जब मन कमजोर होता है.. परिस्थितियां समस्या
बन जाती हैं।जब मन स्थिर होता है.. परिस्थितियां चुनौती बन जाती हैं। जब मन मजबूत होता है... परिस्थितियां अवसर बन जाती है
कल तक हम शर्मिंदा थे कि हमारे देश के बच्चे कितनी गन्दी गन्दी गालियां दे रहे हैं
नंगा नाच कर रहे हैं
नशे में डूब कर अश्लिल हरकते कर रहे हैं
यही हमारे भविष्य हैं?
लेकिन अचानक कुछ ऐसा हुआ कि भ्रम टूट गया।
झारखंड के बच्चों ने दिखाया कि छात्र आंदोलन क्या होता है?
ना भद्दे नारे ना गंदे पोस्टर
ना रील बनाने वाले
ना जुनैद ना शबाना
ना इस्तीफे की मांग
ना किसी नेता को गाली देना
एक लकीर खींच दी गई है
आप प्रोटेस्ट कैसा चाहते हैं?
जंतर मंतर वाला
या रांची वाला
हमें गर्व है हमारे देश के #Gen G पर
#JSSC #JPSC
#jharkhand
कांग्रेस का काला अध्याय
144. 7 अगस्त 1948 तत्कालीन प्रधानमंत्री नेहरु जी ने ब्रिटिश राजा के आगे गिड़गिड़ाते हुए घुटने टेककर माफ़ी माँगी ।1947 में भारत एक सार्वभौमिक राष्ट्र बन गया एक भारतीय राजागोपालाचारी जी गवर्नर जनरल बन गए थे,उस वक़्त गलती से ब्रिटिश राजा का हैदराबाद के निज़ाम को सम्बोधित पत्र प्रधानमंत्री नेहरु जी के कार्यालय ने गलती से खोल लिया था ।राजा आग बबूला हो गए,ग़ुलाम नेहरु जी ने अपनी कायरता का परिचय दिया तथा भारत के 33 करोड़ लोगों के आत्मसम्मान को ताक पर रखकर राजा के सामने ना केवल गिड़गिड़ाते हुए माफ़ी माँगी बल्कि माफ़ी नामा का पत्र विशेष विमान व विशेष व्यक्ति बलवंत सिंह पुरी जी के माध्यम से लंदन भेजा ।लंदन में अपने राज़दार कृष्ण मेनन जी को हिदायत दी कि यह बात किसी को पता नहीं चलनी चाहिये केवल प्राइवेट राज़दार एडविना माउंटबेटन को छोड़कर ।स्वतन्त्र भारत के इतिहास में इतना कमज़ोर और माफीवीर प्रधानमंत्री जिसे केवल अपनी कुर्सी प्यारी थी कोई नहीं हुआ
#CongressDarkHistory
कांग्रेस का काला अध्याय
143. 6 अगस्त 1956 तत्कालीन प्रधानमंत्री नेहरु जी के एडविना माउंटबेटन के लिखे पत्र से यह स्पष्ट है कि भारत के संविधान के अंतर्गत लिए गए शपथ पद और गोपनीयता तार तार थी। अपने व्यक्तिगत सम्बन्धों के माया मोह में नेहरु जी कैबिनेट की गोपनीय सूचना,भारत के आंतरिक मामलों की सूचना एडविना माउंटबेटन को देते थे ।एक विदेशी नागरिक को भारत का प्रधानमंत्री कैबिनेट की सूचना कैसे दे सकता है? क्या आज़ादी के बाद भी हमारा भाग्य विधाता ब्रिटेन ही था ? क्या भारत के बंटवारे में नेहरु जी के व्यक्तिगत संबंधों के कारण ब्रिटिश शासन ने हमें ब्लैक मेल किया? 1947 से लेकर एडविना माउंटबेटन की मृत्यु तक नेहरु जी कितने दिन लंदन रहे और एडविना कितने दिन हिंदुस्तान में रही? लंदन में प्रधानमंत्री नेहरु जी के लिए अलग मकान किराए पर लिया गया उससे कितने पैसे की बर्बादी हुई? भारत के प्रधानमंत्री रहते कितनी गोपनीय जानकारी ब्रिटिश सरकार को दी गई? इस काले कारनामे पर भारत सरकार को एक आयोग बनाना चाहिए जिससे आज के युवा इतिहास को समझ सकें
#CongressDarkHistory
Seven years ago, on this day, Articles 370 and 35(A) became history, marking a decisive new chapter in the journey of Jammu and Kashmir as well as Ladakh.
Since then, the lives of the people of J&K and Ladakh have witnessed wide-ranging transformation. Infrastructure has expanded, opportunities in areas such as education, healthcare, entrepreneurship and sports have grown. Be it the women or the marginalised communities, those who were denied their basic constitutional rights for decades have been empowered thanks to the full application of the Constitution of India.
5th August this year assumes even greater significance as this is the year our nation commemorates the 125th birth anniversary of Dr. Syama Prasad Mookerjee. His lifelong commitment to national unity continues to inspire generations. What he envisioned decades ago found historic fulfilment on 5th August 2019.
We reaffirm our commitment to the progress of Jammu and Kashmir as well as Ladakh and to ensure that every citizen has the opportunity to dream big, achieve and contribute to the making of a Viksit Bharat.
#Article370Abrogation
अमितशाह जी कल लोकसभा में FCRA बिल रखेंगे । क्रिश्चियन मिशनरीज और उनके पालतू कुत्ते जो NGO के माध्यम से देश में धर्मांतरण कीवैश्यावृत्ति कर रहे थे वे बेचैन हैं । और विदेशी ताकतों के दलाल पार्टियां हंगामा कर रही है । जब अमेरिका का विदेश मंत्री कलकत्ता जाकर मदर टेरेसा के आश्रम गया था तभी पता चल गया था कि क्रिश्चियन लॉबी भारत की सरकार के खिलाफ खड़ी हो साजिश कर रही है । देश हिट में इस कानून का हिंदू स्वागत करें । अमितशाह और नरेंद्र मोदी आपके आनेवाली पीढ़ियों को सुरक्षित कर रहें हैं । नेहरू खानदान ने देश बेचा है सिर्फ ।
रवीश कुमार ने कहा- इतने संसाधन नहीं हैं कि, हर प्रदर्शन रिपोर्ट किया जा सके।
यह सुनकर माड़ भात नमक खाकर, बिना तिरपाल के भीगते प्रदर्शन करने वाले छात्रों ने सोचा होगा कि, रवीश तो बहुत गया-गुजरा है। उसके हालात इतने खराब हो गए हैं। बेचारा रवीश!
आत्मिक विकास व्यक्ति के भीतर सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण की भावना का संचार करता है। इसी से प्रेरित होकर आज हमारी युवा शक्ति देश को हर क्षेत्र में आगे ले जा रही है।
आत्मोदयः परज्यानिर्द्वयं नीतिरितीयती।
तदूरीकृत्य कृतिभिर्वाचस्पत्यं प्रतायते ।।
@MediaHarshVT BJP के केन्द्रीय नेतृत्व के बारे में आम जनमानस को कोई समस्या नहीं है. समस्या local leader में है जो village, block और distinct के लोगों से है! इनकी ghamand satve aashman पर है!
NEET प्रवेश परीक्षा पर छात्र हितों का स्वांग रचने वाली कांग्रेस का मुखौटा कर्नाटक में उतर गया है। वेटरनरी और पुलिस प्रवेश परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों पर मंत्री प्रियांक खड़गे का बयान बेहद असंवेदनशील और निंदनीय है।
त्यागपत्र मांगना है तो पहले 25 दिन भूख हड़ताल करिए, लाठीचार्ज सहिए…जैसे बयान बताते हैं कि छात्र हितों की बात करने वाली कांग्रेस का वास्तविक चेहरा कितना छात्र-विरोधी है।
एक ओर प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी ने छात्रों के प्रति संवेदनशीलता और उदारता का परिचय दिया, वहीं कांग्रेस का रवैया छात्रों के प्रति अहंकार और असंवेदनशीलता से भरा दिखाई देता है।
भारतीय जनता पार्टी प्रियांक खड़गे जी के इस बयान की कठोर निंदा करती है।
और छात्रों को आगाह करती है कि यह वास्तविकता में आपके हितों के नाम पर जो राजनीति कर रहे हैं, उसका असली चेहरा क्या है। कर्नाटक में इस परीक्षा में जो-जो गड़बड़ियां हुई हैं और परीक्षार्थियों के साथ जो अन्याय हुआ है, उसके ऊपर कार्रवाई करके कठोर दंड सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
निरंतर प्रयास और साधना से हमारी प्रतिभा और निखरती है। आज हमारे युवा इन्हीं गुणों को आत्मसात कर दुनियाभर में देश का नाम रोशन कर रहे हैं।
न हि ज्ञानेन सदृशं पवित्रमिह विद्यते ।
तत्स्वयं योगसंसिद्ध: कालेनात्मनि विन्दति ॥