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पेट्रोल 74 रुपये और डीज़ल 67 रूपये सस्ता
क्या गोदी चैनलों ने आपको ये ख़बर दी?
पाकिस्तान में पेट्रोल डीज़ल की क़ीमतों में भारी कटौती कर दी गई है।
इस कटौती का ऐलान अमेरिका-ईरान MoU साइन होने और होर्मुज़ स्ट्रेट खुलने के ऐलान के साथ ही कर दिया गया।
ये अलग सवाल है कि भारत में पेट्रोल डीज़ल कब सस्ता होगा।
फ़िलहाल तो मुद्दा ये कि युद्ध के दौरान पाकिस्तान में जब पेट्रोल डीज़ल की क़ीमत बढ़ायी गई तो गोदी चैनल ने अपने टीवी स्क्रीन और गोदी पत्रकारों ने अपने ट्वीट हैंडल तक रंग दिए।
पूछिए उन गोदी चंपादकों से कि ये ख़बर क्यों नहीं दी?
*“प्रधानमंत्री मोदी, 3 कैबिनेट मंत्री और 150 सिविल सेवा अधिकारी अमेरिकी सरकार द्वारा संचालित प्रोग्राम्स का हिस्सा रहे हैं।”*
आइए आपको एक कहानी सुनाता हूँ:
आप सबने नरेंद्र मोदी के गुजरात का मुख्यमंत्री बनने से पहले की पुरानी तस्वीरें ज़रूर देखी होंगी जिनमें वे अमेरिका के दौरे पर नज़र आते हैं। एक तस्वीर में तो वाइट हाउस के बाहर भी खड़े दिखाई देते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नरेंद्र मोदी का पहला अमेरिका दौरा 1993 में हुआ। इसके बाद उन्होंने अमेरिका के 3 दौरे और किए।
आख़िरी अमेरिकी दौरा 1999 में हुआ जहां उन्होंने कथित तौर पर ट्रेनिंग भी ली थी। ये ट्रेनिंग किस विषय की थी, किसने दी, कहाँ दी- इस बारे में कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई। गौरतलब बात ये है कि इस इस दौरे पर ट्रेनिंग लेने के तुरंत बाद 2001 में रहस्यमई तरीके से गुजरात के मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल का इस्तीफ़ा ले लिया गया जो कि भाजपा को गुजरात में बहुमत दिलवाकर लाए थे।
केशुभाई पटेल की जगह कई सीनियर नेताओं को दरकिनार करके नरेंद्र मोदी को मुख्यमंत्री बनाया गया जो कि विधायक तक नहीं चुने गए थे। नरेंद्र मोदी के शपथ लेते ही कुछ महीने के अंदर अंदर गुजरात में दंगे करवाए गए। वही दंगे, जिन पर अटल बिहारी वाजपेयी ने स्वयं मीडिया के सामने नरेंद्र मोदी को राजधर्म का पालन करने की सलाह दे दी थी।
आज जब हम नरेंद्र मोदी को प्रधानमन्त्री के रूप में देखते हैं तो उनकी विदेश नीति पर बड़े सवाल उठते हैं। सारे प्रोटोकॉल तोड़ते हुए, सभी नियमों को ताक़ पर रखते हुए नरेंद्र मोदी ने ट्रम्प के चुनाव प्रचार में हिस्सा लिया। भारत की नीतियों की बलि चढ़ाते हुए ट्रम्प ने भी जमकर नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए प्रचार किया।
इसके बाद का समय देखें तो भी नरेंद्र मोदी रहस्यमई तरीके से अमेरिका के आगे हर एक मुद्दे पर सरेंडर करते हुए नज़र आते हैं। चाहे वो टैरिफ़ लगाने का मामला हो, अड़ानी के केस का मामला हो, अमेरिका द्वारा भारतीयों को बेड़ियों में बांधकर वापस भेजने का मामला हो, किसान विरोधी ट्रेड डील हो, ऑपरेशन सिंदूर हो, या अमेरिका द्वारा 3 भारतीय नाविकों की हत्या का मामला हो, नरेंद्र मोदी ऐतिहासिक रूप से अमेरिका के आगे झुके हुए दिखाई दिए हैं।
एक के बाद एक मौक़े पर नरेंद्र मोदी वही करते दिखाई दिए हैं जो जो अमेरिका चाहता गया है। ऊपर बताए हुए किसी भी मामले में नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के सामने भारत का स्टैंड नहीं रखा। हमेशा एक दब्बू प्रधानमंत्री बनकर अमेरिका की जी हुजूरी में लगे रहे हैं और अमेरिका के हित में भारत के हितों को सूली चढ़ा दिया। अभी हाल ही में ट्रम्प ने कहा भी था कि पहले के प्रधानमंत्रियों के शासन में अमेरिका को नुक़सान होता रहा लेकिन जब से उनके परम मित्र मोदी आए हैं, तब से अमेरिका को फायदे पहुँचाए जा रहे हैं।
आख़िर ऐसा क्या है अमेरिका के पास मोदी के बारे में जो उसने कठपुतली की तरह अपने इशारों पर मोदी को नचाया हुआ है। जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प कहते हैं कि वो एक झटके में नरेंद्र मोदी का राजनैतिक कैरियर खत्म कर सकते हैं, तो वो ऐसे ही नहीं बोल रहे। ज़रूर कुछ ना कुछ ऐसा है जो पूरी दुनिया से छुपाया हुआ है अमेरिका ने, ज़रूर कोई न कोई फाइल है जो अमेरिकी सरकार या उनके ख़ुफ़िया विभाग CIA के पास है। वरना हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री को कोई देश झुका दे दुनिया में, यह संभव ही नहीं है।
अब अमेरिका सरकार की एक उच्च अधिकारी ने बताया है कि नरेंद्र मोदी उस प्रोग्राम का हिस्सा थे जो अमेरिकी सरकार द्वारा संचालित है और वो “मिशन इंडिया” का अहम हिस्सा रहे हैं। गौरतलब है कि अमेरिका और CIA इस तरह के अभियान चलाने में कुख़्यात रहा है। दूसरे देशों में अपने कठपुतली राष्ट्राध्यक्ष बैठाना, चुनावों को प्रभावित करके सत्ता में हस्तक्षेप करना जैसे कामों में CIA को महारथ हासिल है।
नरेंद्र मोदी और भाजपा को उनके विदेश दौरों की जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए, देश को पता होना चाहिए कि नरेंद्र मोदी ने अमेरिका में किस संस्था के साथ ट्रेनिंग ली, कैसी ट्रेनिंग थी? उनका अमेरिका के साथ क्या रिश्ता है? अमेरिका के सामने घुटने क्यों टिके रहते हैं नरेंद्र मोदी के? अमेरिका की ख़ुशामद के चक्कर में भारत के हितों को कैसे दांव पर लगा सकते हैं नरेंद्र मोदी?
RSS की असलियत बताता ये वीडियो पोस्ट करना अगर अपराध है, तो कांग्रेस का हर कार्यकर्ता बार-बार ये अपराध करेगा।
नफ़रत और विभाजन के मुकाबले खेल और देश निर्माण की बात करना अगर अपराध है, तो ये अपराध हम बार-बार करेंगे।
मंडावा के नवीन को झुंझुनूं पुलिस ने इस वीडियो के लिए गिरफ्तार कर उसका मोबाइल तक अपने कब्जे में ले लिया गया। नवीन के वीडियो में एक तरफ RSS की शाखा दिखाई दे रही है, और दूसरी तरफ मैदान में पसीना बहाते बच्चे, जो खेल और मेहनत के जरिए देश का भविष्य गढ़ रहे हैं.. तो ऐसा क्या कसूर कर दिया नवीन ने?
गिरफ्तारी करके मोबाइल जब्त किए जा सकते हैं, लेकिन आवाज़ नहीं दबाई जा सकती। सच बोलना अपराध नहीं, लोकतंत्र का अधिकार है।
सरकार अविलंब नवीन को रिहा करें।
@RajCMO@PoliceRajasthan@JhunjhunuPolice
Super Exclusive-
“मिश्रा जी 40 परसेंट लेते थे,
मेरे पास रिकॉर्डिंग...!!”
राम मंदिर इंजीनियर का महाविस्फोटक खुलासा।
“चंपत राय को बताया तो मुझको हटाया”
‘टॉप सीक्रेट’ पर राम मंदिर प्रोजेक्ट निर्माण के इंजीनियर दीनानाथ वर्मा Super Exclusive
मंदिर निर्माण से लेकर मंदिर की मिट्टी और चढ़ावे तक एक ‘भयावह महापाप’ की आँखो-देखी गवाही!!
पहली बार!!!
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जब एक युवा कहता है, "मुझे नौकरी मिल गई"... तो वह सिर्फ़ अपनी नहीं, पूरे परिवार की ख़ुशी बयान कर रहा होता है!
आज Mega Job Fair में नौकरी पाने वाले युवाओं से IYC President @UdayBhanuIYC ने मुलाकात की!
यही वजह है कि भारतीय युवा कांग्रेस की यह पहल सिर्फ़ एक कार्यक्रम नहीं, युवाओं के सपनों को अवसरों से जोड़ने का प्रयास है! ❤️
कोटा के लिए निकल चुका हूँ पर दिल में दो नाम गूंज रहे हैं: उमेश और रिया।
कल, सीकर में उमेश और देहरादून में रिया - दोनों ने Re-NEET के दबाव में अपनी ज़िंदगी ख़त्म कर ली।
22 और 23 साल के बच्चे - जिन्हें सपनों के खुले आसमान में उड़ना था वो इस अन्यायी व्यवस्था से हार गए।
ये मौतें एक टूटी, भ्रष्ट व्यवस्था की देन हैं। और इसके ज़िम्मेदार हैं मोदी सरकार और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान जिन्होंने छात्रों की रक्षा करने के बजाय, बार-बार पेपर लीक, परीक्षा कुप्रबंधन, और भविष्य के सदागरों को संरक्षण दिया।
आज कोटा से हम वो लड़ाई शुरू करेंगे जिसका एक ही मक़सद है - किसी बच्चे के सपने ऐसे टूटने न पाएं, किसी माँ-बाप को फिर कभी अपने बच्चे को इस तरह खोना न पड़े।
हर परिवार की यह पीड़ा अब ‘छात्रों की गूंज’ बनकर पूरे देश में गूंजेगी।
#ChhatronKiGoonj
कोटा में छात्रों के हक में राहुल की महारैली...
कोटा में छात्रों से बोले राहुल गांधी 'शिक्षा प्रणाली छात्रों का दमन करती है...'
#Kota | Rahul Gandhi Kota | #Khabardar | @mausamii2u | @SwetaSinghAT
कोटा में छात्रों के साथ सीधा संवाद, हाल के सालों में किसी भी भारतीय राजनेता द्वारा किया गया अनोखा प्रयोग है..राजनीति से इतर, युवाओं के शिक्षा और परीक्षा के साथ रोजगार और भविष्य की चिंता को समझना, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने युवाओं के नब्ज को पकड़ लिया है..सुनिए कोटा में राहुल ने क्या कहा..👇
I want to especially thank Kota, the nervous system of India’s education system.
I am proud of all the students. I wish you all the best, and I hope you do really well in life.
: LoP Shri @RahulGandhi
📍 Kota
Lakhs spent. Countless hours invested. Dreams built over years. Students have fulfilled every responsibility asked of them. Join Shri Rahul Gandhi in Kota as he stands with students seeking transparency, fairness, and justice.
Chhatron Ki Goonj - Kota Maha Rally
🗓️17th June 2026
🕜5:30 PM
📍Dussehra Ground, Kota
Registration Link in Bio.
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