He is the son of a nine-time MP and a three-time MP himself. How much more empowerment does he need?
He has wealth, power, and political clout, so why does he continue to contest from reserved seats? Why not fight from an open seat? By monopolizing a reserved constituency, isn't he actively preventing a less privileged Dalit brother or sister from his party from entering Parliament?
And he isn't alone. There are many like him in every field. This argument is not a conspiracy by the GCs; they gain nothing either way. It is a question of internal accountability. Your own influential elites are holding the broader community back by refusing to step aside. So Dalits should start asking questions about where the real issue lies, instead of blaming GCs for their lack of opportunities.
ध्यान से देखिए आरक्षण किसे मिल रहा है !!
अगर वर्गीकरण होता तो ऐसा कभी नहीं होता !!
बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC 70वीं) में चयनित अनुसूचित जाति के अभ्यर्थियों में
जाटव समाज – 111
वाल्मीकि समाज – सिर्फ 01
आरक्षण किसे मिल रहा है ?
एक ही कोटे के अंदर इतनी असमानता क्यों ?
गरीब और पिछड़े उप-समुदायों का हक कब तक छिना रहेगा ?
#BPSC #आरक्षण #वाल्मीकिसमाज #जाटव #सबकोबराबरी #Subcategorization
डॉ. अंबेडकर जी को शिक्षा में सबसे अधिक सहयोग किसने दिया? एक ब्राह्मण ने और एक राजपूत ने। सयाजीराव गायकवाड़ तृतीय बड़ौदा (वर्तमान वडोदरा, गुजरात) रियासत के महाराजा थे और 1875 से 1939 तक शासक रहे। उन्होंने अम्बेडकर की उच्च शिक्षा में महत्वपूर्ण आर्थिक सहयोग दिया था।
* उन्होंने अंबेडकर को छात्रवृत्ति दी।
* इसी छात्रवृत्ति के सहारे अंबेडकर 1913 में Columbia University, अमेरिका उच्च शिक्षा के लिए गए।
* बड़ौदा राज्य की छात्रवृत्ति तीन वर्षों के लिए थी।
उसी तरह उनका दूसरा विवाह भी एक ब्राह्मण महिला से हुआ।
तो भाई, ब्राह्मण महिला से विवाह भी हो गया। उस समय आरक्षण भी नहीं था, फिर वे आपके समाज के सबसे अच्छे पढ़े-लिखे व्यक्ति बने। किस कारण से बने? दिमाग के कारण।
भगवान ने या बुद्धिजीवियों ने उनको इतनी बुद्धि दी, जितनी हमको-आपको दी। उसी दिमाग से उन्होंने इतनी डिग्रियाँ हासिल कीं। यह हीनता का भाव है कि आरक्षण के कारण इन्हें जातियों में डाल दिया गया और एक साइकोलॉजी डाल दी गई कि तुम बैकवर्ड ही हो!
सारे रीढ़ विहीन नहीं हैं बस कोई ब्राह्मण नेता नहीं दिख रहा चाटने से फुर्सत नहीं मिली होगी कोई बात नहीं दरवाजे पर वोट मांगने तो आओगे ही या ऐसे ही जीत जाओगे और अगर आये तो सर लोहे का और गेंद पीतल की करके आना नेताजी क्योंकि सीजेपी आंदोलन के बाद पता लग चुका है कि जब तक तुम्हारी अम्मा बहिन नहीं न्योतेंगे तब तक तुम्हे होश नहीं आएगा।
बिहार में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर एवं बाढ़ की स्थिति को देखते हुए आज पश्चिम बंगाल के माननीय मुख्यमंत्री श्री शुभेंदु अधिकारी जी से दूरभाष पर बातचीत की और फरक्का बराज के सभी गेट खोलने का आग्रह किया।
फरक्का बराज के गेट खुलने से गंगा के जलप्रवाह को सुगम बनाने तथा बिहार में बाढ़ की स्थिति को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री श्री शुभेंदु अधिकारी जी ने इस संबंध में त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
बिहारवासियों की सुरक्षा एवं राहत हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
No. I mean 80 years of caste politics and ever increasing reservations is keeping the caste divide alive and burning.
The only people benefitting from this now are politicians.
The whole thing needs a hard, ground-up review.
That is all.✌🏽#ReservationReformआंदोलन
आरक्षण खत्म करने की नहीं, सुधार की मांग है। 80 साल के आरक्षण पर 'श्वेत पत्र' आए ताकि पता चले कि लाभ आखिरी पायदान पर बैठे अति-वंचितों तक पहुँचा या सिर्फ कुछ रसूखदार जातियों तक सिमट गया। कोटे के भीतर कोटा और क्रीमी लेयर के बिना असली सामाजिक न्याय अधूरा है
यूपी के कुछ ब्राह्मण मित्रों की छाती मे सपा के लिए दूध उतर रहा था।
वो P से पण्डित समझकर लहालोट हो ही रहे थे कि अहिरेश्वर ने उनकी जड़ों में मट्ठा डालकर शांत कर दिया।
एक ही दिल है टोंटीराज, कितनी बार जितोगे !
🚨 A new demand from protesters seeking changes to India’s reservation system.
Key demands:
1. Replace caste-based quotas with economic criteria for government support and public benefits.
2. Implement a "one family, one reservation, one time" policy alongside periodic reviews and a sunset clause.
3. Remove caste disclosure requirements from standard public and educational forms under a "One Nation, One Identity."
🚨 India Has Over 5,577 IAS Officers in Service
We Need More Officers Like Tukaram Mundhe
He's Fighting Against Adulterated Food Lobby
Something That Many Won't Even Touch
Honest Bureaucrats Can Truly Transform India
जो राष्ट्र और समाज हित के काम न आए, बेकार वो जीवन है...
शाम के 7 बज रहे हैं। अभी भी पूरा जंतर मंतर पैक है।
तिलचट्टों के प्रदर्शन को जिनलोगों ने कवर किया होगा वे फर्क समझ सकते हैं संख्या और संस्कार के स्तर पर।
लेकिन मीडिया कहां है, जबकि इसी मीडिया पर उनलोगों का कब्जा होने के आरोप लगते हैं जिनको आरक्षण की सुविधा प्राप्त नहीं है। जिन्हें सामंतवादी और शोषक बताया जाता है।
पुलिस बहाने खोज रही है, किसी तरीके से जंतर मंतर को खाली कराने के लिए। बैरिकेडिंग कर लोगों को रोक रही है।
आप व्यवस्था को चुनौती देते हैं तो ये सब झेलना पड़ता है। इसलिए जरूरी है कि कुछ समय निकालिए और जंतर मंतर पहुंच इस मुहिम को अपना समर्थन दीजिए।
अपडेट 🙏
आरक्षण हटाओ आंदोलन की स्थाई परमीशन के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की है कुछ ही देर बाद उस पर सुनवाई होगी, धैर्य बनाए रखें।
हम लड़ेंगे और जीतेंगे!
.@Harshdubey9956 और उनकी टीम अगली रणनीति पर विचार कर रही है। पुलिस ने जंतर मंतर को सियाचीन स्तर के सुरक्षा घेरे में बदल दिया है। @DelhiPolice को जो भी हथकंडे अपनाने हैं, अपना लें। जब गर्मी ही दिखानी है, तो सवर्ण गर्मी दिखाएगा, बस वो हीट थोड़ी अलग होगी। हम आग नहीं लगाएँगे।
डॉक्टर अजीत भारती ने आईटी सेल सभी सवालों का जवाब देकर तगड़ा रोस्ट कर दिया 🔥🔥
प्रश्न:- ठीक है भाजपा को हरा कर कॉन्ग्रेस ले आओ, तब देखना…
अजीत भारती : मुझे यह नहीं पता था कि नई पार्टी बनाने पर प्रतिबंध है और जनता की हथेली पर भाजपा के नाम का ब्लड पैक्ट हो रखा है!
प्रश्न:- अजीत भारती अपनी राजनीति चमका रहा है…
Ajeet Bharti : तो क्या यह अधिकार केवल नरेन्द्र मोदी, राहुल गाँधी, केजरीवाल को ही है?
प्रश्न:- अजीत भारती सपा अजेंट है, सोरोस अजेंट है, कॉन्ग्रेस का प्लांटेड है, वामपंथी है…
अजीत भारती : साबित करो, केवल बकलोली मत करो! और यदि तुम सपा-कॉन्ग्रेस का कुछ नहीं कर पा रहे, तो अजेंट से क्या समस्या है?
प्रश्न:- एक पंचायत का चुनाव नहीं जीत सकते…
अजित भारती:-- फिर तुम्हारी और तुम्हारे अनेक बापों की क्यों फटी हुई है इस आंदोलन को देख कर?
अब ajeet bharti का जबाब सुनकर आईटी सेलिया बिलबिलाते नजर आ रहें है।