‘कारगिल विजय दिवस’ पर शहीदों को हार���दिक नमन. कारगिल के जिन वीरों को ‘यश भारती’ से सम्मानित किया गया था, वर्तमान सरकार ने इस सम्मान पर रोक लगा कर उनका मान छीना है. हमने कारगिल के वीर योगिंदर सिंह के गाँव में अस्पताल बनाने की जो घोषणा की थी, उसे भी रोक दिया गया है. दुर्भाग्यपूर्ण.
घर की सालाना इनकम 10 लाख होने पर भी 36 हजार दिखाने के लिए लेखपाल को घूस देने की कोशिश करते हो और कहते हो कि लेखपाल भ्रष्ट हैं।
पहले खुद हरिश्चंद्र बनो, तब ज्ञान बांटो
#underpaidlekhpal
छोटे देश जब बड़े सपने देख सकते हैं तो फिर हम दुनिया के इतने बड़े देश होकर बड़े सपने क्यों नहीं देख सकते. कमी न खिलाड़ियों की है न हुनर की और न हौसलों की, कमी है तो सरकार के द्वारा दिए जाने वाले प्रोत्साहन व अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं की. खेलों के लिए सरकार को आगे आना ही होगा.