बच्चे क्लास नहीं लगने से महाविद्यालय आके वापस चले जा रहे है, कई जगह ऐसे है जहां बच्चे दूर दराज से कैसे कैसे करके बस से फिर ऑटो से महाविद्यालय आ रहे और बिना क्लास के चले जा रहे है। जब अतिथि व्याख्याता महाविद्यालय के मुख्य पिलहर है वो अभी तक ज्वाइनिंग के लिए दर दर भटक रहे है।
@tankramvermabjp@vishnudsai माननीय मुख्यमंत्री एवं उच्चशिक्षा मंत्री जी पूरे प्रदेश के शास. महाविद्यालयों में आखिर कब तक पढ़ाई भगवान भरोसे चलेगी।उच्च शिक्षा विभाग कब कुंभकर्णी निद्रा से जागेगा।बच्चों की पढ़ाई अधर में लटकी है।कृपा करके अतिथि व्याख्याताओं की नियुक्ति आदेश जारी करे
@tankramvermabjp@vishnudsai माननीय मुख्यमंत्री एवं उच्चशिक्षा मंत्री जी पूरे प्रदेश के शास. महाविद्यालयों में आखिर कब तक पढ़ाई भगवान भरोसे चलेगी।उच्च शिक्षा विभाग कब कुंभकर्णी निद्रा से जागेगा।बच्चों की पढ़ाई अधर में लटकी है।कृपा करके अतिथि व्याख्याताओं की नियुक्ति आदेश जारी करे
@ShivamP23296866@tankramvermabjp@vishnudsai बच्चे क्लास नहीं लगने से महाविद्यालय आके वापस चले जा रहे है, कई जगह ऐसे है जहां बच्चे दूर दराज से कैसे कैसे करके बस से फिर ऑटो से महाविद्यालय आ रहे और बिना क्लास के चले जा रहे है। जब अतिथि व्याख्याता महाविद्यालय के मुख्य पिलहर है वो अभी तक ज्वाइनिंग के लिए दर दर भटक रहे है।
माननीय वित्त मंत्री जी जब उच्च शिक्षा विभाग को स्पष्ट रूप से अतिथि व्याख्याता की भर्ती प्रक्रिया न रुके कह दिए है तो फिर आज दिनांक तक नियुक्ति क्यों नहीं हो सकी हैl
@OPChoudhary_Ind@tankramvermabjp माननीय वित्त मंत्री जी के आपके निर्देश देने के बाद भी उच्च शिक्षा विभाग ने आज दिनांक तक अतिथि व्याख्याताओ की नियुक्ति नहीं की है जिससे शिक्षा और रोजगार दोनों के साथ खिलवाड़ हो रहा है । कृपा करके अतिथि व्याख्याताओं की तत्काल नियुक्ति आदेश निकलवाए
@ShivamP23296866@tankramvermabjp@OPChoudhary_Ind@vishnudsai@HigherEduCgGov महाविद्यालय में पढ़ाने वाले अतिथि व्याख्याता की अब तक ज्वाइनिंग नहीं हो पाई है, जिससे पढ़ाई प्रभावित है, उच्च शिक्षा में गुणवत्ता कैसे आएगी, वार्षिक पाठ्यक्रम नहीं है अब सेमेस्टर और NEP है, कैसे इसका क्रियान्वयन होगा बिना अतिथि व्याख्याता के।
महाविद्यालय में पढ़ाने वाले अतिथि व्याख्याता की अब तक ज्वाइनिंग नहीं हो पाई है, जिससे पढ़ाई प्रभावित है, उच्च शिक्षा में गुणवत्ता कैसे आएगी, वार्षिक पाठ्यक्रम नहीं है अब सेमेस्टर और NEP है, कैसे इसका क्रियान्वयन होगा बिना अतिथि व्याख्याता के।
@tankramvermabjp@OPChoudhary_Ind@vishnudsai@HigherEduCgGov माननीय मुख्यमंत्री महोदय जी पूरे प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयो में विभागीय लापरवाही से आज तक अतिथि व्याख्याताओं की नियुक्ति नहीं हो पाई है जिससे पूरे प्रदेश के कॉलेज में पढ़ाई ठप्प है। कृपा करके संज्ञान लीजिए 🙏🙏
समय मूल्यवान है! जुलाई समाप्ति की कगार पर है पर छत्तीसगढ़ के कॉलेजों में न तो पढ़ाई शुरू हुई न अतिथि व्याख्याता बुलाए गए। NEP का पालन कैसे हो रहा है? अतिथि व्याख्याताओं के सहारे चलने वाले कॉलेजों में छात्र-छात्राओं का भविष्य अधर में है। @vishnudsai@ramendeka16 🙏🙏🙏 Help us
समय मूल्यवान है! जुलाई समाप्ति की कगार पर है पर छत्तीसगढ़ के कॉलेजों में न तो पढ़ाई शुरू हुई न अतिथि व्याख्याता बुलाए गए। NEP का पालन कैसे हो रहा है? अतिथि व्याख्याताओं के सहारे चलने वाले कॉलेजों में छात्र-छात्राओं का भविष्य अधर में है। @vishnudsai@ramendeka16 🙏🙏🙏 Help us
NEP क्या कागजों के पन्नों में लागू है, क्योंकि अकादमी कैलेंडर 2025-26 जारी है जिसमें जुलाई से कक्षाएं प्रारंभ होनी थी, परंतु अधिकतर शासकीय महाविद्यालयों में अतिथि व्याख्याता कार्यरत थे जिनकी नियुक्ति अभी तक नहीं हुआ है तो कक्षाएं ले कौन रहा है।
@vishnudsai छत्तीसगढ़ के शासकीय महाविद्यालयों में अतिथि व्याख्याताओं को मई माह से एक महीने तक ब्रेक दिया गया है, अतिथि व्याख्याता नीति 2024 के तहत एक माह ब्रेक के बाद पुनः ज्वाइनिंग नहीं दिया गया है। कृपया इस पर जल्द से जल्द कार्यवाही करने का कष्ट करे सर।
@vishnudsai छत्तीसगढ़ महाविद्यालय अतिथि व्याख्याताओ के लिए अतिथि व्याख्याता नीति 2024 लाया गया सर, लेकिन उस नीति का विभाग द्वारा सही से पालन नहीं किया जा रहा है। एक माह ब्रेक मई माह 2025 में दिया गया, एक माह बिताने के बाद भी ज्वाइनिंग नहीं दिया गया है। इस पर संज्ञाएं लीजिए सर।
छत्तीसगढ़ के शासकीय महाविद्यालयों में अतिथि व्याख्याताओं की नियुक्ति को लेकर नीति 2024 लागू होने के बावजूद असमंजस की स्थिति बनी हुई है। एक माह के ब्रेक के बाद भी नियुक्ति प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है, जिससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। क्या यह शिक्षा के साथ अन्याय नहीं है?
प्राचार्यों द्वारा अलग-अलग तरीके से आमंत्रण पत्र जारी किए जा रहे हैं, जिससे पारदर्शिता और एकरूपता नदारद है। क्या यह मनमानी नियुक्ति प्रक्रिया को बढ़ावा नहीं देता?
साथ ही अतिथि शिक्षकों को आकस्मिक या पारिवारिक अवकाश नहीं मिलना, माता-पिता बनने पर भी मानवीय सहूलियत से वंचित रहना, क्या इसे श्रमिक शोषण नहीं कहा जाए?
रिक्त पदों की जानकारी का सार्वजनिक पोर्टल पर न होना भी एक बड़ा सवाल है। क्या विभाग पारदर्शिता से डर रहा है?
सरकार को चाहिए कि जल्द स्पष्ट निर्देश जारी करे और नीति 2024 में जरूरी संशोधन करे, ताकि शिक्षा व्यवस्था मजबूत हो।
#Chhattisgarh
छत्तीसगढ़ के शासकीय महाविद्यालयों में अतिथि व्याख्याताओं की नियुक्ति को लेकर नीति 2024 लागू होने के बावजूद असमंजस की स्थिति बनी हुई है। एक माह के ब्रेक के बाद भी नियुक्ति प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है, जिससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। क्या यह शिक्षा के साथ अन्याय नहीं है?
प्राचार्यों द्वारा अलग-अलग तरीके से आमंत्रण पत्र जारी किए जा रहे हैं, जिससे पारदर्शिता और एकरूपता नदारद है। क्या यह मनमानी नियुक्ति प्रक्रिया को बढ़ावा नहीं देता?
साथ ही अतिथि शिक्षकों को आकस्मिक या पारिवारिक अवकाश नहीं मिलना, माता-पिता बनने पर भी मानवीय सहूलियत से वंचित रहना, क्या इसे श्रमिक शोषण नहीं कहा जाए?
रिक्त पदों की जानकारी का सार्वजनिक पोर्टल पर न होना भी एक बड़ा सवाल है। क्या विभाग पारदर्शिता से डर रहा है?
सरकार को चाहिए कि जल्द स्पष्ट निर्देश जारी करे और नीति 2024 में जरूरी संशोधन करे, ताकि शिक्षा व्यवस्था मजबूत हो।
#Chhattisgarh
छत्तीसगढ़ के शासकीय महाविद्यालयों में अतिथि व्याख्याताओं की नियुक्ति को लेकर नीति 2024 लागू होने के बावजूद असमंजस की स्थिति बनी हुई है। एक माह के ब्रेक के बाद भी नियुक्ति प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है, जिससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। क्या यह शिक्षा के साथ अन्याय नहीं है?
प्राचार्यों द्वारा अलग-अलग तरीके से आमंत्रण पत्र जारी किए जा रहे हैं, जिससे पारदर्शिता और एकरूपता नदारद है। क्या यह मनमानी नियुक्ति प्रक्रिया को बढ़ावा नहीं देता?
साथ ही अतिथि शिक्षकों को आकस्मिक या पारिवारिक अवकाश नहीं मिलना, माता-पिता बनने पर भी मानवीय सहूलियत से वंचित रहना, क्या इसे श्रमिक शोषण नहीं कहा जाए?
रिक्त पदों की जानकारी का सार्वजनिक पोर्टल पर न होना भी एक बड़ा सवाल है। क्या विभाग पारदर्शिता से डर रहा है?
सरकार को चाहिए कि जल्द स्पष्ट निर्देश जारी करे और नीति 2024 में जरूरी संशोधन करे, ताकि शिक्षा व्यवस्था मजबूत हो।
#Chhattisgarh
छत्तीसगढ़ के शासकीय महाविद्यालयों में अतिथि व्याख्याताओं, ग्रंथपालों और प्रयोगशाला सहायकों की नियुक्ति को लेकर गंभीर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
शिक्षा सत्र 2025-26 के लिए जुलाई माह से कक्षाएं प्रारंभ हो चुकी हैं, परंतु एक माह के ब्रेक के बाद भी अब तक नई नियुक्तियां नहीं की गई हैं।
#Chhattisgarh
#HigherEducation
छत्तीसगढ़ के शासकीय महाविद्यालयों में अतिथि व्याख्याताओं, ग्रंथपालों और प्रयोगशाला सहायकों की नियुक्ति को लेकर गंभीर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
शिक्षा सत्र 2025-26 के लिए जुलाई माह से कक्षाएं प्रारंभ हो चुकी हैं, परंतु एक माह के ब्रेक के बाद भी अब तक नई नियुक्तियां नहीं की गई हैं।
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