कल 4 जुलाई को प्रधानमंत्री के दौरे की आड़ में जिला मुख्यालयों पर युवाओं को जुटाकर जॉइनिंग लेटर बांटने का जो भद्दा तमाशा रचा जा रहा है, वह युवाओं के स्वाभिमान पर चोट है।
जिला प्रशासन को लक्ष्य देकर भीड़ इकट्ठी करना, उनके आने, जाने और खाने के लिए सरकारी धन का दुरुपयोग कर राजनीति करना अनैतिक और दुर्भाग्यपूर्ण है।
राजस्थान की भाजपा सरकार कान खोलकर सुन ले- आप युवाओं को नौकरी देकर कोई 'एहसान' नहीं कर रहे हैं। इन युवाओं ने दिन-रात मेहनत करके कंप्टीशन पास कर अपना हक प्राप्त किया है। हमारी सरकार ने भी रिकॉर्ड लाखों नौकरियां दीं, लेकिन अपनी पीठ थपथपाने के लिए कभी युवाओं का ऐसा राजनीतिक इस्तेमाल नहीं किया।
शर्मनाक बात यह है कि प्रदेश में भर्तियां समय पर पूरी नहीं हो रहीं, जो कैलेंडर जारी किए गए उनके अनुरूप परीक्षाएं नहीं हो रही हैं, लेकिन वीआईपी दौरों के नाम पर इनके नौटंकीनुमा इवेंट एकदम समय पर हो जाते हैं। वाहवाही लूटने के लिए मंच से फोटो खिंचवाकर लेटर तो बांट दिए जाते हैं, पर वास्तविक जॉइनिंग के लिए युवा महीनों दर-दर भटकते रहते हैं।
पूर्ववर्ती वसुंधरा सरकार से लेकर वर्तमान भाजपा सरकार तक, भाजपा ने प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सर्कस और सरकारी सिस्टम को मजाक बनाकर रख दिया है। राजस्थान का युवा इस झांसा तंत्र को देख रहा है और वक्त आने पर इस एहसान जताने के अपमान का करारा जवाब देगा।
युवाओं, जागो!!! जब तक अपनी आवाज़ बुलंद नहीं करोगे, तब तक तुम्हारे भविष्य के साथ यही आतंक चलता रहेगा। एक बार फिर से तुम्हारे साथ धोखा हुआ है। महाराष्ट्र में TET का पेपर लीक हो गया और परीक्षा टल गई।
NEET, CBSE, SSC, CUET और अब TET... यह सिलसिला बंद तभी होगा जब आंदोलन खड़ा करके अपनी ताक़त दिखाओगे। जब तक ऐसा नहीं होगा, तब तक भाजपा सरकार और प्रधानमंत्री जी की तुम्हारे प्रति कोई जवाबदेही नहीं बनेगी। न वे परीक्षाओं में भ्रष्टाचार पर लगाम लगायेंगे, न तुम्हारे भविष्य की ज़िम्मेदारी लेंगे।
आज जयपुर के प्रताप नगर में सुश्री रेशु गुप्ता जी के आवास पर पहुँचकर उनसे मुलाकात की। उनके झुलसे हुए हाथ की हालत देखकर रूह काँप उठी। दर्द से कराहती रेशु गुप्ता जी की आँखों में अपनी रोज़ी-रोटी उजड़ने का दर्द साफ़ दिखाई दे रहा था। यह केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सत्ता के अहंकार के सामने एक गरीब की आजीविका और सम्मान को VIP संस्कृति की भेंट चढ़ा देने की बेहद पीड़ादायक कहानी है।
कुछ दिन पूर्व मुख्यमंत्री जी के वीआईपी काफिले को निकालने के दौरान पुलिस द्वारा उनके फूड स्टॉल को जबरन धक्का देकर पलट दिया गया, जिससे वे गर्म पानी की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गईं।
मैं मुख्यमंत्री जी से पूछना चाहता हूँ, क्या आपका वीआईपी काफिला किसी गरीब की रोज़ी-रोटी और उसकी जान से भी ज्यादा महत्वपूर्ण है? आखिर किस अधिकार से एक मेहनतकश महिला की आजीविका को इस तरह रौंद दिया गया ? भाजपा राज में गरीब की रोज़ी-रोटी उजाड़ दी जाती है, लोग घायल हो जाते हैं और सरकार कार्रवाई तो दूर, एक शब्द तक बोलने को तैयार नहीं है। सत्ता के अहंकार का इससे बड़ा जीवंत उदाहरण और क्या हो सकता है? यह घटना केवल अत्यंत पीड़ादायक ही नहीं, बल्कि सत्ता के अहंकार और प्रशासनिक संवेदनहीनता का शर्मनाक उदाहरण भी है।
मुख्यमंत्री जी, मेरी मांग है कि इस घटना के दोषी अधिकारियों एवं पुलिसकर्मियों के विरुद्ध तत्काल कठोर कार्रवाई की जाए। पीड़िता को उचित मुआवजा दिया जाए तथा उनकी आजीविका के लिए संविदा पर नौकरी दी जाए।
मैं ईश्वर से सुश्री रेशु गुप्ता जी के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करता हूँ। सुनिए, पीड़िता की जुबानी उसकी दर्दभरी आपबीती...
@RajCMO@BhajanlalBjp
मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp ने सरकार बनते ही घोषणा की थी कि वे लाल बत्ती पर रुकेंगे और उनके लिए रूट लाइनिंग लगाकर ट्रैफिक को बाधित नहीं किया जाएगा, परन्तु यह घोषणा हवा-हवाई साबित हुई। हालांकि, मैंने तब भी इस घोषणा का समर्थन नहीं किया था क्योंकि सुरक्षा के दृष्टिकोण से यह उचित नहीं था। कुछ दिनों पहले पेट्रोल-डीजल के संकट को देखते हुए उन्होंने अपने काफिले में भारी कटौती की घोषणा भी की थी, परन्तु वह भी लागू नहीं हुई।
इसके विपरीत, मुख्यमंत्री के काफिले को निकालने के लिए जगतपुरा के रामनगरिया में स्टॉल लगाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करने वाली युवती सुश्री रेशु गुप्ता के ऊपर पुलिसकर्मियों द्वारा धक्का दिए जाने से गर्म पानी गिर गया, जो कि अत्यंत दुखद और निंदनीय है। सरकार के लिए शर्मनाक स्थिति यह है कि सीधे मुख्यमंत्री से जुड़ा मामला होने के बावजूद अब तक सरकार ने पीड़िता की कोई मदद नहीं की है। उल्टे, पुलिस-प्रशासन पीड़िता पर इस मामले को दबाने का दबाव डाल रहा है। मैं सरकार एवं प्रशासन के इस अमानवीय व्यवहार की कड़ी निंदा करता हूं।
यदि इस सरकार में लेशमात्र भी संवेदनशीलता बची है, तो कोविड में पिता के निधन के बाद परिवार के भरण-पोषण के लिए उत्तर प्रदेश से राजस्थान आई इस युवती और उसके परिवार की अविलंब सहायता की जाए, पीड़िता का अच्छे से अच्छा इलाज करवाया जाए और दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
मेरा Breस्ट...थाई...पेट जल गया है...मेरी पीड़ा समझिए...घर की जीविका मैं ही चलाती थी..अब काम भी बंद हो गया है..!
ये कहना है राजस्थान के सरकारी तंत्र..VIP कल्चर और पुलिसिया दबंगई से पीड़ित महिला के..जो सड़क किनारे मोमो का ठेला लगाकर परिवार चलती थी..!
कल मुख्यमंत्री का काफिला निकलने के दौरान राजस्थान पुलिस ने ठेला हटवाने के दौरान खौलता हुआ पानी महिला के ऊपर उड़ेल दिया..!
जिससे महिला गंभीर रूप से झुलस गई..घटना का वीडियो वायरल है..पीड़िता ने आप बीती बताई है सुनिए...👇👇
लेकिन मेरा सवाल यह है कि ये सरकार..शासन...प्रशासन के लोग जनता को कीड़ा मकौड़ा क्यों समझते है...?
महोदय @PoliceRajasthan ये नजारा डूंगरपुर जिले के एक थाने का वायरल फोटो बताया जा रहा हैं गरीब जब यह अपनी पीड़ा रिपोर्ट देने गया तो महिला कांस्टेबल किस तरह से वह अपनी टांगे टेबल पर फैला कर बैठी है वह भूल गई कि यह उसके पति का बेड रुम नहीं की टागे फैलाये यह सरकारी ऑफिस में बैठी है ।बाप बराबर बुजर्ग के सामने बैठी हैं।
@RajPoliceHelp@DmDungarpur@DungarpurP
#IStandWithChaitarVasava
अगर आपने पेपर लीक, परीक्षा में धांधली, या महँगी fees का दर्द झेला है
अगर इस व्यवस्था ने आपके सपने तोड़े हैं
अगर आपके परिवार ने आपकी पढ़ाई के लिए जीवनभर की कमाई लगा दी है
तो सुनिए: ‘छात्रों की गूंज’ आपकी आवाज़ है।
यह सिर्फ़ एक अभियान नहीं, यह आपकी मांग को सरकार तक पहुँचाने का ज़रिया है। सस्ती शिक्षा। निष्पक्ष परीक्षा। सम्मानजनक रोज़गार।
और इसमें जुड़ना सिर्फ़ 30 सेकंड का काम है:
1️⃣ नीचे दिए लिंक पर जाइए
2️⃣ अपना नाम भरिए, अपने सुझाव दीजिए
3️⃣ पिटिशन sign कीजिए - बस।
आपका एक हस्ताक्षर इस लड़ाई को ताक़त देगा। जितने ज़्यादा नाम, उतनी बुलंद गूंज।
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#ChhatronKiGoonj
'Telegram Ban’ - मोदी सरकार का पेपर लीक रोकने का नया नुस्खा।
यानी चोर को पकड़ने के बजाय, पीड़ित के घर पर ताला लटका दो।
लाखों छात्र सालों से Telegram पर पढ़ते हैं - नोट्स, टेस्ट सीरीज़, डिस्कशन, तैयारी। वो सुविधा छीन लेना पेपर लीक का समाधान कैसे हुआ?
और यह फूलप्रूफ भी नहीं है - यह देश का हर छात्र जानता है, और पेपर लीक माफ़िया भी। फिर अगला ban किसपर लगाएंगे? WhatsApp?
परीक्षा के दिन छात्रों की तलाशी होगी। जेबें कैंची से काटी जाएँगी। प्रश्नपत्र वायुसेना से भेजे जाएँगे। दिखावे की कोई कमी नहीं होगी।
पर बीमारी की जड़ पर एक वार भी नहीं - क्योंकि पेपर लीक माफ़िया इसी सरकार की देख-रेख में फल-फूल रहा है, और युवाओं को खून के आँसू रुला रहा है।
मोदी जी - दिखावा छोड़िए। माफ़िया पर वार कीजिए, छात्र पर नहीं।
‘छात्रों की गूंज’ सुन लीजिए - वरना देश का युवा अपना हक़ लेना जानता है।
#ChhatronKiGoonj
पेपर लीक के खिलाफ होगा आगाज़—
शिक्षा बचाओ, भविष्य बचाओ
@RahulGandhi जी के साथ इस महा अभियान में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
🗓️ 17 जून । 📍दशहरा मैदान, कोटा
#ChhatronKiGoonj
सेवा में,
अध्यक्ष महोदय,
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड,
जयपुर, राजस्थान।
विषय: अध्यापक भर्ती परीक्षा 2025 (लेवल-1) में 11 प्रश्नों को डिलीट करने की घोर लापरवाही एवं प्रशासनिक विफलता के संबंध में औपचारिक शिकायत।
महोदय,
हम आपका ध्यान अध्यापक भर्ती परीक्षा (लेवल-1) के प्रश्न-पत्र में हुई शर्मनाक त्रुटियों की ओर आकर्षित करना चाहते है। एक ही परीक्षा में 11 प्रश्नों का डिलीट होना किसी तकनीकी चूक का परिणाम नहीं, बल्कि बोर्ड की अक्षमता, घोर लापरवाही और परीक्षा निर्माण समिति की संवेदनहीनता का सीधा प्रमाण है।
इस संदर्भ में मैं निम्नलिखित बिंदुओं पर बोर्ड की स्पष्टीकरण और कार्यवाही की मांग करते हैं:
प्रश्न-पत्र की गुणवत्ता पर प्रश्नचिह्न: 11 प्रश्नों का त्रुटिपूर्ण होना यह सिद्ध करता है कि प्रश्न-पत्र को अंतिम रूप देने से पहले किसी भी प्रकार के विश्वसनीय 'क्वालिटी चेक' या 'प्रूफ-रीडिंग' का पालन नहीं किया गया।
परीक्षार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़: अध्यक्ष महोदय का सोशल मीडिया पर केवल "दुःख" व्यक्त करना या "सुधार के प्रयास" की बात करना उन हजारों अभ्यर्थियों के लिए एक क्रूर मजाक है, जिनका करियर इस प्रशासनिक विफलता की भेंट चढ़ गया है।
जवाबदेही का अभाव: बोर्ड द्वारा सेटर्स को केवल 'ब्लैकलिस्ट' करने का दावा करना अपर्याप्त है। जब तक संबंधित अधिकारियों और विषय विशेषज्ञों पर भारी आर्थिक दंड और अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी, तब तक व्यवस्था में सुधार संभव नहीं है।
पारदर्शिता की मांग: हम मांग करते हैं कि प्रश्न निर्माण समिति में शामिल उन विशेषज्ञों के नाम और उनकी साख सार्वजनिक की जाए, जिनकी अयोग्यता के कारण लाखों युवाओं का समय, धन और ऊर्जा बर्बाद हुई है।
बोर्ड का यह उत्तरदायित्व है कि वह न केवल इस विफलता को स्वीकार करे, बल्कि प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए उचित मुआवजे या आगामी परीक्षा में शुल्क मुक्ति जैसे ठोस कदम उठाए।
यदि बोर्ड अपनी इस कार्यप्रणाली में सुधार हेतु तत्काल कदम नहीं उठाता, तो प्रभावित अभ्यर्थी अपने अधिकारों के संरक्षण हेतु उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के लिए बाध्य होंगे।
अपेक्षित कार्यवाही:
प्रश्न निर्माण समिति के सदस्यों पर ठोस प्रशासनिक व आर्थिक दंड का विवरण सार्वजनिक करें।
प्रभावित अभ्यर्थियों की हुई क्षति की भरपाई हेतु स्पष्ट नीति घोषित करें।
धन्यवाद।
भवदीय,
समस्त पीड़ित अभ्यर्थी]
लेवल 1
@alokrajRSSB@rajcmo
तृतीय श्रेणी भर्ती परीक्षा का परिणाम जारी
11 क्वेश्चन डिलीट किए गए
अध्यक्ष साहब जल्द ही ट्वीट करेंगे कि पेपर बनाने वाले को ब्लैक लिस्ट किया जाएगा
अध्यक्ष साहब यदि आपके पास विशेषज्ञ नहीं है तो कृपा हमसे पेपर बनवा लीजिए
11 क्वेश्चन डिलीट होना सामान्य बात नहीं है
ऐसे क्वेश्चन पेपर में आना बच्चों को उलझाते हैं उसका समय खराब करते हैं और अनावश्यक रूप से मानसिक तनाव में लाते हैं
एक तो पेपर में इतना stress होता है ऊपर से इस तरीके के क्वेश्चन बनाना बच्चों के साथ धोखा है
@alokrajRSSB
नसीराबाद विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी रहे शिवप्रकाश गुर्जर जी को जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएं।
आने वाला वर्ष आपके जीवन में ढेर सारी खुशियां, अपार सफलता और उन्नति लेकर आए। मैं आपके उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूँ।
@ShivprakashGjr