिए दुम दबाकर भाग लिए
🟠गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व की बहुत बहुत शुभकामनाएं भाई साहब।
गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः।
गुरु: साक्षात् परब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नमः॥
जय श्रीराम हर हर महादेव 🙏🚩🙏
धर्मेंद्र प्रधान सिर्फ़ सिंबल है, हमारा असली दुश्मन RSS है। वो आपको छात्र नहीं बनने देना चाहते - राहुल गांधी
इस अज्ञानी को बताओ कि इस देश में 20,000 दे ज़्यादा स्कूल RSS चलाता , जिन आदि वासी एरिया में कांग्रेस ने 60 साल नक्सलवाद को प्रमोट किया वहाँ सिर्फ़ संघ ने शिक्षा दी है -
NEET से लेकर IIT और UPSC पास किए असंख्य छात्र शिशु मंदिर से पढ़े हुए है।
पर इन्हें ना भारत का ज्ञान है और ना भारत की शिक्षा व्यवस्था का- सिर्फ़ RSS से नफ़रत में डूबे हुए है।