बाकीपुर का हादसा झेल चुकी भाजण को बिहार में शराबबन्दी जौसी अव्यवहारिक कानून पर गंभीरता पूर्वक विचार करना चाहिए क्योंकि, जो वर्तमान को समझने में चूक करता है उसे भविष्य में पश्चाताप के सिवा कुछ नहीं मिलता ।
मोकामा में जन सुराज के लिए प्रचार करते समाजवादी नेता दुलारचंद यादव की निर्मम हत्या किसी गहरे राजनीतिक षड्यंत्र का हिस्सा लगती है।सरकार को निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए।
जिस तरह प्रशांत किशोर बिहार में एनडीए नेताओं के भ्रष्टाचार और काले कारनामों की पोल खोल रहे हैं वह नीतीश-मोदी-शाह के लिए खुली चुनौती है। या तो वे भ्रष्टाचारियों को हटायें या ख़ुद हटने को तैयार रहें।
बिहार चुनाव में सभी राजनीतिक दल खुलकर साम-दाम, दण्ड-भेद का इस्तेमाल करती रही है ; जन सुराज को चुनाव जीतने के लिए अपने कार्यकर्ताओं और वोटरों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी।