जिले से वन विभाग के माध्यम से फ़ूड ग्रेड महुआ ग्रामीणों से संग्रहण कर लन्दन के "ओ फारेस्ट" कंपनी को 110 रुपये प्रति किलो की दर से विक्रय कराया जायेगा। कलेक्टर के डी त्रिपाठी द्वारा ग्रामीणों को उच्च तकनीक से संग्रहित महुआ से होने वाले तीन गुना लाभ की जानकारी दी गई।
स्वच्छता की अलख जगाने कलेक्टर सर ने खुद उठाया फावड़ा तगड़ी, नदी को पुनर्जीवन करने के उद्देश्य से खुद नदी में उतरकर शुरू किया अभियान । मिल रहा नागरिकों का समर्थन स्वच्छता का गीत गाते गाते सभी लगे नदी सफाई में
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उमरार नदी पुर्नजीवन अभियान को दिनों दिन व्यापक जन समर्थन मिल रहा है। उमरार नदी के खलेसर घाट में 21 फरवरी को प्रातः 7.30 बजे से श्रमदान प्रारंभ हुआ। एक-एक करके लोग जुड़ते गये । आस पास की महिला स्वसहायता समूह की दीदियां, NYK के साथियों ने भी सहभागिता की।
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उमरार नदी के पुर्नजीवन अभियान में स्वयं सेवी संस्थाएं बढ़चढ़ कर आगे आ रही हैं । दूसरे दिन उड़ान, ज्वाला सेवा एवं अनुपमा एजुकेशन संस्था ने खलेसर घाट में श्रमदान किया। स्वयं सेवी संस्थाएं आगे आकर श्रमदान कर रही है। मीडिया का भी भरपूर समर्थन प्राप्त हो रहा है।
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उमरिया जिले की पहचान प्राकृतिक सुन्दरता, स्वच्छ पर्यावरण तथा वन्य जीवों से है। दूषित उमरार नदी इस छवि के विपरीत है। इसी उद्देश्य से उमरार नदी पुनर्जीवन अभियान आज शुरू किया गया। नगर के प्रबुद्धजन, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं स्थानीय निवासियों ने उत्साहपूर्वक श्रमदान में भाग लिया।
उमरिया की जीवन रेखा उमरार नदी के पुर्नजीवन का अभियान 19 फरवरी को प्रातः 8 बजे खलेसर घाट से श्रमदान के साथ प्रारंभ किया जाएगा। नगर के जनप्रतिनिधियों , व्यापारियों, स्वयं सेवी संस्थाओं , पत्रकारों एवं शासकीय सेवकों से श्रमदान कार्यक्रम में भाग लेने की अपील है।
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