मथुरा:- 8 बार विधायक रहे पंडित श्याम सुंदर शर्मा ने कांग्रेस पार्टी में शामिल
आने वाले समय में कांग्रेस में बड़ी संख्या में लोग शामिल हो सकते हैं….आराधना मिश्रा और इमरान मसूद को पार्टी ने ऐक्टिव कर दिया
जानकारी है कि सपा से आर-पार के मूड में कांग्रेस । तिहाई से कम आंकड़े में नहीं बनेगी बात।
12% ब्राह्मण है मध्यप्रदेश मे,
और 1% वाला मुख्यमंत्री है,
नरोत्म मिश्रा ब्राह्मण है और उनका बढ़ता प्रभाव देख के BJP उन्हें साइड कर दी,
मध्यप्रदेश के 25% सवर्ण को साथ ले के एक पार्टी बनाना चाहिए नरोत्म मिश्रा जी को,
क्योंकि BJP अब उन्हें कुछ नही देने वाली है,
राज्यसभा चुनाव से पहले UP में BJP को लगा झटका, वो भी जोर का...
BJP से घोषित MLC प्रत्याशी संजय त्रिपाठी आज सपा में शामिल हो गए,
अब उन्हें वही का MLC प्रत्याशी बनाया गया है जहाँ उन्हें BJP ने बनाया था,
लगता है, संजय त्रिपाठी जी आने वाले भविष्य को भाप गए है।
शुरुआत हो गई है...
ब्राह्मणों ने इस देश में कभी राज ही नहीं किया तो शोषण कैसा? हमारी ख़ामोशी को कमज़ोरी ना समझी जाए हमारी ख़ामोशी को कायरता ना समझें:- नरोत्तम मिश्रा (BJP नेता)
नरोत्तम मिश्रा जैसे बड़े नेताओं का मंच से ये बात कहना अपने आप में बहुत कुछ बताता है………
नगर निकाय चुनाव में भाजपा की विजय के लिए राजस्थान की देवतुल्य जनता का हृदयतल से आभार एवं समर्पित भाजपा कार्यकर्ताओं का अभिनंदन!
यह जनादेश भाजपा की विकासोन्मुखी सोच, सुशासन की प्रतिबद्धता और जनसेवा के संकल्प पर जनता के अटूट विश्वास की मुहर है।
#सशक्त_शहर_समृद्ध_राजस्थान
आज आगर-मालवा से ‘मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना’ की 40वीं किस्त का अंतरण किया। लाड़ली बहना योजना सिर्फ आर्थिक सहायता का माध्यम न होकर महिलाओं के आत्मविश्वास, आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बन चुकी है।
सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्य कर रही है।
इस अवसर पर आगर-मालवा जिले के लिए ₹254 करोड़ से अधिक की लागत के 50 विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। विभिन्न योजनाओं के हितग्राही भाई-बहनों को हितलाभ भी वितरित किए।
#LadliBahnaMP
‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ की बसें शुरू होने जा रही हैं। वर्ष 2030 तक गांव-गांव और पंचायत-पंचायत तक 15,000 बसों का संचालन किया जाएगा।
#LadliBahnaMP
जो नेता अपनी माँ को ले कर पड़ी गालियों को जेन जी को लुभाने के चक्कर में ‘बड़ा दिखने’ के लिए क्षमा करता हो और उसके समर्थक चूतियों की तरह जेल में लात खा रहे हों, फिर उसे कितना फर्क पड़ता होगा किसी सवर्ण के गैंगरेप और मोदी एक्ट की बकचोदी से!
'सिर तन से जुदा जैसे नारे देश की संप्रभुता और अखंडता के लिए चुनौती।
भड़काऊ नारा लगाना कानून के शासन को सीधी चुनौती है।
कानून-व्यवस्था संभाल रही पुलिस पर हमला स्वीकार्य नहीं है।'
गुस्ताख-ए-नबी की एक ही सजा, सिर तन से जुदा' जैसे नारे देश की संप्रभुता और अखंडता के लिए चुनौती और सशस्त्र विद्रोह के लिए उकसावा हैं।
इसे 'नारा-ए-तकबीर, अल्लाहु अकबर', 'जय श्रीराम' या 'सत श्री अकाल' जैसे धार्मिक नारों से अलग माना जाना चाहिए।'
: प्रयागराज हाई कोर्ट