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यह वाक्य पहले भी एक छात्र नेता की जुबान से निकला था “ठाकुर ऐथ इज है, कैथ ही को ग्यो।”
पर सत्ता के गलियारों में कदम रखने की चाह में शब्द और तेवर दोनों बदल गए।।
सभ्य मुस्कान, मृदु भाषा और बुद्धिजीवी मौन, RSS-संस्कारों से गढ़े गए सर्वस्वीकार्य नेता की छवि बनाने में नेताजी इतने सुलझे हुए हो चुके हैं कि
उन्हें न ठाकुर दिखते हैं, न उनकी आवाज़ सुनाई देती है।
करणी सेना का बड़ा आंदोलन!
EWS आरक्षण 20% करने की मांग पर उमड़ा जनसैलाब...
मध्य प्रदेश के #हरदा में करणी सेना ने जनक्रांति आंदोलन के तहत नेहरू स्टेडियम में विशाल धरना दिया।
जुलाई के लाठीचार्ज कांड से शुरू यह आंदोलन अब 21 सूत्रीय मांगों पर केंद्रित है, जिसमें EWS आरक्षण 10% से बढ़ाकर 20% करने की मांग सबसे प्रमुख है!
शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने भी सोशल मीडिया पर लोगों से आंदोलन में पहुंचने की अपील की थी।
अन्य प्रमुख मांगें:
• आर्थिक आधार पर आरक्षण तत्काल लागू
• जुलाई लाठीचार्ज की मजिस्ट्रेटीय जांच
• हरदा SP-कलेक्टर की बर्खास्तगी
• फर्जी मुकदमों की वापसी
भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण प्रदर्शन, लेकिन सरकार को सख्त अल्टीमेटम!
#जनक्रांति #EWSआरक्षण
शिव विधायक एवं ऊर्जावान युवा नेता रविन्द्र सिंह जी भाटी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ ।
मैं ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य एवं उज्जवल भविष्य की कामना करता हूँ ।।#HappyBirhday@RavindraBhati__
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा का एक बयान हालिया घटनाओं में चर्चित है।
अंता उपचुनाव में बंबोरी गांव की जनसभा में उन्होंने कहा कि मैं राजस्थान के सबसे बड़े समाज से आता हूँ और मेरी गाड़ी रोकी जा सकती है तो बाकी जातियों का क्या हाल होगा ?
अध्यक्ष जी के इस बयान के राजनीतिक मायने अलग हो सकते हैं लेकिन मैं सोचता हूँ कि प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठे एक ताकतवर नेता को अंततः जाति पर आकर क्यों तो बयान देने पड जाते हैं और क्यों अपनी जातीय पहचान को हर बार मजबूत करने की कोशिश की जाती है ?
क्या अर्थ निकलता है आखिर, यही ना कि एक महाबली प्रदेश अध्यक्ष की गाड़ी को रोकने की हिमाकत भले कर ली जाए लेकिन जाट की गाडी को रोकने की हिमाकत कोई कैसे कर सकता है ? यक़ीनन डोटासरा जी के इस बयान से कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष छोटा हो गया और एक जाट नेता उससे अधिक बडा।
ऐस लगा मानो अध्यक्ष जी ये ऐलान कर रहे हों कि अगर प्रदेश अध्यक्ष की गाडी रोकेंगे तो कोई बडी बात नहीं है लेकिन जाट की गाडी रोकने का जवाब दिया जाएगा।
ये बयान ऐसे भी हो सकता था कि मैं हिंदुस्तान की सबसे पुरानी पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष हूँ, जिसे सब जाति और धर्म के लोग वोट देते हैं। सब जातियों के लोग हमारी पार्टी के कार्यकर्ता है। अगर उस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष की गाडी को रोका जा सकता है तो आम आदमी के साथ क्या सलूक किया जाएगा ?
लेकिन डोटासरा जी को खुद की ताकत के पीछे पार्टी के अध्यक्ष की कुर्सी से बडी उनकी जाति का वर्चस्व दिखा यह इस बात की बानगी है कि हम कितने की लोकतांत्रिक मूल्यों की बात कर लें लेकिन सब कोशिशें आखिर में जाति पर आकर दम तोड देती हैं।
इस बयान से ये मैसेज तो यही गए है कि नरेश मीणा के समर्थकों ने एक मजबूत प्रदेश अध्यक्ष की नहीं बल्कि मजबूत जाट की गाडी को रोका है।
गोविंदसिंह डोटासरा अंता उपचुनाव में कल के घटनाक्रम के बाद बहुत आक्रामक रुख अख्तियार किए हुए हैं। आज उन्होंने एक जनसभा में नरेश मीणा पर ताबड़तोड़ हमले लिए।
एक लाइव टीवी डिबेट में नरेश मीणा ने कांग्रेस के प्रवक्ता यशवर्धन सिंह को अंता में देख लेने की धमकी दी थी। आज गोविंदसिंह डोटासरा ने उन्हीं यशवर्धन सिंह के साथ अंता में जनसभा तथा जनसंपर्क किया है। शायद डोटासरा इनडायरेक्ट नरेश को मेसेज दे रहे हैं कि वे उसकी धमकियों का अपने अंदाज में जवाब देने की कुव्वत रखते हैं।
@GovindDotasra@yashvardhansngh
To ,
The Ministry of External Affairs, Government of India
South Block, New Delhi
Subject: Urgent Intervention Required for Trapped Indian Worker Manoj Singh Shekhawat in Russia
Respected Sir/Madam,
This is to draw your urgent attention to the deeply distressing case of Mr. Manoj Singh Shekhawat, aged 26 years, resident of Karni Vihar, Jaipur (Rajasthan), who has reportedly been forcibly sent to the war front in Russia under false pretexts of employment.
As per media reports and family accounts, Manoj Singh Shekhawat had travelled to Russia in June 2025 through a middleman for a construction job. However, he later sent a 51-second video message from a Russian bunker on 15 October, indicating he and four other Indian nationals were being compelled to fight at the front line. In the video, Manoj stated that:
“हम 5 लोग थे… हमें रूस की ओर से युद्ध के लिए जबरन फ्रंट लाइन में भेजा जा रहा है… पीछे हटे तो यहीं दफना देंगे…”
He further mentioned that one of their group members had already been killed in the conflict, and if he could not make contact within three days, it should be assumed he was no longer alive.
Since that video message, the family has lost all communication with him for more than two weeks. His wife and family members are in deep distress, fearing for his life. Manoj was the sole earning member of the family and had gone abroad merely to support his household.
This appears to be a case of human trafficking and forced recruitment into an armed conflict, possibly facilitated by agents misleading Indian citizens under the guise of overseas employment.
Requested Actions
1.Immediate intervention through the Indian Embassy in Moscow to locate and ensure the safety of Mr. Manoj Singh Shekhawat and other Indian nationals trapped under similar circumstances.
2.Coordination with Russian authorities for their rescue, repatriation, and safe return to India.
3.Investigation against the travel agent or middleman responsible for sending Manoj under fraudulent pretenses, and initiating criminal proceedings under relevant sections of IPC and the Emigration Act, 1983.
4.Establishment of a special helpline or cell to track Indian citizens trafficked or stranded in the Russia-Ukraine conflict zone.
Appeal
It is humbly urged that the Government of India treat this as a matter of life and death and extend all possible diplomatic and legal assistance to bring back Mr. Manoj Singh Shekhawat safely.
Name: Yashvardhan Singh
Spokesperson , PCC Rajasthan
Address: H-1-241(B) , Riico Second phase , Jhunjhunu . Pin 333001
Contact: [email protected]@MEAIndia@PMOIndia
मेरा नाम धर्मेन्द्र सिंह राठौड़ हैं। कांग्रेस का पूर्व में RTDC अध्यक्ष रह चुका हूं। मेरी पार्टी कांग्रेस है। में वर्तमान में अपनी पार्टी के लिए काम कर रहा हूँ। मैंने अपने जीवन में देखा हर वर्ग हर जाति को आरक्षण मिला हुआ है। एक मेरा समाज ऐसा है। जो बिना आरक्षण से जी रहा है। मैंने देखा मेरा समाज बहुत पिछड़ा समाज है। बिना आरक्षण से उन्नति नहीं कर पाएगा।
मैंने मेरे समाज की दुर्दशा देखी, उनकी पीड़ा महसूस की मेरे समाज को भी आरक्षण की बहुत जरूरत है। मैंने देखा ईडब्ल्यूएस आरक्षण मेरे समाज को लाभ पहुंचा सकता है। मेरे समाज के युवाओं को रोजगार प्रदान कर सकता है। मेरा समाज ईडब्ल्यूएस की मांग को लेकर राज्य सरकार व केंद्र सरकार को लेटर लिख रहे है। हजारों ज्ञापन दिए केंद्र में ईडब्ल्यूएस सरलीकरण के लिए भाजपा की सरकार ने अनदेखा कर दिया था।
मैंने ईडब्ल्यूएस के ऊपर अपनी सरकार में काम करना शुरू कर दिया था। मैंने अपनी सरकार के समक्ष ईडब्ल्यूएस की बात रखी थी। जब सबको आरक्षण मिल रहा है। मेरे समाज को आरक्षण से वंचित क्यों किया जा रहा है।
हमारी कांग्रेस की सरकार ने राजपूत समाज को ईडब्ल्यूएस समीकरण का तोहफा दिया था। जो काम बीजेपी की सरकार में नहीं हुआ। वह हमने राजस्थान में कांग्रेस की सरकार में करके दिखाया। हमारी कांग्रेस की सरकार ने राजपूत समाज के साथ न्याय किया है।
जो राजपुतों के कभी हितैसी कांग्रेस नहीं हुआ करती थी। उनके कार्यकाल में #EWS संभव हुआ है। जिस पार्टी के लिए राजपूत गुलाम बने हुए हैं। उस पार्टी में राजपुतों की रत्ती भर भी तवज्जो नहीं है।
मैं हमेशा गरीब किसान राजपूतों के लिए लड़ा हूँ। मैंने अपनी इच्छाओं को मार कर पहले समाज को रखा और ईडब्ल्यूएस में संशोधन करवा कर जमीन की शर्त को हटवाया। राजस्थान में सवर्ण जाति को मुख्य धारा से जोड़ने का कार्य प्रशासनिक सेवा हो चाहे पुलिस शिक्षक किसी भी फील्ड में लाने का कार्य किया है।
कांग्रेस सरकार रहते हुए पांच साल तक राजपूत समाज को एक बार भी अपनी मांगों के लिए रोड पे नही आने दिया। जो मैंने कांग्रेस की सरकार में काम किया शायद ही ऐसा कोई नेता भाजपा की सरकार में नहीं करवा पाएगा।
मेरी मांग थी। राजस्थान की तर्ज पर पूरे देश में #EWS सरलीकरण होना चाहिए। महाराणा प्रताप की जयंती पर प्रताप फाउंडेशन का वर्चुअल कार्यक्रम था। मैं वहां पर भी श्री गजेंद्र सिंह शेखावत साहब से निवेदन किया था। केंद्र में बीजेपी की बहुमत सरकार है। जैसे हमारी सरकार ने राजस्थान में ईडब्ल्यूएस सरलीकरण किया था। राजस्थान की तर्ज पर केंद्र में भी ईडब्ल्यूएस सरलीकरण होना चाहिए।
राजपूत समाज का जयंती प्रोग्राम चल रहा था। वहाँ मेरे साथ गजेंद्र सिंह शेखावत् ओर नरेंद सिंह तोमर थे। मैंने मंच पर उपस्थित मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और नरेंद्र तोमर से कहा मैं समाज का कार्यकर्ता होने के नाते आपसे हाथ जोड़ कर निवेदन कर रहा हूं। आप #EWS का केंद्र में सरलीकरण करवा दीजिए। लेकिन मेरी कोई बात सुनने को तैयार नहीं है।
मैंने राजस्थान मॉडल की तर्ज पर #EWS का सरलीकरण होने से केंद्र की विभिन्न सेवाओं में युवाओं को होने वाले लाभ के बारे में बहुत महत्वपूर्ण संदेश दिया था। मैं भारत मे जहाँ पर भी जाता हूँ वहां सबसे हाथ जोड़कर विनती करता हूँ। साहब आप भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री है। आप अपनी सरकार से राजस्थान की तरह कर #EWS का सरलीकरण करवाएं।
एक भी भाजपा के मंत्री की हिम्मत नहीं होती वो अपनी सरकार के समक्ष खड़ा होकर बोल दे कि राजस्थान में #EWS सरलीकरण किया है। केंद्र की सरकार को भी राजस्थान की तर्ज पर #EWS सरलीकरण करें।
ये #EWS की लड़ाई मेने अकेले ने लड़ी है। किसी भी राजपूत नेताओ का समर्थन नहीं मिला था। पूरे भारत के भाजपा से जुड़े जितने भी राजपूत मंत्री अगर अपनी सरकार से मांग करते तो आज पूरे भारत मे #EWS सरलीकरण राजस्थान की तर्ज पर हो जाता। एक भी राजपूत मंत्री की मोदी के ख़िलाफ़ बोलने की हिम्मत नहीं है। ये व्यक्ति फिर क्या समाज का भला करेंगे।
आज मेरा समाज कहां देख रहा है ? मैंने मेरे समाज का भला किया है। जिन्होंने समाज के लिए कुछ भी नही किया है। उनको सिर पे बिठा के घूम रहा है। मेरे समाज को भाजपा ने कुछ नहीं दिया है। मेरा समाज फिर क्यों भाजपा की गुलामी कर रहा है।
मुझे जो सम्मान और इज्ज़त समाज के द्वारा मिलनी चाहिए थी,उतनी भी नहीं मिली। जिसको कुछ नहीं मिलना चाहिए था, आज मेरा समाज उसके पीछे लामबंद है। मेरे समाज का भला ऐसे संभव नहीं है। राजपूत की मजबूरी भाजपा नहीं हो सकती हैं। राजपूत के पास तीसरा विकल्प होना चाहिए। एक बार गुलामी की जंजीरों को तोड़कर स्वतंत्र होकर कांग्रेस को चुनें आपके समाज का भविष्य सुदृढ़ होगा।
आपका धर्मेंद्र राठौड़।
@DharmendraR_INC
महाराणा प्रताप सिंह जी को लेकर छत्रपति शिवाजी महाराज के ऐसे विचार थे और आज की पिढी मराठा और राजपूत के नाम पर एक दुसरे पर लांछन लगा रही हैं।
अब भी क्षत्रिय तुम उठते नहीं फिर आखिर उठ कर करोगे क्या..?
आज पूर्व सैनिकों के उमड़े जन सैलाब ओर जोश को देखकर कर्नल राठौड़ साहब ने भी वो आभास करवाया कि में भी एक मंत्री से पहले एक सैनिक हूं और हर कदम पर आपके साथ हूं
@Ra_THORe@RajCMO@BhajanlalBjp@narendramodi
मैने बालियान के मित्रों को कहा कि क्यों इसको मरवा रहे हो जाट/राजपूत करके.... क्लब चुनाव तो होते रहेंगे...
मेरे क्षेत्र में जाट नहीं है लेकिन बालियान के क्षेत्र में 2 लाख राजपूत है क्यों बेचारे को मरवा रहे हो
इतनी नहीं उतारनी चाहिए थी बालियान जी की
SI भर्ती–2021 को यथावत रखने की मांग को लेकर जोधपुर कलेक्ट्रेट कार्यालय परिसर के सामने सर्व समाज द्वारा आयोजित धरना-प्रदर्शन में युवा शक्ति के साथ भाग लिया तथा युवाओं की न्यायोचित मांगों के समर्थन में स्वर मिलाया।
जयपुर ग्रामीण परिवार के हमारे झोटवाड़ा विधानसभा क्षेत्र स्थित यू एस पैराडाईज में श्री तंवरावाटी राजपूत सभा राजस्थान द्वारा आयोजित द्वारिकाधीश श्रीकृष्ण अवतार तंवर कुलभूषण भगवान रामदेव जी के महाज्योत कार्यक्रम में सहभागिता करना मेरे लिए अत्यंत गौरव की बात है।
असली हीरो को पहचानिए राजस्थान वालों
SI भर्ती रद्द होने के बाद अब इस बात पर जूतमपैजार है कि इसका क्रेडिट कौन ले ? हर तरफ नेता हैं और उनके पीछे एक उग्र भीड़ है। सबके अपने-अपने दावे हैं। सबने अपने दावे कर भी दिए हैं। अगले कुछ दिन राजस्थान में यही माहौल चलने वाला है। लेकिन सियासी माहौल के बीच जरूरी है कि इस पूरी लड़ाई के असली नायक को राजस्थान नहीं भूले। जो क्रेडिट की लड़ाई से दूर वाकई असल मायने में हीरो है। इस असली हीरो का नाम IPS वीके सिंह है।
नेताओं ने धरने दिए, भीड़ बुलाई, भाषण दिए। वो सबकुछ किया जो एक नेता को माहौल जमाने के लिए करना चाहिए। तो क्या सरकार ने भर्ती रद्द की ? नहीं ना ? तो क्रेडिट लेने वाले नेता हीरो हैं या विलेन है। इसके उलट मैं तो कहता हूँ कि जो नेता क्रेडिट लेने आगे आ रहे हैं वे ही असली फेलियर हैं। क्योंकि उनके आंदोलन में, उनके भाषणों में, उनके समर्थकों में इतना दम नहीं था कि वे सरकार के माथे पर शिकन पैदा कर पाते। और सरकार ने उनके तमाम आंदोलनों को ठेंगा दिखाते हुए भर्ती रद्द करने से मना कर दिया। जब उनका विरोध सरकार पर असर नहीं कर पाया तो वे सफल आंदोलनकारी हुए या फिर विफल ?
ये लड़ाई सरकार ने नहीं बल्की कोर्ट में जाकर पूरी पूरी हुई है। और अगर आप तनिक भी पढ़ें लिखे हैं तो इतना विवेक होना चाहिए कि कोर्ट ने सुनवाई करते हुए ऐसी दलीलें तो नहीं सुनी होंगी कि फलां नेता इतने लोग लेकर वहां बैठा है और इस नेता ने ऐसा भाषण दिया है। कोर्ट के पास सबसे बड़ा आधार था IPS वीके सिंह की रिपोर्ट जो उन्होंने तैयार की है। कोर्ट के पास असली आधार था IPS वीके सिंह द्वारा की गई शानदार कार्यवाहियां और कोर्ट ने यक़ीनन उन्हीं सब बातों पर गौर किया है जो SOG ने कोर्ट को बताई हैं।
इसलिए पढ़े - लिखे युवाओं को जरूरी है कि नकली नायकों को क्रेडिट देने से बेहतर है सूबे के इस होनहार IPS जिसका नाम वीके सिंह है, उसे ही सारा क्रेडिट दिया जाए। क्योंकि वीके सिंह ही अब इस पूरी कहानी के असली नायक हैं।
युवाओं ध्यान रखो, नकली नायकों को क्रेडिट देते रहोगे तो फिर कोई वीके सिंह इतना बेहतर काम नहीं कर पाएगा। कृतज्ञ समाज को हमेशा असली नायक चुनने चाहिए।
#SI_भर्ती_2021
#SOG