आजादी के असली योद्धा कौन थे ? इसको जनता के सामने लाना जरूरी है ।
आलीशान घरों में सभी सुविधाओं के साथ बंद रहना ही जेल जाना है क्या ?
स्वतंत्रता संग्राम में लाखों लोगों के बलिदान को सिर्फ एक खानदान के नाम कर दिया गया ।
सावधान दिमागी नक्सलों ,
अगर जनता हाथ में हीट उठा लेगी , तब तुम्हारा क्या होगा ?
क्योंकि मोदी जी ने तुमलोगों को बिल से बाहर निकालकर जनता के सामने खड़ा कर दिया है ।
माननीय प्रधानमंत्री द्वारा देश में फैले दिमागी नक्सल का जिक्र किया गया ,तो सारे विपक्षी बिलबिलाने लगे हैं ।
मानो किसी ने घर के कोने पर हीट मार दिया हो ।