इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करे ताकि हॉस्पिटल के उपर सख्त कार्रवाई हो सके
मां बाप से पैसे लिए इलाज किया फिर गंभीर बच्चे को अस्पताल से बाहर कर दिया माता-पिता बच्चे को लेकर बाहर बैठे है क्या यही सिस्टम है भारत देश का 😡
सभी साथी सपोर्ट करिए ये सामाजिक मुद्दा है करवाई होनी चाहिए
झारखंड का आदिवासी समुदाय अब अपने अधिकार और सम्मान की लड़ाई के लिए बीजेपी के खिलाफ एकजुट हो रहा है। यह एकजुटता आने वाले समय की राजनीति की दिशा तय करेगी।
भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ प्रतापगढ़ की 'जन आक्रोश महारैली' में अपनी बुलंद आवाज दर्ज कराने पहुँची समस्त देवतुल्य जनता-जनार्दन का हार्दिक आभार। 🙏
देश में डिबेट हो रहा है किस विज्ञापन में किसने क्या पहना
वहीं दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा में बलराज नाम के इस दरिंदे ने पहले 6 साल की बच्ची का रेप किया फिर उसकी लाश को बोरे में भर कर ले जा रहा था
अब कोई आक्रोशित नहीं हुआ? कोई भावनाएं आहत नहीं हो रहीं?
मैनपुरी की 16 वर्षीय नाबालिग छात्रा के साथ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में ग्रेटर नोएडा से दिल्ली के कश्मीरी गेट तक चलती स्लीपर बस में ड्राइवर और कंडक्टर द्वारा सामूहिक दुष्कर्म की घटना न केवल बेहद शर्मनाक और भयावह है, बल्कि निर्भया कांड के बाद बनाए गए महिला सुरक्षा के नियमों और सरकारी निगरानी व्यवस्था की गंभीर अनदेखी को भी उजागर करती है।
माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेश और मोटर वाहन नियमों के तहत यात्री बसों में ऐसी व्यवस्था पर रोक है, जिससे अंदर की गतिविधियां बाहर से दिखाई न दें। इसके बावजूद बस की खिड़कियों पर गहरे पर्दे लगे थे, जिससे अंदर हो रही दरिंदगी बाहर से पूरी तरह छिपी रही। कमर्शियल यात्री वाहनों में लाइव VLTD और पैनिक बटन जैसी सुरक्षा व्यवस्थाएं अनिवार्य हैं और इन्हें कंट्रोल रूम से जुड़ा होना चाहिए। सवाल है कि घटना के दौरान इन सुरक्षा प्रणालियों से कोई अलर्ट क्यों नहीं मिला?
इसी तरह वाणिज्यिक बसों के चालक और परिचालक के पुलिस सत्यापन तथा यूनिफॉर्म पर नेमप्लेट जैसी व्यवस्थाएं निर्धारित हैं। लंबी दूरी की स्लीपर बसों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए CCTV जैसी निगरानी व्यवस्था भी जरूरी है। इसके बावजूद करीब 47 किलोमीटर के सफर के दौरान बस की प्रभावी निगरानी और जांच क्यों नहीं हुई? बस के भीतर CCTV और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाएं थीं या नहीं, इसकी जांच क्यों नहीं हुई?
यह घटना सुरक्षा नियमों के पालन, सरकारी निगरानी और जवाबदेही पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। निर्भया कांड के 14 साल बाद भी यदि बेटियां सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षित नहीं हैं और सुरक्षा के लिए बनाए गए नियम कागजों तक सीमित हैं, तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
“राजधानी एक बार फिर शर्मसार।”
नेपाल से दिल दहला देने वाली तस्वीरें
एक छोटा बच्चा अपनी छोटी बहन का ख्याल रख रहा है और अपने माता-पिता को ढूंढ रहा है ।
उनके चेहरों पर दर्द और खरोंचें देखिए।
यह स्टेज पर इतना फेंक रहे थे कि ख़ुद मुख्यमंत्री सहित सब लोग हँसने लगे
रवि किशन जी आप सांसद हैं, कोई मसखरे थोड़े ही हैं!
और यह जो जनता को अंधा बुलाने की हिमाक़त की है आपने - उसका हिसाब होगा
आज तक किसी देश के गृह मंत्री को इस तरह फील्ड पर काम करते हुए नहीं देखा।
नेपाल के गृह मंत्री "सुदान गुरुंग" खुद राहत बचाव क्षेत्र में आम जनता को रिक्यू करवाने पहुंच चुके हैं।
बाकी लोग तो बस AC में बैठ कर केवल ज्ञान देते हैं।
अंधभक्तों देख लो अपने मालिक को 😭😂
🇮🇳 RSS in India: हमें हिंदू राष्ट्र चाहिए।
🇺🇸 RSS in USA: जो हिंदू सोचता है कि भारत में मुसलमान नहीं होने चाहिए, वह हिंदू ही नहीं है। 🤣
स्पेशल एजेंट मोहन भागवत जी, आपका गेम तो समझ ही नहीं आया…
Well played! 😂👏
जिला बदायूं के दातागंज थाना क्षेत्र में दलित युवक राजेश कोरी की पुलिस कस्टडी में मौत बेहद दुखद,गंभीर और चिन्ताजनक है।
परिजनों के अनुसार, पुलिस की पिटाई के बाद राजेश की हालत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई। अब हवालात के अंदर का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें राजेश पानी पीने की हालत में तक नजर नहीं आ रहा है और पुलिसकर्मी के हाथ छोड़ते ही वह जमीन पर गिर जाता है। यह वीडियो पुलिस की भूमिका और पूरे घटनाक्रम पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
पुलिस कह रही है कि पहले राजेश की तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। लेकिन सवाल यह है कि अगर राजेश की हालत इतनी खराब थी तो उसे समय रहते इलाज क्यों नहीं दिया गया?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि पुलिस के बचाव में परिजनों से तहरीर लेकर दूसरे पक्ष के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर दिया गया। अगर हत्या हुई थी, तो राजेश पुलिस की हवालात में क्यों था? और अगर वह पुलिस हिरासत में सुरक्षित था, तो हवालात के अंदर उसकी हालत इतनी गंभीर कैसे हुई?
दातागंज थाने के CCTV फुटेज को तत्काल सुरक्षित कर सार्वजनिक किया जाए। पुलिस हिरासत में हुई इस मौत की जांच उसी पुलिस तंत्र से नहीं, बल्कि स्वतंत्र एवं उच्चस्तरीय एजेंसी से कराई जाए।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी जवाब दें कि दलित युवक राजेश कोरी की मौत के लिए जिम्मेदार कौन है?
@UPGovt से हमारी मांग है कि पुलिस हिरासत में हुई दलित युवक राजेश कोरी की मौत की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। दोषियों को बचाने के बजाय उनके खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा मृतक के परिवार को न्याय, सुरक्षा और उचित मुआवजा दिया जाए।
हमारी संवेदनाएँ भाई राजेश कोरी के शोकाकुल परिजनों और प्रशंसकों के साथ हैं। प्रकृति उन्हें इस असीम दुख को सहने की शक्ति प्रदान करे।
जयपुर में 16 नंबर बस ने इस बहन को उतरने ही नहीं दिया, उसके गंतव्य से दो किलोमीटर दूर जाकर बस रोकी, जब लड़की ने बस वालों से पूछा तो वह लोग गालियां देने लगे,कहा उतार के चप्पल मारूंगा।
इससे अच्छा तो टिकट लेकर यात्रा करना चाहिए रक्षाबंधन में फ्री यात्रा अपमानजनक है।
"हमें चाइनीज मत कहो, हमें भारतीय कहो"
◆ अरुणाचल प्रदेश की नन्ही बच्ची ने भावुक अपील करते हुए कहा
#Chinese | #ArunachalPradesh | Chinese | #Chinese | Chinese | Arunachal Pradesh
कॉकरोच जनता पार्टी के नेता आशुतोष रांका ने राजस्थान सरकार को दिया 48 घंटे का समय
◆ कहा, "48 घंटे के अंदर ऐक्शन लो, नहीं तो बड़ा आंदोलन करेंगे"
◆ CJP नेताओं ने जयपुर में स्कूल का दौरा करते हुए स्थानीय लोगों पर मारपीट करने का आरोप लगाया
#CockroachJantaParty | Cockroach Janta Party | Ashutosh Ranka | #AshutoshRanka | @AshutoshRanka
जिस स्कूल के लिए CJP कार्यकर्ताओं की
पिटाई हुई, वहा की हकीकत देखिए 👇
वहा के बच्चों का भविष्य तबेले में है जहाँ जानवरो का चारा रखा है वहा बच्चों की पढ़ाई हो रही है,,
ये BJP का मॉडल है !!