भरी दोपहर में अब ऐसे ही नंगे पड़े रहने का जी करता है क्यों कि जिस्म को अब इस उम्र में कोई कपड़ा काबू नही कर सकता
और वैसे भी अब हम उम्रदराज औरतो में बचा ही क्या है देखने को???
लाडले देवर को मेरी पैरो के बीच वाले जन्नत के दरवाजे ���े दर्शन करवा रही हु
काफी दिनों से तड़प रहा था मेरे लिए और मुझे भी एक नए लन्ड का स्वाद चखने का मन कर रहा था
गदराया और चर्बी से भरा हुआ सुडौल जिस्म मेरा ऐसे ही नही बना है जिसे भोगने के लिए हर उम्र के मर्द व्याकुल रहते है जिसकी झलक मात्र से ही मर्दो के तंबू फंफ़नाने लगते है और कई बेचारे रात को पिचकारी भी चला देते है।
क्या यह सुख जीरो फिगर वाली औरते दे पाएंगी जिनके पीछे लोग पागल है!!!