धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शिक्षा मंत्री का कार्यभार प्रहलाद जोशी को दिया गया...
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने प्रधानमंत्री की सलाह पर केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को उनके मौजूदा मंत्रालयों के साथ शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। आइए जानते हैं उनके बारे में महत्वपूर्ण तथ्य।
परिचय
- पूरा नाम: प्रह्लाद वेंकटेश जोशी
- जन्म: 27 नवंबर 1962
- जन्म स्थान: धारवाड़, कर्नाटक
- राजनीतिक दल: भारतीय जनता पार्टी (BJP)
राजनीतिक सफर
- कर्नाटक में छात्र राजनीति और संगठनात्मक कार्यों से राजनीति की शुरुआत।
- धारवाड़ लोकसभा सीट से लगातार कई बार सांसद चुने गए।
- संसद में संगठनात्मक और संसदीय कार्यों के लिए जाने जाते हैं।
- भाजपा के कर्नाटक प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
केंद्र सरकार में प्रमुख जिम्मेदारियां
- संसदीय कार्य मंत्री
- कोयला मंत्री
- खान (Mines) मंत्री
- अब शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।
प्रमुख कार्य :-
- कोयला उत्पादन बढ़ाने और वाणिज्यिक कोयला खनन को बढ़ावा देने से जुड़े कई फैसलों में भूमिका।
- संसद के दोनों सदनों में सरकार के विधायी कार्यों के समन्वय की जिम्मेदारी।
- खनन क्षेत्र में नीतिगत सुधारों और निवेश को बढ़ावा देने पर काम।
शिक्षा मंत्री के रूप में उनकी भूमिका
चूंकि उन्हें अतिरिक्त प्रभार दिया गया है, इसलिए वे अपने मौजूदा मंत्रालयों के साथ-साथ शिक्षा मंत्रालय का भी कार्यभार संभालेंगे। उनके कार्यकाल में नई शिक्षा नीति (NEP) के क्रियान्वयन, UGC, AICTE, NCERT, NTA, CBSE और उच्च शिक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों पर उनकी भूमिका रहेगी।
रोचक तथ्य
- पेशे से वकील रहे हैं।
- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की पृष्ठभूमि से जुड़े रहे हैं।
- संसदीय प्रक्रियाओं और संगठनात्मक कार्यों में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है।
- उन्हें भाजपा के अनुभवी और भरोसेमंद नेताओं में गिना जाता है।
वर्तमान जिम्मेदारियां
- संसदीय कार्य मंत्रालय
- कोयला मंत्रालय
- खान मंत्रालय
- शिक्षा मंत्रालय (अतिरिक्त प्रभार)
🏷️ अतिरिक्त प्रभार का अर्थ है कि कोई मंत्री अपने मौजूदा मंत्रालयों के साथ अस्थायी या अतिरिक्त रूप से किसी अन्य मंत्रालय की जिम्मेदारी भी संभालता है, जब तक उस मंत्रालय के लिए पूर्णकालिक मंत्री नियुक्त न किया जाए।
It was such a peaceful movement, feel so sad that it had to take a violent turn. My heart goes out to the students and their families who were hurt. Paper leak is a very serious issue, and I am glad to know n see that the kids of our country have come together for a better educational system, and their parents supported them.
I truly appreciate the stand they have taken, showing dedication, sincerity, and keenness to study hard n make their future and a greater, educated India. This andolan, this protest, is the right way to go abt it, n the students have done this peacefully. So courageous and brave. Driven and motivated towards education, this generation will make India proud.
This issue is between the students and the educational system, it should not be hijacked politically, the credit should only go to the students of our country, and I am sure the government will also give them all the support n make it a stronger educational system. It’s a win-win situation. Hoping n praying for a positive decision. God bless all of you who wanna be educated.
Education should be the next trend and fashion, and should get trendier n more fashionable yr by yr, itna k bahar se log come to India to study and India becomes an educational hub.
नहीं आएँगे झूठे फ़ैक्ट सुनने और सरकार की biased तरफ़दारी देखने।
हिम्मत है तो पेपर लीक accept करने आइए।
बताइए कि धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफ़ा दो - कहा जा रहा है, वो दे नहीं रहे... कोशिश जारी है, ये बताने आइए।
सोनम वांगचुक जी के एक युवा समर्थक की हिम्मत देखकर वहा मोजूद युवा खुश और जोश के साथ हुए,
आंसू गैस का गोला युवाओ पार फेका, एक छात्र ने अपनी हिम्मत दिखाकर वापस पुलिस की तरफ फेंक दिया #SonamWangchuk#JantarMantar#delhi#janselaab#sansadbhavan
जवान अपनी हर जिम्मेदारी बेहद जिम्मेदाराना तरीके से निभाते है
एक छात्र बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ा मौके पर मौजूद पुलिस के जवानो ने उसे तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
देश का युवा सांसद भवन के पास पहुंच गया है,
सिक्योरिटी अगर इतना टाइट परीक्षा के पेपर मे होता तो आज यह युवा सड़क पर नहीं होता
#संसद_मार्च#cjp#dharmendrapradhan#delhi
कौन से development की बात कर रहे हैं आप?
जहाँ बेरोज़गारी युवाओं के सपने तोड़ रही है, महंगाई परिवारों की कमर तोड़ रही है और परीक्षा व्यवस्था भरोसा तोड़ रही है।
इन मुद्दों पर आपको बोले हुए 12 साल हो गए ।।
धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफ़ा दो ✊🏼
NSUI और IYC के साथियों ने 'मशाल जुलूस' निकालकर ये साफ़ कर दिया है कि हमारी आवाज़ दबने वाली नहीं है।
हम साथ मिलकर छात्रों का भविष्य तबाह करने वाली मोदी सरकार के इस करप्ट सिस्टम को बदलकर रहेंगे।
📍 रांची, झारखंड