किसी युवक के मन में व्यवस्था के प्रति असहयोग की भावना का प्रकट हो जाना आश्चर्य नहीं है। विशेषकर बिहार में, जहाँ सरकारें जातीय समीकरणों को देखकर बनती-चलती हैं।
मैं भरत तिवारी द्वारा हथियार चलाए जाने या पुलिस को चुनौती देने का समर्थन नहीं कर रहा, ललकारने पर तो नपुंसक भी प्रतिघात करने की क्षमता रखते हैं। बात ये है कि भरत तिवारी की वो स्थिति हुई कैसे? इसीलिए हुई, क्योंकि वो सिर्फ़ अपने परिवार की नहीं बल्कि पूरे गाँव-समाज की सोच रहा था। गाँव-समाज के लिए सोचना पाप है आजकल। सोचना है चुनाव लड़िए और पहले अपना घर बनिए। जो इस नीति पर नहीं चलेगा उसे मरना होगा।
भरत तिवारी की जगह अगर भरत कुशवाहा या भरत यादव मरा होता तो अबतक राज्यभर में तूफान आ गया होता, ये जलजला राज्य की सीमाओं को भी पार कर चुका होता। एक रोहित वेमुला मरा तो फ़र्ज़ी सर्टिफिकेट होने के बावजूद उसके नाम पर क़ानून बनाने लगीं सरकारें। भरत तिवारी गुमनाम हो जाएगा।
भगत सिंह बनना बेवकूफी है। अपनी रोती हुई माँ को छोड़कर चले गए। पहले अपने घर-परिवार की सोचिए। बाद में अगल-बगल की देखिएगा।
यूपी विधानसभा चुनाव में असदुद्दीन ओवैसी की एंट्री हो गई है। 14 जून को बहराइच से चुनाव अभियान शुरू होगा। जानबूझकर उस इलाक़े को चुना गया है, जहाँ गाज़ी सालार मसूद का गढ़ है।
भले ही AIMIM यूपी की लगभग आधी सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने की बात कह रही हो, लेकिन अंत में पार्टी मुस्लिम प्रभाव वाली सीटों पर ही ध्यान केंद्रित करेगी। इसमें मटेरा और इटावा जैसे सपा के गढ़ भी शामिल हैं। ओवैसी गाज़ी मियाँ की दरगाह पर जाएँगे, फिर मटेरा में रैली करेंगे।
ओवैसी की पूरी कोशिश है कि BSP के साथ गठबंधन हो जाए, लेकिन बहन जी भाव नहीं देतीं। ऐसे में क्या चंद्रशेखर आज़ाद 'रावण' की 'आज़ाद समाज पार्टी' AIMIM के साथ हाथ मिलाएगी? यूपी में इतने दावेदार हो गए हैं कि सबके मैदान में उतरने से मुख्य नुक़सान सपा का ही दिखाई दे रहा है।
कांग्रेस के साथ सपा का गठबंधन होगा या नहीं, फ़िलहाल तो ये भी तय नहीं है।
96 वर्षीय कठपुलती-कलाकार, गायिका, कथावाचक। कन्नड़, हिंदी प्रदेश से नहीं।
80 साल से सक्रिय, लेकिन भीमव्वा दोड्डबाळप्पा शिळ्ळेक्यातर का नाम किसी ने सुना? कोप्पल के मोरनाळ की तोगलु गोम्बेयाटा कलाकार को पद्म मिला।
महाभारत पर विदेशों में भी परफॉर्म कर चुकीं।
नीट परीक्षा टालना ही श्रेयस्कर था क्योंकि बेईमानी और भ्रष्टाचार से लिया गया एडमिशन सच्चे,ईमानदार औरपरिश्रमी बच्चों के साथ अन्याय होता । विद्यार्थी धैर्य रखें और सरकार पर भरोसा रखें किसी के बहकावे में नआयें ।
NEET परीक्षा के पेपर आउट होने पर सरकार और NTA द्वारा परीक्षा रद्द करने और तुरंत सीबीआई जाँच का आदेश उपयुक्त निर्णय है क्योंकि शिक्षा मंत्रालय और एनटीए दोनों का उद्देश्य परीक्षार्थी और परिजनों में विश्वास पैदा करना है ।व्यवस्था की विश्वसनीयता बनाये रखने का है
कांग्रेस अब मुस्लिम लीग की पार्टी बन चुकी है । आजादी के समय जो कांग्रेस पार्टी मुस्लिम लीग के ख़िलाफ़ चुनाव लड़ती थी आज मुसलमानों के बीच अपना वोट बैंक बना रही हैं । सनातन धर्म के अपमान का बदला इनको चुनावों के परिणाम में मिल गया ।
#assam#WestBengalLegislativeAssemblyelection2026
अतीक अहमद ने ख़ुद ही स्वीकार किया था कि ISI से उसके सम्बन्ध हैं, पाकिस्तान से उसे हथियार मिलते हैं, ड्रग्स के कारोबार में भी वो शामिल है।
उमेश पाल की हत्या के बाद योगी ने उसका और उसके काले साम्राज्य का ख़ात्मा कर दिया। आज 'धुरंधर 2' की आलोचना करने वाले बताएँ कि क्या उनके अब्बा का कबूलनामा झूठा था?
पूरा वीडियो @manvinderamarji जी के साथ यहाँ देखिए: (https://t.co/82JejPXlIm)
Had a courtesy meeting with the newly appointed Working President of BJP, Shri Nitin Nabin ji, at the party headquarters.
Warm congratulations and best wishes for his new responsibility. Looking forward to his dynamic leadership strengthening the organisation and our collective commitment to nation-building.
@NitinNabin Ji
कल जब पूरी BJP जीत के जश्न में डूबी हुई थी और विपक्ष अबतक जनादेश को स्वीकार तक नहीं कर पाया है...
उसी दिन भूपेंद्र यादव पश्चिम बंगाल में पार्टी की कोर कमिटी की बैठक ले रहे थे। विप्लब देब भी उनके साथ थे। शुभेंदु अधिकारी सहित बंगाल भाजपा के कई बड़े नेता इसमें शामिल थे।
ऐसे होती है वोट चोरी, ऐसे हैक होता है EVM. एक चुनाव ठीक से बीता नहीं कि पदाधिकारी अगले की तैयारी में जुट जाते हैं, शोरगुल से एकदम दूर महीन रणनीतियाँ गढ़ने की शुरुआत कर दी जाती है।
वहीं दूसरी पार्टियाँ सोशल मीडिया पर चंद नफरती चमचों को भेजकर समझती हैं कि यही उनकी चुनावी तैयारी है। 'सुप्रीम लीडर' अपने महलों में या विदेश में विचरण करते रहते हैं। पोस्ट्स आते रहते हैं, हो गया चुनाव और बन गई रणनीति।
सुशासन की जीत हुई है।
विकास की जीत हुई है।
जन-कल्याण की भावना की जीत हुई है।
सामाजिक न्याय की जीत हुई है।
बिहार के मेरे परिवारजनों का बहुत-बहुत आभार, जिन्होंने 2025 के विधानसभा चुनावों में एनडीए को ऐतिहासिक और अभूतपूर्व जीत का आशीर्वाद दिया है। यह प्रचंड जनादेश हमें जनता-जनार्दन की सेवा करने और बिहार के लिए नए संकल्प के साथ काम करने की शक्ति प्रदान करेगा।