हमार मन की बात
Gen Z ने को शिक्षा लेकर जो आंदोलन और सर्जिकल स्ट्राइक किया उसका फायदा हम सबने देख लिया और हर लोगो ने महसूस भी किया।
मेरा दिल से गुज़ारिश की अब सब को Gen Z के साथ मिलकर हेल्थ सिस्टम पर सुधार के लिए इक्कठा आवाज उठाना चाहिए।
आज के तारीख़ के अगर आपका हेल्थ इन्शुरन्स नहीं हैं तो आप प्राइवेट हॉस्पिटल में कदम नहीं रख सकते और छोटे शहर के सरकारी हॉस्पिटल का हाल हम सबको पता हैं। हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी और हॉस्पिटल का नेक्सस इतना मजबूत हैं की आप उनके चक्रव्यूह से वापिस नहीं निकल सकते हैं।
परिवार के एक सदस्य का बीमारी पूरे परिवार को आर्थिक, मानसिक और शारीरिक रूप से तोड़ देता हैं। और ऊपर से इन प्राइवेट हॉस्पिटल , इन्शुरन्स कंपनी और मेडिसिन कंपनी का मार आपको जिंदगी भर के लिए पीछे धकेल देता हैं।
शायद मेरा ये मन की बात आपको तब तक अच्छा नहीं लगेगा जब तक आपके किसी नजदीक के साथ ऐसा नहीं हुआ हो लेकिन मेरी मानिए , ये कहानी हर घर की हैं।
सब मिलकर अगला आवाज इसपर उठाइए। मैंने पहले भी उठाया हैं और आगे भी साथ दूँगा इस मुद्दे पर 🙏🏻
27 दिन बाद सोनम वंचूक जी ने आज अपना अनशन तोड़ दिया!!
अनशन तोड़ने के बाद सोनम वंचूक जी फिर वापिस आये दिल्ली जंतर मंतर पर!!!
अभीजीत दीपके ओर सोनम वंचूक आये जंतर मंतर पर वापिस!!
सोनम वंचूक जी के आने पर युवाओं ने लगाए इंकलाब जिंदाबाद के नारे!!
@Wangchuk66@abhijeet_dipke
अमृत काल में देश की छोटी छोटी बच्चियों को पुलिस से लाठी का जो हुरा होता है उससे मारवाया जा रहा है..🥺
जनता सब देख रही है आने वाले चुनाव में इसका बदला जरूर लेगी..
ज़ुल्म जब भी हद से आगे बढ़ने लगता है,
वहीं से बदलाव का सूरज निकलने लगता है।
आज जंतर-मंतर पर बच्चों और बच्चियों के साथ जिस प्रकार का बर्बरतापूर्ण व्यवहार किया गया, उसने मन को गहराई तक झकझोर दिया। मैंने जलियांवाला बाग का वह दौर नहीं देखा, लेकिन आज जो दृश्य सामने आए, उन्होंने इतिहास के उस काले अध्याय की याद अवश्य दिला दी।
लोकतंत्र में अपनी बात शांतिपूर्ण ढंग से रखना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। यदि उस अधिकार का उत्तर बल प्रयोग से दिया जाए, तो यह केवल कुछ लोगों पर नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों पर भी आघात है।
इसी पीड़ा और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के संकल्प के साथ, आज से मैं संसद भवन परिसर में परम पूज्य बाबा साहेब की प्रतिमा के नीचे धरने पर बैठ रहा हूँ। जब तक न्याय सुनिश्चित नहीं होता और इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध उचित कार्रवाई नहीं होती, मेरा यह शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रहेगा।
#WATCH दिल्ली: सपा सांसद डिंपल यादव ने कहा, "आज लोकतंत्र के इतिहास में ये काला दिवस के रूप में मनाया जाएगा। पुलिस के आंखों में भी शर्मिंदगी दिख रही थी... कुछ पुलिसकर्मी गुंडे बने हुए थे। कुछ पुलिसवाले बिना वर्दी के आए और बच्चों को मारा है। बच्चों को करंट दिया। जहां नियम होता है कि आपको पैरों पर मारना है वहां बच्चों के सीने पर मारा है, ये आघात भारत माता के सीने पर किया है। हमारी मांग है कि शिक्षा मंत्री को हटाएं, सरकार जिम्मेदारी ले...इतनी अहंकारी कठोर और निर्दयी सरकार शायद ही देश के इतिहास ने देखी हो।"
गोदी मीडिया आपको ये ख़बर नहीं दिखाएगा लेकिन ये ख़बर बेहद जरूरी है.
केन-बेतवा लिंक परियोजना के विरोध में बुंदेलखंड के लोग पानी में खड़े होकर प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन सरकार के कान पर जूँ नहीं रेंग रही है.
झुकता वही है जिसमें संस्कार होते हैं।
गाड़ी वाले युवक से रास्ते में चल रहे दादाजी के साथ कुछ हो जाता है ।
युवक बजाय सॉरी बोलने के गाड़ी से नीचे उतरता है ,
और कान पड़कर ,उठक बैठक लगाकर दादाजी से माफी मांगता है।
दादाजी भी खुश होकर युवक को अपने गले से लगा लेते हैं, और आशीर्वाद देते हैं।
क्या आपको नहीं लगता Chennai Super Kings, Mumbai Indians और Kolkata Knight Riders की तरह बेमिसाल बिहार की भी एक टीम होनी चाहिए?
बिहार की मिट्टी ने देश को बहुत से बेहतरीन क्रिकेट खिलाड़ी दिए हैं।
पटना में जन्मे ईशान किशन ने सबसे कम गेंदों में ODI double century लगाई। समस्तीपुर के वैभव सूर्यवंशी सबसे कम उम्र में IPL debut करने वाले खिलाड़ी बने। और गोपालगंज के साधारण परिवार में जन्मे साकिब हुसैन की शानदार गेंदबाजी पर आज पूरी दुनिया की नज़रें हैं।
लेकिन एक बात मुझे हमेशा खलती है कि हमारे बिहार को क्रिकेट में अब भी वह नाम और पहचान क्यों नहीं मिल पा रही जिसके हम हकदार हैं।
मेरा हमेशा से यह सपना और प्रयास रहा है कि बिहार के युवाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ने का पूरा मौका मिले, हमारे खिलाड़ियों को भी world class infrastructure और support बिहार में ही मिलना चाहिए। मुझे पूरा भरोसा है कि अगर हमारे बच्चों को सही प्रेरणा और सुविधाएं मिलें, तो हमारे बिहार से बनने वाली टीम दुनिया की बेस्ट टीम होगी।
और मैं इस काम में बिहार के युवाओं के साथ पूरी मज़बूती से खड़ा हूँ। बिहार की क्रिकेट टीम और यहाँ के खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए मैं अपनी तरफ से unconditional support दूंगा।
बिहार मेरे लिए सिर्फ एक राज्य नहीं, एक emotion है।
और अब वक्त आ गया है कि हमारी मिट्टी का talent मैदान पर दिखे।
बड़ी ही पीड़ादायक घटना…
ऐसी औलाद से तो बेहतर है इंसान बिन औलाद ही रहे, या फिर औलाद जन्म लेते ही मर जाए। जिस पिता ने उसे पाल-पोसकर बड़ा किया, उसी बाप की बुढ़ापे में सेवा करने के बजाय उसे लातों से पीट रहा है।
रुपया पहुँचा पंचानबे पार, शतक बनाने को तैयार.
जी हाँ, कल भारत का रुपया भाजपा नेताओं को पीछे धकेलते हुए गिरावट की नई ऊँचाई पर पहुँच गया.
रुपया इतना गिरा कि चुनाव आयोग भी देखता रह गया.
जहां इस युग में बच्चे अपने बूढ़े माता पिता की सेवा से कतराते हैं.
वहीं Open AI के CTO Srinivas Narayanan ने अपनी करोड़ो रूपये की नौकरी छोड़कर
भारत केवल अपने माता पिता की सेवा करने के लिए लौट रहे हैं.
लोग एक ही शहर, एक ही घर में रहकर आज कल अपने माँ बाप की सेवा नही कर पा रहे हैं.
Srinivas Narayanan अपनी इतनी बड़ी नौकरी छोड़कर US से इंडिया आ रहे हैं. मद्रास IIT से पढ़े Srinivas ChatGPT और API में अपनी सेवाएं दी. बाद प्रोमोशन पाकर OpenAI के CTO बने.
दुनिया में.
57 देश - इस्लाम धर्म को मानने वाले
30 देश - ईसाई धर्म को मानने वाले
6 देश - बौद्ध धर्म को मानने वाले
1 देश - जैन धर्म को मानने वाले
1 देश - यहूदी धर्म को मानने वाले
3 देश - हिन्दू धर्म को मानने वाले
95+ देश - सेक्युलर या धर्मनिरपेक्ष नीति को
मानने वाले.
ये आंकड़ा बताता है कि सेक्युलर देशों की तादाद किसी भी धर्म को मानने वालों से कहीं ज्यादा है.
दुनिया मानवता को पसंद करती है.
किसी धर्म को नहीं.. 🙏