*✰सतलोक आश्रम धनाना धाम में कबीर साहेब जी के प्रकट दिवस के उपलक्ष्य में शुरू हुआ भव्य महासमागम✰*
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#न_जन्म_हुआ_न_मरा_कबीरा
🌿👉क्या वेद बता सकते हैं भगवान कौन है?
जी हाँ,और जवाब है कबीर साहेब!
ऋग्वेद मण्डल 9,सूक्त 93,मंत्र 2 प्रमाणित करता है कि पूर्ण परमात्मा कभी माता के गर्भ से जन्म नहीं लेता, वह शिशु रूप में प्रकट होता है। वही कबीर साहेब हैं।
2Days Left Kabir Prakat Diwas
#न_जन्म_हुआ_न_मरा_कबीरा
👉संत गरीबदास जी महाराज ने भी अपनी अमरवाणी में स्पष्ट किया है कि जिसके जन्मदाता कोई माता-पिता नहीं हैं और जिसके जन्म का कोई प्रमाण नहीं है वह केवल पूर्ण ब्रह्म कबीर साहेब है। 🌿
#न_जन्म_हुआ_न_मरा_कबीरा
👉क्या वेद बता सकते हैं भगवान कौन है?
जी हाँ, और जवाब है कबीर साहेब!
ऋग्वेद मण्डल 9,सूक्त 93,मंत्र 2 प्रमाणित करता है कि पूर्ण परमात्मा कभी माता के गर्भ से जन्म नहीं लेता, वह शिशु रूप में प्रकट होता है। वही कबीर साहेब हैं।🪴
2Days Left Kabir Prakat Diwas
#न_जन्म_हुआ_न_मरा_कबीरा
600 साल पुराना रहस्य, आज भी काशी की धरती गवाह है!
कबीर साहेब वह अविनाशी परमात्मा हैं जो हर युग में जन्म नहीं लेते बल्कि सशरीर प्रकट होते हैं। कलियुग में वे काशी के लहरतारा तालाब में, कमल के फूल पर, विक्रमी संवत् 1455 (सन् 1398) की ज्येष्ठ
संत रामपाल जी महाराज की पावन उपस्थिति में कबीर साहेब प्रकट दिवस, 27-29 जून को भव्य रूप से मनाया जा रहा है। आइए, सब मिलकर इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बनें।
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#न_जन्म_हुआ_न_मरा_कबीरा
जिनका नहीं जन्म का कोई प्रमाण, वह है कबीर भगवान
आज से लगभग 600 वर्ष पहले, काशी के लहरतारा तालाब में कमल के फूल पर परमेश्वर कबीर जी का सशरीर प्राकट्य हुआ था। इसके जीवंत साक्ष्य आज भी लहरतारा तालाब, काशी में विद्यमान हैं।
#न_जन्म_हुआ_न_मरा_कबीरा
👉"कबीर साहेब प्रकट दिवस" वह पावन दिन है, जब सर्व ब्रह्मांडों के रचनहार स्वयं कबीर परमेश्वर सत्यलोक से चलकर, हम भटकती हुई जीवात्माओं को तारने के लिए पृथ्वी पर सशरीर अवतरित हुए।
#न_जन्म_हुआ_न_मरा_कबीरा
गरीब, साहिब पुरुष कबीर कूँ, जन्म लिया नहीं कोय।
शब्द स्वरूपी रूप है, घट घट बोलै सोय।।
ज्येष्ठ पूर्णिमा, विक्रमी संवत् 1455 (सन् 1398) की ब्रह्म मुहूर्त की वह घड़ी जब कबीर परमेश्वर सतलोक से सशरीर चलकर लहरतारा तालाब के कमल पर शिशु रूप में प्रकट हुए।
#न_जन्म_हुआ_न_मरा_कबीरा
गरीब, साहिब पुरुष कबीर कूँ,
जन्म लिया नहीं कोय।
शब्द स्वरूपी रूप है, घट घट बोलै सोय।।
ज्येष्ठ पूर्णिमा, विक्रमी संवत् 1455 (सन् 1398) की ब्रह्म मुहूर्त की वह घड़ी जब कबीर परमेश्वर सतलोक से सशरीर चलकर लहरतारा तालाब के कमल पर
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जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज की पावन उपस्थिति में 629वें कबीर परमेश्वर प्रकट दिवस का महाआयोजन! 27 से 29जून2026 को भारत के 13 सतलोक आश्रमों में होने वाले विशाल भंडारे,सत्संग मेंआप सभी सपरिवार सादर आमंत्रित हैं
#न_जन्म_हुआ_न_मरा_कबीरा
2Days Left Kabir Prakat Diwas
#न_जन्म_हुआ_न_मरा_कबीरा
कबीर साहेब प्रकट दिवस
* वह पावन दिन है, जब सर्व ब्रह्मांडों के रचनहार स्वयं कबीर परमेश्वर सत्यलोक से चलकर, हम भटकती हुई जीवात्माओं को तारने के लिए पृथ्वी पर सशरीर अवतरित हुए।
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#न_जन्म_हुआ_न_मरा_कबीरा
ना मेरा जन्म, ना गर्भ बसेरा, बालक बन दिखलाया।
काशी नगर जल कमल पर डेरा तहाँ जुलाहे ने पाया।
ऋग्वेद मण्डल 10, सूक्त 4, मंत्र 3 में स्पष्ट उल्लेख है कि परमात्मा का जन्म नहीं होता वह सशरीर प्रकट होता है, और वही परमेश्वर कबीर जी हैं।
#न_जन्म_हुआ_न_मरा_कबीरा
कबीर साहेब के न कोई माता-पिता हैं, न उनका जन्म-मृत्यु का कोई बंधन है। वे अविनाशी और सर्वशक्तिमान पूर्ण परमात्मा हैं, जो हर युग में जीवों के उद्धार हेतु सशरीर धरती पर प्रकट होते हैं।
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#न_जन्म_हुआ_न_मरा_कबीरा
600 साल पुराना रहस्य आज भी काशी की धरती गवाह है!
कबीर साहेब वह अविनाशी परमात्मा हैं जो हर युग में जन्म नहीं लेते बल्कि सशरीर प्रकट होते हैं।
बंदीघोड़ सतगुरु रामपाल जी महाराज
की पावन उपस्थिति में 629 वां कबीर परमेश्वर प्रकट दिवस
29 जून 2026