20 जुलाई को हुए कॉकरोच जनता पार्टी के संसद चलो मार्च पर चप्पल पहनकर, बिना वर्दी के एक व्यक्ति प्रदर्शनकारियों पर डंडे भांज रहा था.
लल्लनटॉप के पत्रकार अभिलाष ने सवाल किया तो केवल सवाल पूछने की वजह से ही रिपोर्टर को लाठी मार दी गई.
इसके बाद पुलिस ने भी लाठी मारने वाले का बचाव किया और बदतमीज़ी करते हुए माइक जमीन पर फेंक दिया.
@DelhiPolice
CJP | Delhi Police | Reporter
दिल्ली पुलिस का आदर्श वाक्य ‘शांति, सेवा, न्याय’ है, लेकिन कल जंतर-मंतर पर वर्दीधारी द्वारा मासूम बेटियों की अस्मिता पर किया गया हमला इस आदर्श वाक्य को विडंबना बना देता है।
पत्रकार- आप हिंदू समाज से आती हैं..
नेहा भारती- हिंदू समाज नहीं दलित समाज से हूं
पत्रकार- आप अपने आप को हिंदू नहीं मानती हैं?
नेहा भारती- नहीं मैं बिल्कुल नहीं मानती। हिंदू ही दलितों को दलित मानता है, वो दलितों को हिंदू नहीं मानता
नेहा भारती के इस बयान पर आपका क्या विचार है??