#GODMORNINGFRIDAY
संत रामपाल जी महाराज
वह महान संत हैं जिनका जन्म पवित्र हिन्दू धर्म में सन् (ई.सं.) 1951 में 8 सितम्बर को गांव धनाना जिला सोनीपत, प्रांत हरियाणा (भारत) में एक किसान परिवार में हुआ। जिनके बारे में विश्व के सभी भविष्यवक्ताओं की भविष्यवाणियां खरी उतरती हैं।
#GODNIGHTWEDNESDAY
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विश्व में केवल संत रामपाल जी महाराज ही ऐसे संत हैं जो सभी धर्मों का सम्मान करते हैं।
हिंदू-मुस्लिम, सिक्ख-ईसाई, आपस में सब भाई-भाई। आर्य-जैनी और बिश्नोई, एक प्रभू के
#GODNIGHTWEDNESDAY
कबीर साहेब जी कहते हैं कि दुःख का नाम लेते ही सब दुःख से व्याकुल होने लगते है, इसलिए दुःख लेने के लिए कोई नहीं जाता है, वह तो अचानक ही आ पडता है, परंतु जब कुछ समय के लिए सुख का पहरा आएगा, तब वह दुःख स्वयं ही चला जाएगा ! जीवन में कर्मानुसार सुख-दुःख का आना-जाना
#GODNIGHTWEDNESDAY
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ON THE SPIRITUAL PATH,
the soul becomes subdued in the presence of a higher power.
#TrueWorship_EndsSuffering
सुनें साधना चैनल पर संत रामपाल जी महाराज के मंगल प्रवचन शाम 7:30 से 8:30 तक
Sa True Story YouTube
By surrendering to the Satguru and practicing true devotion, one can receive countless blessings.
#हरि_आये_हरियाणे_नूं
2Days Left For Bodh Diwas
आदरणीय संत गरीबदास जी महाराज का जन्म धनखड़ जाट परिवार में वैशाख के उत्तरार्ध की पूर्णिमा के दिन सन् 1717 ई. (विक्रमी संवत 1774) में ग्राम छुड़ानी,जिला झज्जर,हरियाणा में हुआ था। जब आदरणीय गरीबदास जी 10 वर्ष की आयु के थे,तब कबलाना गाँव
#हरि_आये_हरियाणे_नूं
2Days Left For Bodh Diwas
हरि आये हरियाणे नू
सन् 1727 फाल्गुन मास सुदी द्वादशी को संत गरीबदास जी महाराज को 10 वर्ष की आयु में परमेश्वर कबीर साहेब हरियाणा में आकर जिंदा बाबा के रूप में मिले। अपने साथ ऊपर के सभी लोकों को दिखाकर सतलोक में अपने वास्तविक रूप के द
#GODMORNINGMONDAY
आदर अनादर, करो क्यों न कोई। मम संत शरण, जगत जान छोई ॥
अर्थात मेरी शरण में आकर चाहे तुम्हारी कोई इज्जत (आदर) करे या बेज्जती (अनादर) करे तुम चिंता ना करना। मेरी शरण में जो आ गया तो जगत तो समझो राख (छोई) है। यह बकवाद ही किया करते हैं, पर आने दो मेरा समय में अपने