Math Masti चैनल 13 अगस्त को डिलीट होगा जहां सर गणित पढ़ा रहे हैं अपने चैनल पर उसे पर भी कॉपीराइट मारा गया है सर के द्वारा
विपिन सर के लिए बहुत मुश्किल का वक्त
रायबरेली के 38 साल के लालजी सोनकर हाथ के इलाज के लिए लखनऊ आए,
कृष्णनागर के सत्यार्थ हॉस्पिटल के डॉक्टर
विनय त्रिपाठी ने 14-7-26 को को शाम तीन बजे ऑपरेशन किया,
ऑपरेशन से पहले लालजी सोनकर की सब जाँच सामान्य थी,
लेकिन ऑपरेशन के बाद मरीज की कोई जानकारी नहीं दी गई,
साढ़े पांच घंटे बाद रात साढ़े आठ बजे बताया गया कि मरीज की हालत बिगड़ गई है,
परिजनों ने देखा कि, जब उनके मरीज को ICU में शिफ्ट किया जा रहा था तब डॉक्टर विनय त्रिपाठी नशे में था,
थोड़ी देर बाद मरीज की जान चली गई,
अब सोनकर परिवार इंसाफ के लिए भटक रहा है,
अस्पताल की पहुँच के आगे ना प्रशासन सुन रहा है, ना पुलिस,
अगर बीजेपी 2027 में सपा से धराशाई हो गई तो 2032 के चुनाव में बसपा अच्छा प्रदर्शन करेगी क्योंकि 2027 से 2032 तक अखिलेश यादव जी की सरकार रहेगी इसलिए यूपी में जमकर काम होगा तो हिन्दू मुसलमान वाले मुद्दे से हटकर जनता मेन मुद्दों पर फोकस करेगी जिससे 2032 में बीजेपी से लोग उब कर सपा बसपा पर फोकस करेंगे,
कहने का मतलब यह है कि जब जनता के मुद्दों पर चुनाव होगा तो सपा और बसपा दोनो का अच्छा प्रदर्शन होगा लेकिन जब कट्टरपंथी हिंदू मुसलमान वाला एंगल होगा तो आप तो जनबै करते हैं किसका फायदा,
इसलिए जिस तरह से भाजपा को हटाने के लिए अखिलेश यादव जी जान से लगे हैं इसमें बसपा को भी अखिलेश यादव जी का साथ देना चाहिए चाहे अंदरुनी रूप से ही देना क्यों ना पड़े लेकिन देना चाहिए क्योंकि 2032 बसपा के लिए बहुत अच्छा होगा,
यह कड़वा सत्य है, 🖕
मर्सिडीज़ खरीद सकने वाला शिक्षक जब अपने गरीब छात्र के घर जाकर उसकी साइकिल को हाथ लगाता है, तो वह सिर्फ साइकिल नहीं छू रहा होता, वह “जमीन से जुड़ा महान शिक्षक” होने वाली अपनी मार्केटिंग को भोले छात्रों और लोगों के दिल से छूआ रहा होता है।
लेकिन ज़रा सोचिए, अगर वही शिक्षक अपने किसी अमीर और सफल छात्र के घर जाए और उसकी लाखों की गाड़ी पर हाथ फेरते हुए कहे,
“देखिए, इस बच्चे ने भी बहुत संघर्ष किया है…”
तो अमीर छात्र से देश के लाखों भावुक लोग कनेक्ट नहीं कर पाएंगे l
क्यों?
क्योंकि शिक्षक को पता है कि भारत में गरीब विद्यार्थी की साइकिल बिकती है, अमीर विद्यार्थी की लग्ज़री कार नहीं।
गरीब छात्र की कहानी में संघर्ष है, त्याग है, भावुकता है और शिक्षक की महानता का नैरेटिव भी है।
अमीर छात्र की कहानी में सफलता तो है, लेकिन उसमें शिक्षक के लिए उतनी आसानी से “महान गुरु” वाली मार्केटिंग नहीं बनती।
इसलिए कैमरा जानबूझकर साइकिल और सिलबट्टे तक पहुँचता है,
पत्रकार - कहां से आए भईया।
लड़के - बंगाल से।
पत्रकार - कौन लाया।
लड़के - भाजपा
पत्रकार - क्यों लाया क्या बताया
लड़के - कुछ पता नहीं।🤡
हम तो कबसे कह रहे हैं ये सारे भाजपाई मजदूर घुसे हुए हैं झारखंड प्रोटेस्ट के नाम पर।
झारखंड पुलिस को लट्ठ बजाना चाहिए।
झारखंड सरकार ने प्रदर्शनकारी छात्रों की 98% मांगों को मान लिया है
14वी JPSC संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा सहित तीन परीक्षाओं को रद्द किया
पूर्व JPSC चेयरमैन L खियांगते को गिरफ्तार किया गया
मामले की उच्च स्तरीय जांच हो रही है कई गिरफ्तार भी है।
छात्र इस मामले की CBI जांच के लिए अड़े हैं
CBI केंद्र सरकार की संस्था है अगर वो जांच करेगी तो राजनीतिक लाभ के लिए किसी के खिलाफ भी आरोपपत्र दाखिल कर सकती है।
कोई भी विपक्षी सरकार नहीं चाहेगी कि उसकी जांच अमित शाह करें
Math Masti चैनल 13 अगस्त को डिलीट होगा जहां सर गणित पढ़ा रहे हैं अपने चैनल पर उसे पर भी कॉपीराइट मारा गया है सर के द्वारा
विपिन सर के लिए बहुत मुश्किल का वक्त।😌 @vipin_sir_maths
अगर गरीब विद्यार्थी के घर मसाला कूटने का अभिनय ही शिक्षक की महानता का पैमाना है, तो फिर विकास दिव्यकीर्ति जी से भी कह देना चाहिए।
उनके इतने गरीब विद्यार्थी सफल हैं कि अगर वे हर सफल विद्यार्थी के घर जाकर मसाला कूटते , तो अगली परीक्षा की तैयारी कराना छोड़कर उन्हें दिन-रात मसाला ही कूटना पड़ेगा।
असल में हम उस मार्केटिंग मॉडल को उजागर कर रहे, जिसमें शिक्षा से ज्यादा भावनाएं बेची जा रही हैं।
गरीब विद्यार्थी दिखाइए।
उसका संघर्ष दिखाइए।
घर की हालत दिखाइए।
शिक्षक का अपनापन दिखाइए।
पीछे भावुक संगीत लगाइए।
और अंत में विद्यार्थी से कहलवा दीजिए
“सर ने मेरी जिंदगी बदल दी।”
शिक्षक का अपने विद्यार्थी से आत्मीय रिश्ता भी बहुत खूबसूरत चीज है। लेकिन कैमरे के सामने की गई हर भावुक गतिविधि को शिक्षक की महानता का प्रमाण मान लेना भी विद्यार्थियों के साथ अन्याय है।
इस तरह की ब्रांडिंग प्रतियोगिता को नहीं रोका गया तो भविष्य में लोग यह देखेंगे कि
“किस शिक्षक ने कितने गरीब विद्यार्थियों के घर जाकर मसाला कूटा ?”
और फिर शायद इस देश में सबसे ज्यादा मसाला कूटने वाला ही “राष्ट्रीय शिक्षक रत्न” घोषित हो जाए...तो कोई बड़ी बात नहीं...
बब्बू खान भाजपा से था इसलिए जाने दिया
वरना यही बाबा सर काटने के बदले इनाम दे रहे होते।
बजरंग दल
करणी सेना
हिन्दू युवा वाहनी
भाजपा
अब तक RR शुरू कर देती थी मगर क्या हुआ,तुम्हारी खमोशी को हम जैसो की भाषा में दोगलई कहते है।
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विकास के वर्ल्ड-क्लास दावों और डबल इंजन सरकार के शानदार इंफ्रास्ट्रक्चर की हकीकत देखनी हो, तो नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का यह नज़ारा देख लीजिए। जिस हाई-टेक प्रोजेक्ट के पहले चरण में ही जनता की गाढ़ी कमाई के 11,282 करोड़ फूंक दिए गए और जिसकी कुल अनुमानित लागत ₹29,560 करोड़ है, वह एयरपोर्ट पहली ही बारिश में किसी तरणताल में तब्दील हो गया है। अभी इसी साल 28 मार्च 2026 को प्रधानमंत्री जी ने बड़े जोर-शोर से इसका उद्घाटन किया था, लेकिन महज 4-5 महीनों के भीतर ही इस मेगा प्रोजेक्ट के विकास की पोल खुल गई और भ्रष्टाचार का पूरा सिस्टम पानी में तैरता नज़र आ रहा है। जब बड़े-बड़े निर्माण ठेके सिर्फ 'कमीशन' और 'हिस्सेदारी' की भेंट चढ़ेंगे, तो अरबों के प्रोजेक्ट ऐसे ही डूबेंगे। यह सिर्फ एक एयरपोर्ट में भरा पानी नहीं है, बल्कि देश के ईमानदार टैक्सपेयर के खून-पसीने की कमाई की बर्बादी का जीता-जागता सबूत है, जिस पर तुरंत जवाबदेही तय होनी चाहिए!
#NoidaAirport #UPGovt #नोएडा_इंटरनेशनल
@myogiadityanath@AAI_Official
घर का चुनाव तो अच्छा किया है फैजल खान उर्फ़ खान सर ने
लेकिन एक बात खटक रही है घर देख कर लग रहा है सिर्फ सूटिंग करने के लिए भाड़े पर लिया गया है
वो भी मुफ्त मे
फर्जी PR काम नहीं आया तो ग्लोबल जीजा ने अलख पाण्डेय को गुरु मानते हुए उनकी राह पर चल पड़े है
70 वीं BPSC
लेकिन एक बात मुझे शिक्षा जगत में बहुत खटकती है-
किसी बच्चे की गरीबी को उसकी सफलता की कहानी बताइए, अपने कोचिंग संस्थान का विज्ञापन मत बनाइए।
कभी टूटा हुआ घर दिखाओ, कभी माँ-बाप की मजबूरी, कभी जमीन पर बैठकर खाना खाओ… और फिर कैमरा लगाकर बताओ कि “देखिए, हमारे यहाँ से पढ़कर कहाँ से कहाँ पहुँच गया।”
अगर सच में मदद करनी है तो उसका घर बनवा दीजिए, आगे की पढ़ाई में मदद कर दीजिए, परिवार को आर्थिक सहारा दे दीजिए।
लेकिन उसकी गरीबी को करोड़ों लोगों के सामने content और admission की marketing बनाना मुझे ठीक नहीं लगता।
गरीब का घर छोटा हो सकता है, उसका सम्मान छोटा नहीं होता।
सफलता दिखाइए, संघर्ष बताइए-
लेकिन गरीबी की प्रदर्शनी लगाकर अपनी दुकान मत चमकाइए।
गलत तरीके से YouTube Strike देकर Math Masti जैसे शैक्षणिक चैनल को डिलीट करना लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। 📚
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