नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में दिल्ली एयरपोर्ट पर यात्रियों के लिए Beach View की सुविधा दी गई है।
अब यहां यात्री बरसाती पानी की लहरों का आनंद उठा रहे हैं।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जो लगभग ₹11,200 करोड़ की लागत से बना है और जिसका उद्घाटन महज 6 महीने पहले प्रधानमंत्री मोदी ने किया था, आज पहली बारिश में ही मोदी सरकार के भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण की पोल खोलता नजर आया।
लागत: 4,200 करोड़ रुपए
प्रोजेक्ट: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे
13 जुलाई को उद्घाटन के बाद यह एक्सप्रेसवे जनता के लिए कम और Maintenance के लिए ज्यादा खुला।
63 किमी लंबे एक्सप्रेसवे का 'विकास' 63 दिन भी नहीं टिक पाया।
बड़े-बड़े गड्ढे, दरारें और सड़क का फूलकर उखड़ जाना दिखाता है कि BJP सरकार ने जनता के पैसों में आग लगा दी है।
BJP का भीषण भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी ऐसी है कि सड़क पर किया गया पैचवर्क भी उखड़ रहा है।
असल हालात क्या हैं- वो खुद इस वीडियो में देख लीजिए 👇
मोदी सरकार ने जनता से दबाकर टैक्स वसूला और फिर 4,200 करोड़ रुपए फूंककर एक घटिया एक्सप्रेसवे बनाया।
नाम है: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे
13 जुलाई को उद्घाटन के बाद से एक्सप्रेसवे पर लोगों की गाड़ी कम और NHAI की JCB ज्यादा चली है, क्योंकि जगह-जगह सड़क धंस रही है।
सवाल है: आम जनता की गाढ़ी कमाई के डकैतों का इलाज कब होगा?
ये है भाजपाई तरक़्क़ी की नई हवा… कुछ दिनों पहले ही जिसका उद्घाटन हुआ हो उस सड़क को मरम्मत की ज़रूरत पड़ गई और एक्सप्रेस स्पीड से मरम्मत को सुखाने के लिए पंखे का इस्तेमाल किया जा रहा है ये भी हास्यास्पद है। 2-3 हफ़्ते में ही जिस एक्सप्रेसवे का दम उखड़ने लगा है उस पर चलने का जोखिम कौन उठाएगा?
सवाल ये भी है कि ‘अटल प्रोग्रेस वे’ योजना में ही रहेगा या कभी बनेगा भी… या काग़ज़ों में बनकर उसका ‘हिस्सा-बाँट’ हो चुका है।
भाजपा राज में हुआ हर निर्माण चलता कम है… धँसता, ढहता, गिरता ज़्यादा है।
कुछ महीनों पहले मुझे बुखार आया तो मैं डॉक्टर के पास गया। डॉक्टर ने कुछ चेकअप लिखे और बताया कि
फलानी जगह जाकर ये सारे चेकअप करवा लेना, मगर
मैंने वो चेकअप डॉक्टर की बताई जगह से न करवाकर अपने परिचित की लैब से करवा लिए,
जब मैंने वो चेकअप डॉक्टर को दिखाए तो डॉक्टर साहब भड़क गए, और कहने लगे कि आपने ये चेकअप बाहर से क्यों करवाए?
डॉक्टर्स का यही सब खेल चलता है, लोग कहाँ तक बचे, @raghav_chadha जी ने शानदार मुद्दा उठाया है, इस चीज़ को सुना जाना चाहिए और अमल में लाना चाहिए।
Tomorrow, 7th August is National Handloom Day. Let’s make India’s handloom diversity popular.
Share your videos with your favourite handloom products, including GRWM videos on social media.
Don’t forget to use #NationalHandloomDay.
आंदोलनकारी छात्र पिछले 11 दिनों से JPSC और JSSC परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
अब, जब उनकी मांगों पर कोई सुनवाई नहीं हुई, तो वे भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। इस अनशन में दो छात्र और दो छात्राएं शामिल हैं।
लोकतंत्र में छात्रों की आवाज़ को अनसुना करना और उन्हें इस स्थिति तक पहुँचने के लिए मजबूर करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। हेमंत सोरेन सरकार को संवेदनशीलता दिखाते हुए उनसे तत्काल संवाद करना चाहिए।
ये किसी राजनैतिक दल के दलाल नहीं, छात्र हैं।
रांची में छात्रों का जबरदस्त प्रदर्शन।
हेमंत सोरेन सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरे लाखों छात्र।
JPSC परीक्षा में धांधली को लेकर छात्रों में भारी आक्रोश, हेमंत सोरेन का इस्तीफा मांग रहे छात्र।