अंता विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं से अनुरोध है कि कल आपके विधानसभा क्षेत्र में उप -चुनाव का मतदान है ,आप सभी,जनता के लोकप्रिय उम्मीदवार श्री नरेश मीणा को बैलेट नंबर - 9 पर मतदान करे और भारी मतों से विजयी बनावे |
श्री नरेश मीणा का चुनाव चिन्ह- गन्ना किसान है |
@RLPINDIAorg
आदरणीय @RahulGandhi जी,
1. मेरे पिताजी सन 2000 में बारां में कांग्रेस पार्टी के ब्लॉक अध्यक्ष रहें!
2. मैंने सन 2002 में राजस्थान विश्वविद्यालय में NSUI के टिकिट पर छात्रसंघ महासचिव का चुनाव लड़कर ऐतिहासिक विजय हासिल की!
3. मैंने 2023 में छबड़ा विधानसभा के लिए कांग्रेस पार्टी से टिकिट माँगा, टिकिट नहीं मिलने पर मैं निर्दलीय चुनाव लड़कर 45,000 वोट लेकर आया!
4. 2024 में दौसा लोकसभा से कांग्रेस पार्टी से टिकिट माँगा, नहीं मिला!
5. विधानसभा उप चुनाव 2024 में कांग्रेस पार्टी से देवली उनियारा विधानसभा के लिए टिकिट माँगा, मुझे टिकिट नहीं देकर एक ऐसे व्यक्ति को टिकिट दिया जो BJP से तैयारी कर रहा था,मुझे टिकिट नहीं मिलने पर मैं निर्दलीय चुनाव लड़कर 60,000 वोट लेकर दूसरे स्थान पर रहा और कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार कि जमानत जब्त हुई!
आदरणीय राहुल गाँधी जी अब फिर से मैं अंता विधानसभा उपचुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी से टिकिट मांग रहा हूँ,
जहाँ हर बार ऐसे व्यक्ति को टिकिट दिया जाता है जिसके वर्ग के पूरी विधानसभा में 1% वोट नहीं है, जिसने कोटा संभाग में पूरी कांग्रेस पार्टी को खत्म कर दिया, जिसका नाम है प्रमोद जैन भाया.!
आदरणीय राहुल गाँधी जी मुझे आपसे आशा और उम्मीद है कि मेरे इस ट्विट को संज्ञान में लेकर मुझे कांग्रेस पार्टी से अंता विधानसभा से टिकिट देने कि कृपा करेंगे!
@INCIndia@RahulGandhi@priyankagandhi
आज हम उस वीर सपूत को याद कर रहे हैं जिसने मात्र 23 वर्ष की उम्र में अपना जीवन देश की आज़ादी के नाम कर दिया.! भगतसिंह सिर्फ़ एक नाम नहीं, बल्कि वह विचार है, जो अन्याय, शोषण और गुलामी के खिलाफ खड़ा होता है.!
भगतसिंह ने कहा था – “क्रांति की तलवार विचारों की सान पर तेज होती है.!”
आज जब समाज में असमानता, बेरोज़गारी, भ्रष्टाचार और नफरत की दीवारें खड़ी की जा रही हैं, तब हमें भगतसिंह के विचारों को याद करने और उन्हें जीवन में उतारने की सबसे अधिक आवश्यकता है.! क्योंकि उन्होंने धर्म और जाति की दीवारों को तोड़कर इंसानियत को सबसे बड़ा धर्म माना.! उन्होंने युवाओं से कहा कि वे केवल सपने न देखें, बल्कि अपने विचारों और कर्मों से समाज में बदलाव लाएँ.! उन्होंने सत्ता से सवाल करना सिखाया, अंधभक्ति से दूर रहना सिखाया.! उन्होंने सिखाया कि आज़ादी का असली मतलब केवल विदेशी शासन से मुक्ति नहीं, बल्कि हर प्रकार के अन्याय और असमानता से मुक्ति है.!
आज हम देख रहे हैं कि देश में धर्म और जाति के आधार पर लोगों को बाँटने की कोशिश हो रही है, शिक्षा और रोजगार के अवसर कम हो रहे हैं, दलित, आदिवासी, किसान और मज़दूर परेशान हैं.! ऐसे समय में भगतसिंह के विचार हमें राह दिखाते हैं कि सच्ची आज़ादी का अर्थ है — सबको समान अवसर, समान अधिकार और समान न्याय.!
आइए, शहीद-ए-आज़म भगतसिंह के जन्मदिवस पर भगत सिंह सेना के साथी और प्रदेशवासी संकल्प लें कि:
हम अंधविश्वास नहीं बल्कि तर्क और ज्ञान का मार्ग चुनेंगे.! हम धार्मिक नफरत नहीं बल्कि भाईचारे का संदेश फैलाएँगे.! हम केवल खुद के लिए नहीं, समाज और देश की बेहतरी के लिए काम करेंगे.!
अंत में मैं यही कहूँगा कि जहाँ भी अन्याय हो, वहाँ अपनी आवाज़ जरूर बुलंद करें क्योंकि भगत सिंह का जीवन हमें याद दिलाता है कि असली ताकत बंदूक या सत्ता में नहीं, बल्कि विचार और साहस में है..! आओ हम सब मिलकर उनके विचारों को अपने जीवन का हिस्सा बनाएँ और नई पीढ़ी तक पहुँचाएँ.! यही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी.!
इंकलाब ज़िंदाबाद.!✊
भगतसिंह अमर रहें.! ✊🏽
इंक़लाब ज़िंदाबाद
12 दिन से नरेश मीणा जी न्याय की लड़ाई में आमरण अनशन पर बैठे हैं।
सीएम भजनलाल जी, अब आपकी चुप्पी सवाल बन चुकी है।
नरेश जी, हम सब आपके साथ हैं !
@NareshMeena__
होती अगर कीमत मेरे आंसुओं की तो मेरे नेता मेरे साथ होते
होती अगर बच्चों की मौत संवेदना,तो यू सहायता में बकरी न देते |।
तुम मुझे राजनीति में हँसी-हँसी तो दोगे।।
पर याद रखना फिर ऐसा युवा कहाँ से ढ़ूंढ़ोगे।।
@NareshMeena__
आप सभी का मैं शहीद स्मारक जयपुर में इंतजार कर रहा हूँ.!
पुलिस प्रशासन सें हाथ जोड़कर करबद्ध निवेदन है की कृपया लोगों को धरना स्थल तक पहुँचने दें,रास्ते में उन्हें रोके नहीं!
मैं आज शहीद स्मारक जयपुर से आमरण अनशन की घोषणा करता हूँ.!
1.जब तक पिपलोदी झालावाड के बच्चों को न्याय नहीं मिलेगा मैं अन्न का एक दाना भी अपने पेट में नहीं जाने दूँगा!
2.जब तक यह धरना चलेगा मैं मौन धारण रखूंगा, पाँच मिनिट के लिए रोज दोपहर 3 बजे मेरे साथियों से रणनीति को लेकर चर्चा करूंगा!
माननीय कोर्ट के आदेश की पालना करते हुए नरेश मीणा ने समर्थको टोंक आने से मना किया था, वरना आज टोंक से बांरा तक हाइवे जाम रहता इतनी तादाद में लोग जुटते। राजस्थान के इतिहास में सबसे बड़ा काफिला होता।
@NareshMeena__