#न_जन्म_हुआ_न_मरा_कबीरा
ऋग्वेद मण्डल 10, सूक्त 4, मंत्र 3 जिसमें स्पष्ट है कि पूर्ण परमात्मा का जन्म नहीं होता, वह सशरीर प्रकट होता है।
कबीर साहेब माता के गर्भ से जन्म नहीं लेते। वे सन् 1398, विक्रमी संवत् 1455 में, काशी के पवित्र लहरतारा तालाब में खिले कमल के पुष्प पर शिशु रूप में सशरीर प्रकट हुए थे। यह कोई सामान्य जन्म नहीं, बल्कि साक्षात् परमात्मा का प्राकट्य था।
2Days Left Kabir Prakat Diwas
#न_जन्म_हुआ_न_मरा_कबीरा
जिनका नहीं जन्म का कोई प्रमाण, वह है कबीर भगवान
आज से लगभग 600 वर्ष पहले, काशी के लहरतारा तालाब में कमल के फूल पर परमेश्वर कबीर जी का सशरीर प्राकट्य हुआ था। इसके जीवंत साक्ष्य आज भी लहरतारा तालाब, काशी में विद्यमान हैं।
600 साल पुराना रहस्य, आज भी काशी की धरती गवाह है!
कबीर साहेब वह अविनाशी परमात्मा हैं जो हर युग में जन्म नहीं लेते बल्कि सशरीर प्रकट होते हैं। कलियुग में वे काशी के लहरतारा तालाब में, कमल के फूल पर, विक्रमी संवत् 1455 (सन् 1398) की ज्येष्ठ पूर्णिमा को सशरीर प्रकट हुए और इसके साक्ष्य आज भी काशी में मौजूद हैं। जिन्हें संत रामपाल जी महाराज ने उजागर किया है।
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ऋग्वेद मण्डल 9, सूक्त 93, मंत्र 2 के अनुसार परमात्मा सशरीर पृथ्वी पर आता है, वही साक्षात् रूप कबीर साहेब का है, जिनका जन्म नहीं हुआ बल्कि सशरीर प्राकट्य हुआ।🌺🌺🌺👇👇👇
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♦️वेद कहते हैं, परमात्मा सशरीर आता है!
ऋग्वेद मण्डल 9, सूक्त 93, मंत्र 2 के अनुसार परमात्मा सशरीर पृथ्वी पर आता है, वही साक्षात् रूप कबीर साहेब का है, जिनका जन्म नहीं हुआ बल्कि सशरीर प्राकट्य हुआ। इसी ऐतिहासिक सत्य के उपलक्ष्य
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600 साल पुराना रहस्य आज भी काशी की धरती गवाह है!
कबीर साहेब वह अविनाशी परमात्मा हैं जो हर युग में जन्म नहीं लेते बल्कि सशरीर प्रकट होते हैं।
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#न_जन्म_हुआ_न_मरा_कबीरा
गरीब, साहिब पुरुष कबीर कूँ, जन्म लिया नहीं कोय।
शब्द स्वरूपी रूप है, घट घट बोलै सोय।।
ज्येष्ठ पूर्णिमा, विक्रमी संवत् 1455 (सन् 1398) की ब्रह्म मुहूर्त की वह घड़ी जब कबीर परमेश्वर सतलोक से सशरीर चलकर लहरतारा तालाब के कमल पर शिशु रूप में प्रकट हुए।
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संत गरीबदास जी महाराज ने भी अपनी अमरवाणी में स्पष्ट किया है कि जिसके जन्मदाता कोई माता-पिता नहीं हैं और जिसके जन्म का कोई प्रमाण नहीं है वह केवल पूर्ण ब्रह्म कबीर साहेब है।
गरीब, मात पिता जाके नहीं, नहीं जन्म प्रमाण।
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जिनका नहीं जन्म का कोई प्रमाण, वह है कबीर भगवान
आज से लगभग 600 वर्ष पहले, काशी के लहरतारा तालाब में कमल के फूल पर परमेश्वर कबीर जी का सशरीर प्राकट्य हुआ था। इसके जीवंत साक्ष्य आज भी लहरतारा तालाब, काशी में विद्यमान हैं। संत रामपाल जी महाराज की पावन उपस्थित
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कबीर साहेब माता के गर्भ से जन्म नहीं लेते। वे सन् 1398, विक्रमी संवत् 1455 में, काशी के पवित्र लहरतारा तालाब में खिले कमल के पुष्प पर शिशु रूप में सशरीर प्रकट हुए थे। यह कोई सामान्य जन्म नहीं, बल्कि साक्षात् परमात्मा का प्राकट्य था।
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कबीर साहेब के न कोई माता-पिता हैं, न उनका जन्म-मृत्यु का कोई बंधन है। वे अविनाशी और सर्वशक्तिमान पूर्ण परमात्मा हैं, जो हर युग में जीवों के उद्धार हेतु सशरीर धरती पर प्रकट होते हैं।
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ज्येष्ठ पूर्णिमा, विक्रमी संवत् 1455 (सन् 1398) की ब्रह्म मुहूर्त की वह घड़ी जब कबीर परमेश्वर सतलोक से सशरीर चलकर लहरतारा तालाब के कमल पर शिशु रूप में प्रकट हुए।
कबीर साहेब के न कोई माता-पिता है, न उनका जन्म-मृत्यु का कोई बंधन है। वे अविनाशी और सर्वशक्तिमान पूर्ण परमात्मा है, जो हर युग में जीवों के उद्धार हेतु सशरीर धरती पर प्रकट होते हैं।
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गरीब, साहिब पुरुष कबीर कूँ, जन्म लिया नहीं कोय।
शब्द स्वरूपी रूप है, घट घट बोलै सोय।।
ज्येष्ठ पूर्णिमा, विक्रमी संवत् 1455 (सन् 1398) की ब्रह्म मुहूर्त की वह घड़ी जब कबीर परमेश्वर सतलोक से सशरीर चलकर लहरतारा तालाब के कमल पर शिशु रूप में प्रकट हुए।
पूर्ण संत रामपाल जी महाराज जी से नाम दीक्षा प्राप्त करे जी ll
#संतरामपालजी_का_वरदान#शुद्ध_जल_पियेगा_हिंदुस्तान
हंसी गांव बडाला -
संत रामपाल जी महाराज के शुद्ध पेयजल अभियान के तहत नहर से जलघर की डिग्गी तक पानी पहुंचाने के लिए 3,500 फीट लंबी मजबूत पाइपलाइन और पानी की मोटर उपलब्ध कराई गई। अब गांव के हर घर में समय पर स्वच्छ और मीठा पानी पहुंचना सुगम होगा।
पूर्ण संत रामपाल जी महाराज जी
#संतरामपालजी_का_वरदान#शुद्ध_जल_पियेगा_हिंदुस्तान
ग्राम पंचायत की प्रार्थना के मात्र 12 से 15 घंटे के भीतर संत रामपाल जी महाराज के शुद्ध पेयजल अभियान के तहत कुल 12,800 फीट लंबी पाइपलाइन और समर्सिबल ट्यूबवेल की व्यवस्था की गई। जिससे गाँव की 8000 की आबादी को सदा के लिए मुक्ति मिली।
#संतरामपालजी_का_वरदान#शुद्ध_जल_पियेगा_हिंदुस्तान
सोनीपत के बिधलान गांव की वर्षों पुरानी पेयजल समस्या और प्रदूषित तालाब की निकासी का हुआ स्थायी समाधान। ग्राम पंचायत की प्रार्थना के मात्र 12 से 15 घंटे के भीतर संत रामपाल जी महाराज के शुद्ध पेयजल अभियान के तहत कुल 12,800 फीट लंबी
#संतरामपालजी_का_वरदान#शुद्ध_जल_पियेगा_हिंदुस्तान
सोनीपत के बिधलान गांव की वर्षों पुरानी पेयजल समस्या और प्रदूषित तालाब की निकासी का हुआ स्थायी समाधान। ग्राम पंचायत की प्रार्थना के मात्र 12 से 15 घंटे के भीतर संत रामपाल जी महाराज के शुद्ध पेयजल अभियान के तहत कुल 12,800 फीट लंबी