भारत का विपक्ष कितना नल्ला है उसका उदाहरण CBSE और NEET को ले कर इनकी प्रतिक्रिया है। 40 लाख परीक्षार्थी (कुछ लाख दोनों में) प्रभावित हुए और विपक्ष 2-2 दिन विलंब से जग कर, हमारे जैसों के लिखा और बोला उठा कर सोशल मीडिया पर लिख रहा है।
यदि विपक्ष गंभीर होता तो इथेनॉल की बकलोली से शिक्षा मंत्रालय की निकृष्टता तक, इस देश में कुछ अच्छा हो सकता था, पर इन्हें खानापूर्ति करनी है।
मैं जानता हूँ कि अब कुछ लोग कहेंगे कि मैं विपक्ष के लिए काम कर रहा हूँ, पर कदाचित एक सजग समर्थक और कर्तव्यनिष्ठ पत्रकार का वही धर्म है। मैं विपक्ष के साथ नहीं हूँ, अभी मैं ही विपक्ष हूँ क्योंकि विपक्ष मा%रचो% नल्ला है।
"राहत इंदौरी" ने जिस दुर्भावना से ये लिखा था कि
"सभी का खून है शामिल यहाँ की मिट्टी में,किसी के बाप का हिंदुस्तान थोड़ी है."
राहत ने जिस दुर्भावना के साथ ये लिखा था, उसका माकूल और खूबसूरत जवाब
"बेचैन मधुपुरी" जी ने दिया है।
"बेचैन मधुपुरी" जी ने बहुत ही बेहतरीन जवाब दिया है।
आप भी उनके कायल हो जाएँगे।
“ख़फ़ा होते हैं तो हो जाने दो,
घर के मेहमान थोड़ी हैं;
सारे जहाँ भर से लताड़े जा चुके हैं, इनका मान थोड़ी है ।
ये कान्हा , राम की धरती है,
सजदा करना ही होगा;
मेरा वतन ये मेरी माँ है;
लूट का सामान थोड़ी है।
मैं जानता हूँ ; घर में बन चुके हैं सैकड़ों भेदी; जो सिक्कों में बिक गए; वो मेरा ईमान थोड़ी है।
हमारे पुरखों ने सींचा है;
इस वतन को अपने लहू के कतरों से;
बहुत बांटा मगर अब बस;
ख़ैराते आम थोड़ी है।
जो रहजन थे; उन्हें हाकिम बना कर उम्रभर पूजा ;
मगर अब हम भी इस सच्चाई से अनजान थोड़ी हैं ?
बहुत लूटा फिरंगी ने; कभी बाबर के पूतों ने ;
ये मेरा घर है ; मुफ्त की सराय
मेरी जान, थोड़ी है।
कुछ तो अपने भी शामिल हैं,
वतन तोड़ने में;
अब ये कन्हैया औ रविश मुसलमान थोड़ी हैं ???
यकीनन किरायेदार ही मालूम पड़ते हैं ये इस मुल्क में;
यूं बेमुरव्वत, कोई जलाता है,
अपना ही मकान थोड़ी है ???
सभी का खून शामिल था यहाँ की मिट्टी में; हम अनजान थोड़े हैं।
मगर जिनके अब्बा ले चुके पाकिस्तान; अब उनका हिंदुस्तान थोड़ी है ???
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सोचिये अगर 2013 में आदरणीय राजनाथ जी अध्यक्ष नहीं होते तो क्या मोदी जी PM पद के लिए उम्मीदवार घोषित किए जाते? कदापि नहीं। बड़े से बड़े घाघ बैठे थे सपने संजोये दिल्ली में। घोषणा के बाद भी बहुत से कुचक्र चला गया मोदी जी की उम्मीदवारी निरस्त करने के लिए, लेकिन बात बनी नहीं, हालांकि PM बनने के बाद मोदी जी उन सभी कृमियों के शरीर पर नमक डालने का काम किया, जिसमे जिसने उनके PM की कुर्सी तक पहुंचने में रोड़ा अटकाने का असफल प्रयास किया था।
2013 वाला परिदृश्य दरवाजे पर दस्तक दे रहा है। मोदी जी के उतराधिकारी को चुनने और 2029 के आम चुनाव के पहले PM पद के लिए योग्य उम्मीदवार की घोषणा होनी तय है।
अगर भाजपा का अध्यक्ष राजनाथ जी जैसा होगा तो वो अपने मन से, जनमानस के भावनाओं का कद्र करते हुए, माहौल को देखते हुए हीं आगामी PM की उम्मीदवारी तय करेगा। ऐसी परिस्थिति में अमित शाह जी को वैसी स्थिति का सामना करना पड़ सकता है जो 2013 में आडवाणी जी को करना पड़ा था।
उपरोक्त परिस्थितियों से बचने के लिए हीं भाजपा शीर्ष को एक ऐसे पार्टी अध्यक्ष की जरूरत थी जो उनके कहे पर चले, उठे, बैठे, बोले, लिखे।
मसलन -
"तुम जो कहोगे वहीं बात कहेंगे,
दिन को कहो रात तो हम रात कहेंगे"
और ऐसे अध्यक्ष के सारे गुण विद्यमान थे आदरणीय नितिन नवीन जी में। नितिन जी की इतनी मजाल अभी है नहीं कि अगर अमित जी कोई आदेश दे दें तो वो पूछ भी लें।
वास्तव में अमित जी को कड़ी टक्कर दे रहें हैं योगी जी, बस उनसे बचने के लिए नितिन जी को अध्यक्ष चुना गया है। वरना किसी भी कोण से नितिन जी केंद्रीय स्तर के नेता भी नहीं लगते, अध्यक्ष की बात तो दूर है। उपलब्धि उनकी है कि वे 5 या 7 बार के विधायक है,, ऐसे तो न जाने कितने विधायक है जो आजीवन चुनाव हीं नहीं हारे हैं.. ये कोई योग्यता नहीं होती..
राजनीति के आयाम किस ओर चले
क्यों अच्छे भले किरदार कहानी छोड़ चले
भारत को 1991 मे आर्थिक संकट से बचाने वाले भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी का निधन।
ईश्वर दिव्यंगत आत्मा को श्री चरणो मे स्थान दे! 🙏
#ManmohanSingh
Report link: Hindu Resilience: How 35 families surrounded by 11,000 Muslim households celebrate Chhath in Santhal Pargana
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ब्राह्मणों का सड़यंत्र ✍️
पण्डित जी को दिवाली पर कितने रुपए दिए आपने
हां बताओ ? लेकिन आज दिवाली पर मैनें
फल खरीदा - खटीक समाज से
पटाखे खरीदे - निषाद समाज से
मिठाई खरीदा - हलवाई समाज से
पनीर/छेना खरीदा - यादव समाज से
लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति - कुम्हार समाज से
पूजा के लिए माला फूल - माली समाज से
किराने का सामान खरीदा - बनिया समाज से
लेकिन फर्जी नैरेटिव फैलाया जाता है की त्योहारों को ब्राह्मणों ने अपने स्वार्थ के लिए बनाया है ,हद है !
सहमत हो तो इतना तेजी से Repost करो के सनातन विरोधियों के स्थान विशेष तक धमाके हो..
Via @drpandeyanil
Cement Corporation of India Ltd organized a Mason Meet at Shaktinagar on October 17, 2024, bringing together industry professionals. The event focused on enhancing skills and sharing best practices in masonry.
@cement_cci
We have lost a true Ratan of Bharat, Shri Ratan Tata ji.
His life will be an inspiration for us all and he will continue to live in our hearts. Om Shanti 🙏🏼🌸